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वर्ष 2019 : रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी का अंतरराष्ट्रीय वर्ष

International Year of the Periodic Table of Chemical Elements
  • 29 जनवरी, 2019 को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा पेरिस में ‘रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी के अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ (International Year of the Periodic Table of Chemical Elements) को लांच किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि 20 दिसंबर, 2017 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनी 74वीं पूर्ण बैठक के दौरान वर्ष 2019 को रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।
  • रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी एक ऐसा अद्वितीय साधन है, जो वैज्ञानिकों को पृथ्वी तथा शेष ब्रह्मांड पर पाए जाने वाले पदार्थों (Matter) के रंग-रूप तथा गुणधर्म (Properties) का आकलन करने में सक्षम बनाता है।
  • आवर्त सारणी, इस प्रकार से तैयार किया गया तत्वों का एक चार्ट है कि समान गुणधर्म वाले तत्व एक ही स्तंभ या वर्ग में उपस्थित होते हैं।
  • आवर्त सारणी में तत्वों की क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त (Periods) कहा जाता है।
  • जबकि तत्वों के खड़े स्तंभ (Vertical Columns) समूह या वर्ग (Groups) कहलाते हैं।
  • उल्लेखनीय है कि आवर्त सारणी की खोज का श्रेय रूसी वैज्ञानिक दमित्री मेंडेलीव (Dmitri Mendeleev) को दिया जाता है।
  • उन्होंने 1869 ई. में आवर्त सारणी का आविष्कार किया था।
  • हालांकि आवर्ती संबंधों के अध्ययन का आरंभ डॉबेराइनर ने किया था, किंतु मेंडेलीव ने ही आवर्त नियम को पहली बार प्रकाशित किया।
  • मेंडेलीव की आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमानों (Atomic Masses) के आधार पर तथा रासायनिक गुणधर्मों की समानता के आधार पर भी क्रमायोजित किया गया है।
  • मेंडेलीव ने यह प्रस्तावित किया था कि जब तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु-भारों के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तब नियमित अंतराल के पश्चात उनके भौतिक तथा रासायनिक गुणों में समानता पाई जाती है।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में मेंडेलीव द्वारा आवर्त सारणी की खोज की 150वीं वर्षगांठ भी है।
  • ज्ञातव्य है कि वर्ष 2019 में IUPAC की स्थापना के 100 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।
  • वर्ष 1919 में अकादमिक तथा औद्योगिक रसायनज्ञों के एक समूह द्वारा IUPAC (International Union of Pure & Applied Chemistry) की स्थापना की गई थी।
  • वर्ष 2019 को रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाए जाने का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा मानवजाति के सतत विकास में आवर्त सारणी के महत्व पर प्रकाश डालना है।
  • रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी का अंतरराष्ट्रीय वर्ष, 2019 नामक इस विश्वव्यापी पहल को IUPAC का समर्थन प्राप्त है।
  • इसके अतिरिक्त इस पहल में आईयूपीएपी (IUPAP : International Union of Pure & Applied Physics), यूरोपियन एसोसिएशन फॉर केमिकल एंड मॉलिक्यूलर साइंस (EuCheMs), आईसीएसयू (ICSU : International Council for Science), आईएयू (IAU : International Astrono-mical Union) तथा आईयूएचपीएस (IUHPS : The International Union of History & Philosophy of Science & Technology) भी सहयोग कर रहे हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2019 को ‘देशीय भाषाओं का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ (International Year of Indigenous Languages) भी घोषित किया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व भर में बोली जाने वाली अनुमानित 6700 भाषाओं में से 40 प्रतिशत विलुप्त होने की कगार पर हैं।
  • अतः देशीय भाषाओं का अंतरराष्ट्रीय वर्ष देशीय भाषाओं के संवर्धन एवं संरक्षण के साथ-साथ इन भाषाओं को बोलने वाले लोगों के जीवन में सुधार लाने में भी सहायक होगा।
  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2019 को ‘संयम का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ (Internationl Year of Moderation) भी घोषित किया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2020 को ‘पादप स्वास्थ्य के अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ (International Year of Plant Health) के रूप में मनाया जाएगा।
  • ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष 40 प्रतिशत तक वैश्विक खाद्य फसलें कीटों के कारण नष्ट हो जाती हैं।
  • आर्थिक मूल्य की दृष्टि से देखें तो पादप रोगों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष 220 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता है।
  • पादप स्वास्थ्य का अंतरराष्ट्रीय वर्ष खाद्य सुरक्षा में वृद्धि करने, पर्यावरण एवं जैव विविधता के संरक्षण तथा आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में पादप स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालने में योगदान देगा।

सं. सौरभ मेहरोत्रा