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भारत के राष्ट्रपति की त्रिदेशीय यात्रा

President of India's tri-nation visit
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • राजकीय यात्राएं हमारे राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधों का संवर्धन करने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने तथा आपसी विश्वासवर्धन में भी सहायक हैं। इसी प्ररिप्रेक्ष्य में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 9-17 सितंबर, 2019 के मध्य तीन यूरोपीय देशों यथा- आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और स्लोवेनिया की राजकीय यात्रा पर रहे।
  • आइसलैंड यात्रा
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी तीन देशीय यात्रा के पहले चरण में 9-11 सितंबर, 2019 के मध्य आइसलैंड की यात्रा पर रहे।
  • इससे पूर्व वर्ष 2005 में तत्कालीन भारतीय राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने आइसलैंड की यात्रा की थी।
  • अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आइसलैंड के राष्ट्रपति गुनी थोरलसियस जोहान्सन तथा आइसलैंड के प्रधानमंत्री कैटरीन जकोब्सदोतीर से मुलाकात की।
  • राष्ट्रपति कोविंद ने आइसलैंड को आर्कटिक परिषद की अध्यक्षता ग्रहण करने पर राष्ट्रपति जोहान्सन को धन्यवाद दिया।
  • उल्लेखनीय है कि मई, 2019 में आयोजित 11वीं आर्कटिक परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में आइसलैंड को 2 वर्षों के लिए आर्कटिक परिषद का अध्यक्ष चुना गया।
  • इस बैठक में भारत को पुनः आर्कटिक परिषद का पर्यवेक्षक चुना गया।
  • सद्यः यात्रा के दौरान भारत तथा आइसलैंड के मध्य मत्स्य पालन में सहयोग, सांस्कृतिक सहयोग तथा राजनायिक एवं आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा वेवर के सहमति- पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  • 10 सितंबर, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘‘हरित ग्रह हेतु भारत आइसलैंड’’ विषय पर आइसलैंड विश्वविद्यालय में लोगों को संबोधित किया।
  • ध्यातव्य है कि भारत के सहयोग से आइसलैंड विश्वविद्यालय में हिंदी पीठ प्रारंभ की जा रही है।
  • भारत-आइसलैंड संबंध
  • भारत और आइसलैंड के संबंध अत्यंत मैत्रीपूर्ण हैं। लोकतंत्र, स्वतंत्रता, कानून का शासन तथा मानव अधिकारों का सम्मान दोनों देशों को परस्पर निकट लाते हैं।
  • वर्ष 2000 से की जा रही उच्चस्तरीय यात्राओं की कड़ी ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति प्रदान की है।
  • भारत में आइसलैंड रेजीडेंट मिशन की स्थापना फरवरी, 2006 में भारत की राजधानी दिल्ली में की गई थी।
  • आइसलैंड में भारतीय रेजीडेंट मिशन की स्थापना अगस्त, 2008 में आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक में की गई थी।
  • आइसलैंड पहला नार्डिक देश है, जिसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का सार्वजनिक तौर पर समर्थन किया था।
  • दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2017-18 में 13.30 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 39.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
  • भारत, आइसलैंड से मुख्यतया कॉड लिवर ऑयल, अन्य मत्स्य उत्पाद, एल्युमीनियम तथा फेरोसिलिकॉन का आयात करता है। भारत से आइसलैंड को मुख्यतया ऑर्गेनिक केमिकल्स, कपड़े, टेक्सटाइल, धागे, अनाज तथा अनाज के अन्य उत्पाद निर्यात किए जाते हैं।
  • स्विट्जरलैंड यात्रा
  • 11-15 सितंबर, 2019 के मध्य भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति उली मौरर के निमंत्रण पर स्विट्जरलैंड की राजकीय यात्रा की।
  • जनवरी, 2018 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड का दौरा किया था।
  • इससे पूर्व अगस्त-सितंबर, 2017 में तत्कालीन स्विस राष्ट्रपति डोरिस लेउथर्ड ने भारत की राजकीय यात्रा की थी।
  • सद्यः यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति और स्विस फेडरल काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की।
  • यात्रा के दौरान 12 सितंबर, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बर्न विश्वविद्यालय में ‘भारत-स्विटजरलैंड : नवयुग साझेदारी हिमालय का आल्पस से संयोजन’ विषय पर लोगों को संबोधित किया।
  • 13 सितंबर, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी इस यात्रा के दौरान ‘फेडरल काउंसिल ऑफ स्विट्जरलैंड’ को संबोधित किया।
