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भारत-फ्रांस संयुक्त नौसैन्य अभ्यास, 2019

Indo-French United Naval Studies, 2019
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 1-10 मई व 22-25 मई, 2019 तक भारत एवं फ्रांस नौसेना के मध्य ‘वरुण’ 19.1 और 19.2 नामक नौसैन्य अभ्यास संपन्न हुए।
  • ये नौसैन्य अभ्यास गोवा और अफ्रीका महाद्वीप में अवस्थित देश जिबूती के समुद्री तट पर आयोजित हुए।
  • यह अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त नौसैन्य अभ्यास है।
  • पृष्ठभूमि
  • वर्ष 1983 में सर्वप्रथम भारत एवं फ्रांस के मध्य समुद्री सहयोग, सामरिक व रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त नौसैनिक अभ्यास प्रारंभ हुए, जिसे वर्ष 2001 में ‘वरुण’ नाम प्रदान किया गया।
  • भारत-फ्रांस नौसेना के मध्य आयोजित होने वाले वार्षिक द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास का यह 17वां संस्करण था।
  • उद्देश्य
  • इस नौसैन्य अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न नौसैन्य ऑपरेशन चुनौतियों से निपटने में दोनों देशों के सैन्य बलों के मध्य अंतर संचालन क्षमता विकसित करना है।
  • यह संयुक्त नौसैन्य अभ्यास समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में दोनों देशों के साझा हितों, समुद्री सहयोग व प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करता है।
  • वरुण, 2019
  • यह नौसैन्य अभ्यास दो चरणों में संपन्न हुए।
  • प्रथम चरण 1-10 मई के मध्य गोवा तथा दूसरे चरण का आयोजन 22-25 मई के मध्य जिबूती के समुद्री तट पर किया गया।
  • प्रथम चरण में दोनों देशों के नौसैन्य अधिकारियों के मध्य सामरिक वार्तालाप, विचार-विमर्श तथा दोनों सैन्य बलों को करीब लाने वाले (Ice Break) विभिन्न खेलों, प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।
  • द्वितीय चरण में उच्चस्तरीय सैन्य सहयोग प्रदर्शित करने वाले द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास का प्रदर्शन किया गया।
  • भारतीय नौसेना की ओर से आईएनएस विक्रमादित्य, तरकश, मुंबई, शंकुल पनडुब्बी (शिशुमार श्रेणी पनडुब्बी), पेट्रोलियम पदार्थ के खोजी दस्ते सहित विभिन्न विध्वंसकों ने भाग लिया।
  • फ्रांस नौसेना की तरफ से एयरक्राफ्ट वाहक एफएनएस-चार्ल्स डी गौले सहित दो एयर विंग (एमआई-29K और राफेल-एम), एफएनएस-फोरबीन, प्रोवेंश, लाट्रच-ट्रेविल व मार्न ने अपना दम-खम दिखाया।
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास की कमान भारतीय महासागर में फ्रांस संयुक्त बल (ALINDIEN : French Joint Forces Commander in Indian Ocean) के हाथों में थी।
  • भारत-फ्रांस रक्षा संबंध
  • सितंबर, 2016 में भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने के लिए अंतर-सरकारी समझौता किया है, जिनकी आपूर्ति प्रारंभ हो गई है।
  • भारत ने फ्रांस के साथ 6 स्कॉर्पीन पनडुब्बी के निर्माण हेतु समझौता वर्ष 2006 में संपन्न हुआ, जो दोनों देशों की आधुनिक प्रगति को दर्शाता है।
  • मार्च, 2018 में भारत-फ्रांस एक-दूसरे के सैन्य अड्डों के उपयोग (ईंधन, मरम्मत) के संबंध में समझौता (MLSA : Mutual Logistics Support Agreement) हुआ, जो हिंद महासागर व अन्य क्षेत्र में सहयोग हेतु संयुक्त सामरिक दृष्टिकोण पर एकमतता को दर्शाता है।
  • भारत-फ्रांस की थल सेना के मध्य संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘शक्ति’ तथा वायु सेना के संयुक्त सैन्य अभ्यास को ‘गरुण’ नाम से आयोजित किया जाता है।
  • संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • गौरतलब है कि जिबूती, इरीट्रिया, इथियोपिया, सोमालिया अफ्रीकी महाद्वीप के पूर्वी तटीय देश हैं, जिनकी भौगोलिक/आकारिक संरचना किसी जानवर के सींग जैसी मालूम पड़ती है, इसीलिए इन्हें हार्न ऑफ अफ्रीकी देश कहा जाता है।
  • निष्कर्ष
  • इन सभी प्रकार के सैन्य अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य भारत-फ्रांस की सेनाओं के मध्य रणनीतिक सामरिक अनुभवों को साझा करके अंतरसंक्रियता को बढ़ावा देना है।

संअश्वनी सिंह