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भारत रत्न, 2019

Bharat Ratna, 2019

पृष्ठभूमि

  • भारत रत्न सम्मान की परंपरा वर्ष 1954 में शुरू हुई थी। 2 जनवरी, 1954 की घोषणा के अनुसार, तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तीन विभूतियों यथा- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सी. राजगोपालाचारी तथा सी.वी. रमन को भारत रत्न प्रदान किया था। तब से लेकर आज तक अनेक विशिष्टजनों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। प्रारंभ में   ‘मरणोपरांत’ किसी व्यक्ति को यह सम्मान नहीं दिया जाता था, किंतु वर्ष 1955 में किए गए प्रावधान के अनुसार, यह सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किया जाने लगा। अब तक कुल 48 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
  • वर्तमान संदर्भ
  • 25 जनवरी, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीन विभूतियों को भारत रत्न पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई। ये हैं-

1.   नानाजी देशमुख (मरणोपरांत)

2.   भूपेन हजारिका (मरणोपरांत)

3.   प्रणब मुखर्जी

  • नानाजी देशमुख : जीवन परिचय
  • चंडिकादास अमृतराव देशमुख (नानाजी देशमुख नाम से लोकप्रिय) का जन्म 11 अक्टूबर, 1916 को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कडोली गांव में हुआ था।
  • उनके पिता का नाम अमृतराव देशमुख तथा माता का नाम राजाबाई था। नानाजी के बाल्यकाल में ही इन दोनों की मृत्यु हो गई थी।
  • वर्ष 1928 में 12 वर्ष की अवस्था में नानाजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (R.S.S.) में शामिल हुए।
  • बाद में वे भारतीय जनसंघ के सदस्य बने। कालांतर में जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का भी हिस्सा रहे।
  • नानाजी वर्ष 1977-79 के दौरान छठीं लोक सभा के सदस्य रहे।
  • वर्ष 1999 में तत्कालीन राजग सरकार ने उन्हें राज्य सभा सदस्य के तौर पर नामित किया था।
  • वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार में उन्होंने मंत्री पद अस्वीकार कर दिया था।
  • उन्होंने ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के तहत चित्रकूट में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना की।
  • 27 Òरवरी, 2010 को चित्रकूट में नानाजी की मृत्यु हुई। उनके मृत्यु के पश्चात उनका शरीर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को सौंप दिया गया।
  • प्रणब मुखर्जी : जीवन परिचय
  • भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर, 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराती गांव में हुआ था।
  • इनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
  • इनकी माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था।
  • वर्ष 1982 में इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में वे पहली बार वित्त मंत्री बने।
  • वर्ष 1980 से 1985 के दौरान उन्होंने राज्य सभा में सदन के नेता के दायित्व का निर्वहन किया।
  • वे वर्ष 1991 से 1996 तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे।
  • उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में दायित्व का निर्वहन किया।
  • वर्ष 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
  • प्रणब मुखर्जी द्वारा लिखित प्रमुख पुस्तकें-

(i)  मिड टर्म पोल

(ii) बियांड सर्वाइवल : इमर्जिंग डाइमेन्शंस ऑफ इंडियन इकोनॉमी

(iii) सागा ऑफ स्ट्रगल एंड सैक्रिफाइस

(iv)चैलेंजेस बिफोर द नेशन

  • भूपेन हजारिका : जीवन परिचय
  • 8 सितंबर, 1926 को भूपेन हजारिका का जन्म भारत के पूर्वोत्तर में स्थित असम राज्य के तिनसुकिया जिले के सादिया में हुआ था।
  • ये बहुमुखी प्रतिभा के कवि, संगीतकार और गायक थे।
  • उनके पिता का नाम नीलकांत और माता का नाम शांतिप्रिया था।
  • अपनी मूल भाषा असमी के अतिरिक्त उन्होंने हिंदी, बंगाली समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में भी गीत गाए।
  • भूपेन हजारिका ने शकुंतला नामक एक असमिया फिल्म का निर्देशन किया, जिसे सर्वश्रेष्ठ असमिया फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
  • वर्ष 1987 में हजारिका को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा वर्ष 1992 में दादासाहब फाल्के पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है।
  • वर्ष 2011 में बांग्लादेश सरकार ने उन्हें मुक्ति योद्धा अवॉर्ड से सम्मानित किया।
  • वर्ष 2012 में वे मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किए गए।
  • 5 नवंबर, 2011 को मुंबई में उनकी मृत्यु हो गई थी।
  • भारत रत्न : महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारत रत्न, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो मानवीय उद्यम (Human endeavour) के किसी क्षेत्र में असाधारण योगदान हेतु प्रदान किया जाता है।
  • भारत रत्न प्रत्येक वर्ष दिया जाए, ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है।
  • वर्ष 1954 से 2019 तक कुल 48 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
  • इनमें 43 पुरुष तथा 5 महिलाएं हैं।
  • मरणोपरांत भारत रत्न सर्वप्रथम पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दिया गया था।

सं. काली शंकर ‘शारदेय’