  • स्विट्जरलैंड और भारत के बिजनेस चैंबर्स के सहयोग से आयोजित भारत-स्विट्जरलैंड बिजनेस राउंडटेबल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संबोधित किया।
  • 14 सितंबर, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा विलेन्यूवे (स्विट्जरलैंड) में महात्मा गांधी की अर्द्धप्रतिमा का अनावरण किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी ने वर्ष 1931 में नोबेल पुरस्कार विजेता रोमां रोलां के निमंत्रण पर विलेन्यूवे का दौरा किया था।
  • भारत और स्विट्जरलैंड के मध्य जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग, भारत-स्विट्जरलैंड साइंस एंड इनोवेशन एलायंस के गठन हेतु तथा लुसाने यूनिवर्सिटी में हिंदी चेयर के नवीनीकरण हेतु समझौता-ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किए गए।
  • भारत-स्विट्जरलैंड संबंध
  • भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध अत्यंत मैत्रीपूर्ण एवं सौहार्द्रपूर्ण हैं।
  • स्वतंत्र भारत की गुटनिरपेक्षता की नीति तथा स्विट्जरलैंड की तटस्थता की परंपरागत नीति ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों की समझ विकसित  की।
  • 14 अगस्त, 1948 को भारत और स्विट्जरलैंड के मध्य मैत्री संधि पर हस्ताक्षर हुआ था, जो स्वतंत्र भारत द्वारा हस्ताक्षरित इस प्रकार की पहली संधि थी।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में भारत तथा स्विट्जरलैंड ने वर्ष 1948 में हस्ताक्षरित भारत-स्विट्जरलैंड संधि की 70वीं वर्षगांठ मनाई थी।
  • वर्ष 1998 में स्विट्जरलैंड के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्लैवियो कोट्टी की यात्रा स्विट्जरलैंड के किसी राष्ट्रपति द्वारा की गई पहली यात्रा थी।
  • स्विट्जरलैंड, भारत का 11वां सबसे बड़ा साझेदार देश है, दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2018-19 तक 19.26 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • भारत, स्विट्जरलैंड को मुख्यतया कपड़ा, जैविक रसायन, कीमती पत्थर और आभूषण, चमड़े के उत्पाद तथा हाथ से बुने हुए कालीन का निर्यात करता है।
  • भारत, स्विट्जरलैंड से मुख्यतया रसायन और फॉर्मास्युटिकल्स परिवहन उपकरण, इंजीनियरिंग उत्पाद एवं घड़ियों का आयात करता है।
  • स्लोवेनिया यात्रा
  • 15-17 सितंबर, 2019 के मध्य भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्लोवेनिया की राजकीय यात्रा पर रहे।
  • यह राष्ट्रपति कोविंद की तीन यूरोपीय देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव था।
  • उनकी यह यात्रा भारत से स्लोवेनिया के लिए की गई पहली राष्ट्रपति स्तर की यात्रा थी।
  • यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्लोवेनिया के राष्ट्रपति बोरुत पाहोर से मुलाकात कर दोनों देशों के मध्य संबंधों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
  • सितंबर, 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जुब्ल्जाना (Ljubljana) में आयोजित भारत-स्लोवेनिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया।
  • साथ ही दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने उच्च तकनीक सहयोग, स्वच्छता तकनीक रोबोटिक्स तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित राजनयिक स्तर की वार्ता में भाग लिया।
  • भारत तथा स्लोवेनिया के मध्य खेल, संस्कृति, नदी पुनरुत्थान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा मानकों के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता-ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
  • भारत-स्लोवेनिया संबंध
  • वर्ष 1991 में स्लोवेनिया के यूगोस्लाविया से आजाद होने के बाद भारत ने 11 मई, 1992 को स्लोवेनिया को मान्यता प्रदान की थी।
  • 18 मई, 1992 को स्लोवेनिया के तत्कालीन विदेश मंत्री डॉ. दिमित्रीज रूपेल ने भारत की यात्रा की थी।
  • भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता के लिए स्लोवेनिया का समर्थन किया था। 23 मई, 1992 को स्लोवेनिया संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ था।
  • स्लोवेनिया द्वारा अगस्त, 2002 में नई दिल्ली में रेजीडेंट मिशन की स्थापना की गई थी।
  • भारत द्वारा फरवरी, 2007 में जुब्ल्जाना (Ljubljana)  में रेजीडेंट मिशन स्थापित किया गया था।
  • जनवरी से अप्रैल, 2017 के मध्य भारत तथा स्लोवेनिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90.60 मिलियन यूरो रहा।

सं. पवन कुमार तिवारी