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भारत की प्रथम स्वदेशी तकनीक से निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स

Semiconductor chips made from India's first indigenous technology
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 27 फरवरी, 2019 को दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदराजन ने नई दिल्ली में स्थित बंगलुरू स्थित सेमीकंडक्टर कंपनी द्वारा 4जी/एलटीई और 5जी एन मॉडम्स के लिए भारत की प्रथम स्वदेशी तकनीक से निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स को जारी किया।
  • सिग्नलचिप के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिमांशु खसनीय हैं।
  • भारतीय संदर्भ
  • आंकड़ों की सुरक्षा विश्व में आज सर्वाधिक चिंता का विषय है और भारत आंकड़ों के संदर्भ में तब तक सुरक्षित नहीं रह सकता, जब तक कि वह स्वयं की चिप्स (Chips) का निर्माण न कर ले।
  • इनके माध्यम से भारत विश्व के कुलीन वर्ग में अपनी जगह बना रहा है और इसमें सकारात्मक आर्थिक निहितार्थों के अलावा भारत के आंकड़ों की सुरक्षा और आंकड़ों की संप्रभुता की दृष्टि से व्यापक निहितार्थ होंगे।
  • वर्तमान में केवल 8 कंपनियां और कुछ ही देश सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण कर सकते हैं और ऐसे में स्वदेशी तकनीक से निर्मित चिप्स का जारी होना सही मायने में विश्व के लिए ‘मेक इन इंडिया’ है।
  • सिग्नलचिप द्वारा डिजाइन की गई 4 चिप्स

   1. एससीबीएम 3412 : एकल डिवाइस में बेसबैंड और ट्रांसीवर सेक्शन्स सहित एकल चिप 4जी/एलटीई मॉडम

   2. एससीबीएम 3404 : सिंगल चिप 4×4 एलटीई बेसबैंड मॉडम

   3. एससीआरएफ 3402 : एलटीई के लिए 2×2 ट्रांसीवर

   4. एससीआरएफ 4502 : 5जीएनआर मानकों के लिए 2×2 ट्रांसीवर

  • विशेषताएं
  • ये चिप्स आरएफ खंड 6जीएचजेड तक के समस्त एलटीई/5जी-एनआर बैंड्स को कवर करेंगे।
  • ये चिप्स भारत की अपनी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली, एनएवीआईसी का उपयोग करके पोजीशनिंग का भी समर्थन करते हैं।
  • मिश्रित मल्टी-स्टैंडर्ड सिस्टम ऑन चिप (एसओसी) लो-कॉस्ट इंडोर स्माल सेल्ज से हाई परफॉर्मेंस वायरलेस बेस स्टेशनों तक व्यापक रेंज वाले फॉर्म फैक्टर्स के लिए एक बेस स्टेशन चिपसेट के रूप में सेवाएं प्रदान कर सकता है।
  • भारत 1.1 बिलियन से अधिक मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं के साथ विश्व में सर्वाधिक मोबाइल फोन इस्तेमाल होने वाले देशों में से एक है।
  • ऐसे में सिग्नलचिप ने हाई परफॉर्मेंस और किफायती प्रणालियों का सृजन किया है, जो नेटवर्क के घनीभवन या डेंसिफिकेशन को समर्थ बनाता है।
  • एससीआरएफ 1401 पर निर्मित अगम्बे शृंखला : सिग्नलचिप द्वारा वर्ष 2015 में निर्मित की गई 3जी/4जी और वाईफॉई जैसे हाई परफॉर्मेंस वायरलेस मानकों के लिए भारत की पहली आरएफ ट्रांस-रिसीवर चिप है।
  • निष्कर्ष
  • वर्तमान में जब अमेरिका और चीन जैसे देश मूलभूत आईसीटी प्रौद्योगिकी के लिए संघर्ष कर रहें हों, तो ऐसे में भारत भी पीछे नहीं रह सकता।
  • 5जी दूरसंचार सेवाओं की योजना का खाका तैयार करने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ए.जे. पॉलराजेतो की अध्यक्षता में भारत सरकार द्वारा गठित की गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने 5जी के आईपीआर में दाखिल होने की सिफारिश की है।
  • सिग्नलचिप द्वारा विश्वस्तरीय उत्पाद जारी किया जाना सॉफ्टवेयर और इंडियास्टेक के फर्स्ट और सेवंफ्रेड वेब के बाद यह थर्ड वेब की शुरुआत है।

सं.  बृजेश रावत