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यूएसए ने की संयुक्त राष्ट्र शस्त्र व्यापार संधि से बाहर होने की घोषणा

U.N. Arms Trade Treaty : UNATT
  • वर्तमान संदर्भ
  • 26 अप्रैल, 2019 को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के इंडियानापोलिस में आयोजित ‘नेशनल राइफल एसोसिएशन’ (NRA) के कन्वेंशन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र शस्त्र व्यापार संधि (U.N. Arms Trade Treaty : UNATT) से बाहर होने की घोषणा की।
  • क्या है कारण?
  • UNATT संधि पर ओबामा प्रशासन ने वर्ष 2013 में हस्ताक्षर किया था, परंतु USA की सीनेट ने इसे अनुसमर्थन नहीं प्रदान किया था।
  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी अमेरिकी हितों एवं राष्ट्र की संप्रभुता का हवाला देते हुए सीनेट को इस संधि को अनुसमर्थित नहीं करने एवं इसे लौटाने का आग्रह किया है।
  • USA के अनुसार, UNATT में वर्ष 2020 में ऐसे संशोधन होने की संभावना है, जिन्हें USA समर्थन प्रदान नहीं कर सकता है।
  • रूस एवं चीन सहित 63 देश इस संधि से बाहर हैं, जिससे UNATT के मुख्य उद्देश्य अर्थात हथियारों का गैर-जिम्मेदाराना स्थानांतरण एवं हथियार व्यापार का विनियमन पूर्ण नहीं हो सकते हैं।
  • अमेरिका का कहना है यह संधि गैर-जिम्मेदार हथियार व्यापार को जारी रखने की अनुमति देते हुए केवल जिम्मेदार देशों को विवश करेगी।
  • वस्तुतः वर्तमान में USA विश्व का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है। ऐसी दशा में ट्रम्प की ‘अमेरिका प्रथम’ की नीति एवं अमेरिकी आर्थिक हितों की पूर्ति हेतु ‘UNATT’ ट्रम्प प्रशासन को एक अवरोध के रूप में प्रतीत हो रही है।
  • अब क्या?
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के अनुसार, भविष्य में वह अपने निर्यात नियंत्रण कानूनों के अधीन हथियारों के जिम्मेदाराना व्यापार करेगा तथा इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु अमेरिका को शस्त्र व्यापार संधि की आवश्यकता नहीं है।
  • अमेरिका अपने कानूनों का पालन करना जारी रखेगा, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कानूनी एवं नीति समीक्षा के पश्चात ही हथियारों की बिक्री लागू हो।
  • क्या है UNATT?
  • संयुक्त राष्ट्र शस्त्र व्यापार संधि प्रथम वैश्विक संधि है, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों के मध्य पारंपरिक हथियारों के व्यापार जिसमें आग्नेयास्त्र से लेकर सैन्य विमान सभी कुछ शामिल हैं, हेतु अंतरराष्ट्रीय मानक निर्धारित करना है।
  • यह संधि युद्ध अपराधों एवं मानवाधिकार दुर्व्यवहारों हेतु या अपराधियों द्वारा पारंपरिक हथियारों के अवैध उपयोग को प्रतिबंधित करता है।
  • इस संधि पर 3 जून, 2013 से हस्ताक्षर करना प्रारंभ हुआ था, जबकि 24 दिसंबर, 2014 को यह लागू हुई थी।

ललिन्द्र कुमार