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भारत में पहला डायनासोर संग्रहालय

The first Dinosaur Museum in India
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 8 जून, 2019 को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने महिसागर जिले के बाला सिनोर कस्बे के रैयोली (Raiyoli) गांव में भारत के पहले डायनासोर संग्रहालय और जीवाश्म पार्क का उद्घाटन किया।
  • उद्देश्य
  • यहां आने वाले पर्यटकों को वास्तविक जुरासिक पार्क का अनुभव व जानकारी प्रदान करना है।
  • इस संग्रहालय में प्रागैतिहासिक काल की तरह का पर्यावरण (माहौल) तैयार किया जाएगा, जहां डायनासोर की 50 कलाकृतियां मौजूद होंगी।
  • प्रमुख तथ्य
  • यह संग्रहालय आधुनिक तकनीकी से सुसज्जित है, इसमें 3-डी प्रोजेक्शन, 360 डिग्री वर्चुअल रियलिटी प्रेजेंटेशन, इंटरैक्टिव कियोस्क, गेमिंग कंसोल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
  • रैयोली गांव को विश्व में तीसरा सबसे बड़ा डायनासोर जीवाश्म स्थल माना जाता है और यह गांव विश्व की दूसरी सबसे बड़ी डायनासोर हैचरी (स्फुटनशाला) के रूप में प्रसिद्ध है।
  • 1980 के दशक में रैयोली गांव में लगभग 10 हजार डायनासोर के अंडे मिले थे।
  • इस संग्रहालय में 10 गैलरी हैं, जो डायनासोर के मूल से विलुप्त होने तक के इतिहास को प्रदर्शित करती हैं, जो 65 करोड़ वर्ष पूर्व विद्यमान थे।
  • इस संग्रहालय का निर्माण कार्य ‘टूरिज्म कॉर्पोरेशन ऑफ गुजरात लिमिटेड’ द्वारा किया गया।
  • गुजरात सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस साइट को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता आवंटित करने की घोषणा की है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • डायनासोर का अर्थ ग्रीक (यूनानी) भाषा में बड़ी (भयंकर) छिपकली होता है। यह ट्राइएसिक काल के अंत (लगभग 23 करोड़ वर्ष पहले) से लेकर क्रिटेशियस काल (लगभग 65 करोड़ वर्ष पहले) के अंत तक अस्तित्व में रहे। इसके बाद ये विलुप्त हो गए।
  • डायनासोर शब्द को सर्वप्रथम 1842 ई. में सर रिचर्ड ओवेन ने गढ़ा था।
  • डायनासोर का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों को जीवाश्म विज्ञानी (Paleontologist) कहते हैं।
  • भारतीय जीवाश्म वैज्ञानिकों द्वारा पिछले 57 वर्ष में खोजे गए डायनासोर के जीवाश्म से इस बात की पुष्टि होती है कि भारत में लगभग 20 तरह के डायनासोर पाए जाते थे। यह देश के पश्चिमी भाग से लेकर दक्षिणी हिस्से तक में स्थित थे।
  • डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित है।

सं.   सुधांशु पाण्डेय