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राष्ट्रीय आय : अनंतिम अनुमान, 2018-19

National Income: Provisional Estimate, 2018-19
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • वर्ष 2018-19 के लिए राष्ट्रीय आय के अनंतिम अनुमान ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय’ (NSO) द्वारा 31 मई, 2019 को जारी किए गए।
  • राष्ट्रीय आय के अनुमान ‘सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय’, भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय’ (NSO) द्वारा स्थिर (2011-12) कीमतों एवं चालू कीमतों (Current Prices) पर जारी किए जाते हैं।
  • वित्त वर्ष 2018-19 के लिए स्थिर एवं चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय के अनंतिम अनुमानों (Provisional Estimates : P.E.) के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  • जबकि फरवरी, 2019 में जारी द्वितीय अग्रिम अनुमानों में यह 7.2 प्रतिशत था।
  • अनंतिम अनुमान, 2018-19 (संबंधित तथ्य)
  • वर्ष 2018-19 के अनंतिम अनुमानों के अनुसार, स्थिर (2011-12) कीमतों पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 140.78 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो वर्ष 2017-18 के प्रथम संशोधित अनुमानों (131.80 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 6.8 प्रतिशत अधिक है।
  • वर्ष 2018-19 में चालू कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2017-18 के प्रथम संशोधित अनुमानों (170.95 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 190.10 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर अनुमानित है।
  • वर्ष 2018-19 में स्थिर (2011-12) कीमतों पर वास्तविक सकल मूल्यवर्धन (Real GVA) वर्ष 2017-18 के प्रथम संशोधित अनुमानों (121.04 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 6.6 प्रतिशत बढ़कर 129.07 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।
  • वर्ष 2018-19 में स्थिर (2011-12) कीमतों पर सकल मूल्यवर्धन की वृद्धि दर 6 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में यह 6.9 प्रतिशत अनुमानित थी।
  • वर्ष 2018-19 में सकल राष्ट्रीय आय (GNI) स्थिर (2011-12) कीमतों पर 139.32 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वर्ष 2017-18 में यह 130.34 लाख करोड़ रुपये अनुमानित था। सकल राष्ट्रीय आय (GNI) की वृद्धि दर वर्ष 2017-18 के 7.2 प्रतिशत की तुलना में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित कर रहा है।
  • चालू कीमतों पर सकल राष्ट्रीय आय वर्ष 2018-19 में 188.17 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। यह वर्ष 2017-18 के 169.10 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11.3 प्रतिशित अधिक है।
  • वर्ष 2018-19 में स्थिर (2011-12) एवं चालू कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय क्रमशः 92565 रुपये एवं 126406 रुपये अनुमानित है। जबकि वर्ष 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय स्थिर (2011-12) एवं चालू कीमतों पर क्रमशः 87623 रुपये एवं 114958 रुपये थी।

राष्ट्रीय आय के अनंतिम अनुमान, 2018-19 (लाख करोड़ रुपये में)

        मद                     

स्थिर कीमतों (2011-12) पर

चालू कीमतों पर   

 

2017-18

2018-19 (P.E.)

गत वर्ष की तुलना में % परिवर्तन

2017-18 (P.E.)

2018-19

गत वर्ष की तुलना में % परिवर्तन

सकल घरेलू उत्पाद (GDP)

131.80

140.78

6.6

170.95

190.10

11.2

शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP)

116.77

124.75

6.8

153.13

170.30

11.2

सकल मूल्यवर्धन (GVA)

121.04

129.07

6.6

154.83

172.00

11.1

सकल राष्ट्रीय आय (GNI)

130.34

139.32

6.9

169.10

188.17

11.3

शुद्ध राष्ट्रीय आय (NNI)

115.31

123.30

6.9

151.28

168.37

11.3

प्रति व्यक्ति आय (रुपये में)

87623

92565

5.6

114958

126406

10.0

P.E. = Provisional Estimate (अनंतिम अनुमान)

   सकल मूल्यवर्धन (GVA) में क्षेत्रवार वृद्धि (प्रतिशत में)      

 

         क्षेत्र                    

स्थिर कीमतों (2011-12) पर

चालू कीमतों पर

 

 

2017-18

2018-19 (P.E.)

2017-18

2018-19 (P.E.)

1

कृषि, वानिकी एवं मत्स्यिकी

5.0

2.9

7.0

4.0

2

खनन एवं उत्खनन

5.1

1.3

9.1

16.8

3

विनिर्माण

5.9

6.9

8.9

10.9

4

बिजली, गैस, जलापूर्ति तथा अन्य सेवाएं

8.6

7.0

19.7

13.4

5

निर्माण

5.6

8.7

12.1

13.4

6

व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण, संबंधी सेवाएं

7.8

6.9

11.2

11.6

7

वित्त, रियल एस्टेट एवं व्यावसायिक सेवाएं

6.2

7.4

11.7

12.7

8

लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाएं

11.9

8.6

16.4

14.3

 

सकल मूल्यवर्धन (GVA)

6.9

6.0

11.1

11.7

  P.E. = Provisional Estimate (अनंतिम अनुमान)

  • सी.एस.ओ. तथा एन.एस.एस.ओ. का विलय
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 23 मई, 2019 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आदेशानुसार मंत्रालय ने ‘केंद्रीय सांख्यिकी संगठन’ (CSO) तथा ‘राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन’ (NSSO) का ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय’ (NSO) में विलय करने का निर्णय लिया है।
  • मंत्रालय द्वारा यह निर्णय ‘भारतीय आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली के संबंध में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के काम-काज को सुव्यवस्थित और मजबूत करने तथा मंत्रालय के भीतर प्रशासनिक कार्यों को एकीकृत करके अधिक तालमेल बैठाने हेतु लिया गया।’
  • उद्देश्य
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के आंतरिक पुनर्गठन (CSO एवं NSSO का विलय) का उद्देश्य इसकी स्वायत्तता बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत करना है।
  • पृष्ठभूमि
  • वर्ष 2005 में डॉ. सी. रंगराजन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग ने अन्य बातों के अलावा एक राष्ट्रीय सांख्यिकीविद की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) का गठन करने की सिफारिश की थी, जिसे अधिकारिक आंकड़े पेश करने के लिए समुचित स्वायत्तता एवं स्वतंत्रता प्राप्त होगी, जैसा कि अन्य देशों में प्रचलित है।
  • सरकार ने इन सिफारिशों को स्वीकार करते समय मई, 2005 में तत्कालीन केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) का विलय कर भारत के मुख्य सांख्यिकीविद की अध्यक्षता में एनएसओ का गठन करने की मंजूरी दी थी।
  • एनएसओ सांख्यिकी के क्षेत्र में सरकार के कार्यकारी प्रकोष्ठ के रूप में अपनी सेवाएं देने के लिए तभी से अस्तित्व में था और भारत के मुख्य सांख्यिकीविद (CSI) एवं सचिव इसके एकमात्र पदाधिकारी थे।
  • पुनर्गठन के तहत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) की प्रशासनिक, समन्वयकारी एवं नियोजन गतिविधियों को भी एनएसओ के दायरे में ला दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता अब भी सीएसआई एवं सचिव कर रहे हैं और जिसका उद्देश्य सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सांख्यिकीय गतिविधियों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना है।

संशिवशंकर तिवारी