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भारत-मालदीव समझौता

India-Maldives Agreement
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 8-9 जून, 2019 के मध्य भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव की राजकीय यात्रा पर रहे।
  • 30 मई, 2019 को दूसरे कार्यकाल के लिए पद की शपथ लेने के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली विदेश यात्रा है।
  • यात्रा का उद्देश्य
  • भारत के प्रधानमंत्री की मालदीव यात्रा का उद्देश्य ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के महत्व को प्रदर्शित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाना है।
  • भारत और मालदीव के बीच 6 समझौता-ज्ञापनों (MoU)/तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए –

1.  भारतीय नौसेना और मालदीव रक्षा बल के मध्य हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता-ज्ञापन।

2.  भारत सरकार और मालदीव सरकार के मध्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।

3.  शिपिंग मंत्रालय, भारत सरकार और परिवहन व नागरिक उड्डयन मंत्रालय, मालदीव सरकार के मध्य समुद्र द्वारा यात्री और कार्गो सेवाओं की स्थापना के लिए समझौता-ज्ञापन।

4.  सीमा-शुल्क क्षमता विकास में सहयोग के लिए समझौता-ज्ञापन।

5.  अगले 5 वर्षों में मालदीव के 1000 सिविल सेवकों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम पर राष्ट्रीय सुशासन विभाग, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग और मालदीव सिविल सेवा आयोग के बीच समझौता-ज्ञापन।

6.  भारतीय नौसेना और मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के बीच साझा श्वेत नौवहन सूचना पर तकनीकी समझौता।

  • सहयोग के अन्य क्षेत्र
  • इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने संयुक्त रूप से माफिलाफुशी (Maafilafusi) में तटीय निगरानी रडार प्रणाली (CSRS) का उद्घाटन किया, जो भारत द्वारा बनाया गया था।
  • भारत खेल-कूटनीति के अंतर्गत हुलूमले (मालदीव) में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक किक्रेट स्टेडियम का निर्माण करेगा और वहां पर किक्रेट के व्यापक विकास के लिए प्रशिक्षण सहयोग करेगा।
  • इसके साथ भारत, मालदीव की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित ‘शुक्रवार मस्जिद’ के संरक्षण में योगदान देगा, जिसे हुकरु मिस्कीय के नाम से भी जाना जाता है। यह मूंगा पत्थरों से निर्मित मस्जिद है।
  • उल्लेखनीय है कि पहली बार भारत कोच्चि (भारत) तथा कुल्हादुफुशी और माले के बीच एक नियमित यात्री सह-माल-फेरी सेवा शुरू करेगा।
  • इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव के राष्ट्रपति द्वारा मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इजुद्दीन’ से सम्मानित किया गया। यह मालदीव का सर्वोच्च सम्मान है, जो विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है।
  • ज्ञातव्य है कि नवंबर, 2018 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ-ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया था। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का यह पहला मालदीव दौरा था।
  • गौरतलब है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंद समासागर के इस द्वीपीय देश की यात्रा की थी।
  • दिसंबर, 2018 में मालदीव के नवनियुक्त राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भारत की राजकीय यात्रा संपन्न किया था।
  • ज्ञातव्य है कि मार्च, 2019 में भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मालदीव की राजकीय यात्रा संपन्न की और वहां पर तीन महत्वपूर्ण समझौते किए, जो निम्नवत हैं-

1.  राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा की आवश्यकता से छूट पर समझौता।

2.  ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।

3.  स्थानीय निकायों के माध्यम से सामुदायिक विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भारतीय अनुदान सहायता के संबंध में समझौता-ज्ञापन।

  • विदित है कि हिंद महासागर में मालदीव की स्थिति भारत की सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सं.  सुधांशु पाण्डेय