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रामेश्वरम्-धनुष्कोडि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन

Rameswaram-Dhanashodi broad gauge railway line
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • दिसंबर, 2018 में भारत सरकार ने रामेश्वरम् और धनुष्कोडि के मध्य नए ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बिछाने को स्वीकृति प्रदान की है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह रामसेतु का आरंभिक बिंदु और प्रमुख तीर्थस्थल है।
  • उद्देश्य
  • रामेश्वरम्-धनुष्कोडि ब्रॉडगेज रेलवे लाइन परियोजना का उद्देश्य धनुष्कोडि से रामेश्वरम् को जोड़ना है। ऐसी मान्यता है कि रामेश्वरम् जाने वाले यात्रियों की तीर्थयात्रा धनुष्कोडि में स्नान के उपरांत ही पूर्ण हेाती है।
  • प्रमुख तथ्य
  • रामेश्वरम् में वर्ष 1964 में आए चक्रवात के बाद धनुष्कोडि रेलवे स्टेशन नष्ट हो गया था। यह आज तक उसी स्थिति में है तथा आम लोगों की पहुंच से बाहर है।
  • रेलवे द्वारा पंबन चैनल पर एक नए सेतु के निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जो कि 104 वर्ष पुराने ढांचे को प्रतिस्थापित करेगा।
  • मौजूदा सेतु के बगल में वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज (Vertical Lift Bridge) 249 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित किया जाएगा।
  • भारत में यह पहला वर्टिकल लिफ्ट होगा।
  • रामेश्वरम्
  • रामेश्वरम् मन्नार की खाड़ी में स्थित एक द्वीप तथा एक प्रमुख तीर्थस्थल है।
  • यह भारत की मुख्यभूमि (तमिलनाडु) पंबन सेतु के माध्यम से जुड़ा है।
  • यहां स्थित रामनाथास्वामी मंदिर अत्यधिक प्रसिद्ध है। ऐसा विश्वास है कि रावण को पराजित करने के बाद श्रीलंका से लौटे श्री राम ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी।
  • ओलईकुडा, धनुष्कोडि और पंबन प्रमुख पर्यटक स्थल के साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी प्रमुख स्थल हैं।

लेखक-काली शंकर