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भारत के राष्ट्रपति की म्यांमार यात्रा

Visit of Myanmar to President of India
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 10 – 14 दिसंबर, 2018 के मध्य भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद म्यांमार की यात्रा पर रहे।
  • गौरतलब है कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, रोहिंग्या मुद्दे एवं सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से म्यांमार बेहद महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है।
  • यात्रा का उद्देश्य
  • भारतीय राष्ट्रपति की म्यांमार यात्रा का उद्देश्य बहुपक्षीय सहयोग में वृद्धि कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
  • संयुक्त घोषणा-पत्र : महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारतीय राष्ट्रपति कोविंद और म्यांमार के राष्ट्रपति यू विन मिंत (U Win Myint) ने न्यायिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सहयोग हेतु समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
  • यात्रा के दौरान भारतीय  राष्ट्रपति ने भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से चल रहे ‘रखाइन राज्य विकास कार्यक्रम’ के तहत रखाइन प्रांत में बने 50 घरों को म्यांमार सरकार को सौंपा।
  • इसके अतिरिक्त दोनों देश शीघ्रातिशीघ्र इमारती लकड़ियों की तश्करी से निपटने और बाघों और अन्य वन्य जीवों के संरक्षण से संबंधित समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने पर सहमत हुए।
  • दोनों पक्षों ने व्यक्तियों की तस्करी की रोकथाम, बचाव, वापसी, प्रत्यावर्तन और तस्करी के पीड़ितों के पुनःएकीकरण पर द्विपक्षीय सहयोग में वृद्धि हेतु शीघ्र ही समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की सहमति दी।
  • अन्य संबंधित तथ्य
  • 12 दिसंबर, 2018 को राष्ट्रपति कोविंद ने ‘एडवांस्ड सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड एजुकेशन’ और ‘राइस बायो पार्क’ का दौरा किया, जो येजीन कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भारत सरकार की सहायता से स्थापित किए गए हैं।
  • दोनों देशों ने ‘कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट’ के संबंध में पोर्ट ऑपरेटर की नियुक्ति हेतु समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।
  • गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए म्यांमार के सितवे बंदरगाह और पलेतवा आंतरिक जल परिवहन टर्मिनलों का व्यावसायिक रूप से प्रयोग संभव होगा, जिससे आस-पास के क्षेत्रों का भी विकास होगा।
  • भारत के जोरिनपुई से म्यांमार के पलेतवा तक हो रहे सड़क निर्माण पर भी दोनों देशों के नेताओं ने संतोष व्यक्त किया।
  • म्यांमार ने भारत के बोधगया में म्यांमार के राजा मिंडन और बाग्यीदा के शिलालेखों एवं मंदिरों के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग की सराहना की।
  • इसके अतिरिक्त दोनों नेताओं ने म्यांमार के ऐतिहासिक शहर बगान (Bagan) में 92 पैगोडा को पुनर्स्थापित और संरक्षित करने के लिए निकट भविष्य में काम शुरू करने की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पहल का भी स्वागत किया।