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भारत का सुंदरबन : अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि

India's Sunderbans: the wetlands of international importance
  • आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय’ के अनुसार, दलदली भूमि वाले क्षेत्र, जलभरण वाले इलाके, शुष्क प्रदेश इत्यादि को आर्द्रभूमि (Wetlands) के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • प्राकृतिक अथवा कृत्रिम स्थायी अथवा अस्थायी, पूर्णकालिक आर्द्र अथवा अल्पकालीन, स्थिर जल अथवा अस्थिर जल, मीठा या लवणीय जल-इन सभी प्रकार के जल वाले स्थल आर्द्रभूमि के अंतर्गत आते हैं।
  • साथ ही, समुद्री जल के ऐसे क्षेत्र जिनकी गहराई कम ज्वार (low tide) में 6 मीटर से अधिक नहीं जाती, वे भी आर्द्रभूमि कहलाते हैं।
  • महत्व
  • आर्द्रभूमियां मानव के अस्तित्व के लिए अत्यावश्यक हैं। इनसे मनुष्य को अनगिनत लाभ प्राप्त होते हैं, जैसे ताजे जल की आपूर्ति, खाद्य एवं निर्माण सामग्रियों की प्राप्ति इत्यादि।
  • साथ ही ये बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण (Groundwater recharge) तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायक होती हैं।
  • आर्द्रभूमियों पर अभिसमय (Convention on Wetlands) को रामसर अभिसमय (Ramsar Convention) के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह आर्द्रभूमियों एवं उनके संसाधनों के संरक्षण तथा समझदारी पूर्वक उपयोग हेतु एक अंतरसरकारी संधि है।
  • इस संधि का उद्देश्य स्थानीय तथा राष्ट्रीय कार्यवाहियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
  • इस अभिसमय का नामकरण ईरान के शहर रामसर के नाम पर किया गया है, जहां वर्ष 1971 में यह अभिसमय हस्ताक्षरित हुआ था।
  • रामसर अभिसमय वर्ष 1975 में प्रभावी हुआ था।
  • वर्तमान में इस अभिसमय के हस्ताक्षरकर्ता देशों की संख्या 170 है।
  • रामसर सूची
  • इस अभिसमय में शामिल होते समय प्रत्येक देश को अपने क्षेत्र के अंतर्गत स्थित न्यूनतम एक आर्द्रभूमि स्थल को ‘अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची’ (List of Wetlands of International Importance) में शामिल किए जाने के लिए नामित करना होता है।
  • अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची को ‘रामसर सूची’(Ramsar List) भी कहा जाता है।
  • वर्तमान में यह रामसर सूची विश्व में ‘संरक्षित क्षेत्रों’ (Protected Areas) का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
  • वर्तमान में विश्व भर में स्थित रामसर स्थलों (Ramsar Sites) की कुल संख्या 2,341 है।
  • इन रामसर स्थलों के अंतर्गत कुल 252,479, 417 हेक्टेयर क्षेत्र आच्छादित हैं।
  • रामसर सूची में शामिल होने वाला प्रथम स्थल ऑस्ट्रेलिया का ‘कोबोर्ग प्रायद्वीप’ (Cobourg Peninsula) था, जिसे वर्ष 1974 में रामसर स्थल के रूप में निर्दिष्ट किया गया था।
  • रामसर सूची में शामिल सबसे बड़े स्थल कांगो का न्गिरि-तुंबा मेनडोम्ब (Ngiri-Tumba Maindombe) तथा कनाडा की ‘क्वीन मॉड खाड़ी’ (Queen Maud Gulf) है।
  • इन दोनों स्थलों में से प्रत्येक के अंतर्गत 60,000 वर्ग किमी. से अधिक का क्षेत्र आच्छादित है।
