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भारतमाला परियोजना : प्रथम चरण

Bharatmala Project: Phase I
  • जुलाई, 2019 में राज्य सभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री द्वारा भारतमाला परियोजना के विषय में लिखित जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत कुल 9613 किलोमीटर लंबाई की 225 सड़क परियोजनाओं को मार्च, 2019 तक मंजूरी दी गई है।
  • भारतमाला परियोजना
  • वर्ष 2017-18 से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भारतमाला कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
  • इस कार्यक्रम के तहत विशेष ध्यान आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्रों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के हित, सीमा क्षेत्रों, पिछड़े तथा जनजातीय क्षेत्रों, तटीय इलाकों और पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक मार्गों को जोड़ने की आवश्यकता को पूरा करने पर दिया गया है।
  • राष्ट्रीय गलियारा की क्षमता बढ़ाने के लिए कुल लगभग 53,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्गों को चिह्नित किया गया है, जो सात चरणों में पूरा किया जाएगा।
  • प्रथम चरण
  • 34,800 किलोमीटर का कार्य प्रथम चरण में किया जाना है। यह कार्य 5 वर्ष की अवधि में यानी वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021-22 तक चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जाएगा।
  • इसके अंतर्गत 5000 किलोमीटर के राष्ट्रीय गलियारे, 9000 किलोमीटर के आर्थिक गलियारे, 6000 किलोमीटर के फीडर कॉरिडोर और इंटर कॉरिडोर, 2000 किलोमीटर की सीमा सड़क, 2000 किलोमीटर की तटीय सड़क और बंदरगाह संपर्क सड़क एवं 800 किलोमीटर की ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे शामिल है।
  • प्रथम चरण के लिए कुल लगभग 5,35,000 करोड़ रुपये के कोष का प्रावधान है।
  • प्रथम चरण में एनएचडीपी (NHDP) के तहत 10,000 किमी. अधूरे सड़क निर्माण को भी शामिल किया जाएगा।

वित्तीय स्रोत (वर्ष 2017-18 से 2021-22)

    स्रोत परिव्यय
केंद्रीय सड़क निधि 2,37,024 करोड़
बजटीय समर्थन 59,973 करोड़
टीओटी (एक PPP मॉडल : टोल ऑपरेट ट्रांसफर) 34,000 करोड़
टोल परमानेंट ब्रिज फीस फंड(NHAI द्वारा संचालित) 46,048 करोड़
विभिन्न PPP मॉडल के तहत निजी निवेश 106,000 करोड़
बाजार उधार 209,779 करोड़
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  • प्रथम चरण के तहत नए एक्सप्रेस वे

  (1)  दिल्ली जयपुर एक्सप्रेस वे

   (2)  दिल्ली-अमृतसर कटरा एक्सप्रेस वे

   (3)  वड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे

   (4)  हैदराबाद-विजयवाड़ा-अमरावती एक्सप्रेस वे

   (5)  नागपुर-हैदराबाद-बंगलुरू एक्सप्रेस वे

   (6)  कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे

   (7)  अरावती में रिंग रोड एक्सप्रेस वे

  • लाभ
  • वर्तमान में जहां 300 जिले राष्ट्रीय राजमार्ग से लिंक हैं, वहीं भारतमाला के तहत 550 और जिले राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ जाएंगे।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों पर माल ढुलाई 40 प्रतिशत से बढ़कर 70-80 प्रतिशत हो जाएगा।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश तथा रोजगार सृजन में वृद्धि की संभावना है।

संअमर सिंह