  • यूनाइटेड किंगडम के सर्वाधिक 175 स्थल रामसर सूची में शामिल हैं, इसके बाद मेक्सिको (142 स्थल) का स्थान है।
  • 30 जनवरी, 2019 को भारत ने सुंदरबन आर्द्रभूमि (Sundarban Wetlands) को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभमि के रूप में निर्दिष्ट किया है।
  • यह अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल होने वाला भारत का 27वां स्थल है।
  • पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरबन आर्द्रभूमि 4,23,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है।
  • यह स्थल विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव वन ‘सुंदरबन’ के अंतर्गत स्थित है।
  • ज्ञातव्य है कि सुंदरबन भारत एवं बांग्लादेश में गंगा, बह्मपुत्र एवं मेघना नदियों के डेल्टा पर स्थित है।
  • सुंदरबन बाघ अभयारण्य (Sundarban Tiger Reserve) सुंदरबन आर्द्रभूमि के अंतर्गत स्थित है और इसके कुछ भाग को राष्ट्रीय कानून के तहत ‘संवेदनशील बाघ आवास’ (Critical Tiger Habitat) घोषित किया गया है।
  • सुंदरबन ऐसा एकमात्र मैंग्रोव आवास (Mangrove Habitat) है, जहां काफी मात्रा में बाघ निवास करते हैं।
  • इस स्थल में बड़ी संख्या में दुर्लभ और वैश्विक रूप से संकटग्रस्त प्रजातियां पाई जाती हैं, जैसे नार्दर्न रीवर टेरापिन (एक दुर्लभ कछुआ), संकटग्रस्त इरावदी डॉल्फिन, संवेदनशील फिशिंग कैट इत्यादि।
  • ज्ञातव्य है कि बांग्लादेश के खुलना में स्थित ‘सुंदरबन आरक्षित वन’ (Sundarbans Reserved Forest) को वर्ष 1992 में ही रामसर सूची में शामिल किया जा चुका है।
भारत में स्थित रामसर स्थल (कुल 27)
स्थल सूची में शामिल होने की तिथि राज्य क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
अष्टमुडी आर्द्रभूमि 19.8.2002 केरल 61,400
भीतरकनिका मैंग्रोव 19.8.2002 ओडिशा 65,400
भोज आर्द्रभूमि 19.8.2002 मध्य प्रदेश 3201
चंद्रताल आर्द्रभूमि 8.11.2005 हिमाचल प्रदेश 49
चिल्का झील 1.10.1981 ओडिशा 116,500
दीपोर बील 19.8.2002 असम 4000
पूर्वी कलकत्ता आर्द्रभूमि 19.8.2002 पश्चिम बंगाल 12,500
हरिके झील 23.3.1990 पंजाब 4100
होकेरा आर्द्रभूमि 8.11.2005 जम्मू एवं कश्मीर 1375
कांजली 22.1.2002 पंजाब 183
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान 1.10.1981 राजस्थान 2873
कोलेरू झील 19.8.2002 आंध्र प्रदेश 90,100
लोकटक झील 23.3.1990 मणिपुर 26,600
नलसरोवर 24.9.2012 गुजरात 12,000
प्वॉइंट केलिमियर वन्यजीव और] पक्षी अभयारण्य 19.8.2002 तमिलनाडु 38,500
पौंग बांध झील 19.8.2002 हिमाचल प्रदेश 15,662
रेणुका आर्द्रभूमि 8.11.2005 हिमाचल प्रदेश 20
रोपड़ 22.1.2002 पंजाब 1365
रुद्रसागर झील 8.11.2005 त्रिपुरा 240
सांभर झील 23.3.1990 राजस्थान 24000
सास्थामकोट्टा झील 19.8.2002 केरल 373
सुंदरबन आर्द्रभूमि 30.1.2019 पश्चिम बंगाल 423,000
सुरिंसर-मानसर झील 8.11.2005 जम्मू एवं कश्मीर 350
सो-मोरिरी 19.8.2002 जम्मू एवं कश्मीर 12,000
ऊपरी गंगा नदी 8.11.2005 उत्तर प्रदेश 26,590
वेंबनाद-कोल आर्द्रभूमि 19.8.2002 केरल 151,250
वुलर झील 23.3.1990 जम्मू एवं कश्मीर 18,900

सं. सौरभ मेहरोत्रा