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बागवानी फसलें : प्रथम अग्रिम अनुमान, 2018-19

Department of Agriculture Co-operation and Farmers Welfare
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • देश में विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 30 जनवरी, 2019 को बागवानी फसलों के उत्पादन एवं क्षेत्रफल के संदर्भ में वर्ष 2018-19 के लिए प्रथम अग्रिम अनुमान तथा वर्ष 2017-18 के लिए अंतिम अनुमान जारी किए गए।
  • बागान एवं बागवानी फसलें (Plantation and Horticulture Crops)
  • कृषि मंत्रालय के अनुसार, ‘बागान फसलों’ (Plantation crops) के अंतर्गत नारियल, सुपारी, ताड़, कोकोआ एवं काजू को रखा जाता है, जबकि वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ‘बागान फसलों’ के तहत चाय, कॉफी एवं रबर को रखा जाता है। अतः नारियल, ताड़, सुपारी, कोकोआ, काजू, चाय, कॉफी एवं रबर ‘बागान फसलें’ हैं।
  • जबकि ‘बागवानी’ (Horticulture) के तहत ‘फलों की कृषि’ (Pomology), ‘फूलों की कृषि’ (Floriculture) तथा ‘सब्जियों की कृषि’ (Olericulture) की जाती है।
  • वर्तमान में औषधीय एवं सजावटी पौधे, मशरूम, बांस, मसाला, बागान फसलों आदि को भी बागवानी कृषि के अंतर्गत स्थान प्राप्त है। अतः इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोई भी बागान फसल बागवानी फसलें जरूर होंगी, लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि सभी बागवानी फसलें भी बागान फसल होंगी।
  • बागवानी फसलों का अर्थव्यवस्था में योगदान
  • भारत जैसे जलवायविक विविधता वाले देश में बागवानी कृषि का अत्यधिक महत्व है। राष्ट्रीय आय में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ यह पोषण, रोजगार, गरीबी निवारण, औद्योगिक विकास, क्षेत्रीय असंतुलन में कमी तथा पर्यावरणीय संतुलन आदि की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
  • मुख्य विशेषताएं, 2017-18 (अंतिम अनुमान)
  • वर्ष 2017-18 के दौरान 311.7 मिलियन टन बागवानी फसलों का अभूतपूर्व उत्पादन हुआ, जो विगत वर्ष की तुलना में 3.7 प्रतिशत अधिक है और पिछले 5 वर्ष के औसत उत्पादन की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।
  • फलों का अनुमानित उत्पादन 97.35 मिलियन टन है, जो विगत वर्ष की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है।
  • सब्जियों का अनुमानित उत्पादन लगभग 187.5 मिलियन टन है, जो विगत वर्ष की तुलना में लगभग 3.5 प्रतिशत अधिक है।
  • वर्ष 2017-18 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 23.26 मिलियन टन हुआ है, जो वर्ष 2016-17 के दौरान 22.4 मिलियन टन की तुलना में 3.7 प्रतिशत अधिक है।
  • वर्ष 2017-18 (अंतिम) में आलू का अनुमानित उत्पादन 51.3 मिलियन टन है, जो वर्ष 2016-17 के दौरान 48.6 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 5.6 प्रतिशत अधिक है।
  • 2018-19 (प्रथम अग्रिम अनुमान)
  • वर्ष 2018-19 के प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार, देश में  बागवानी फसलों का कुल अनुमानित उत्पादन 314.5 मिलियन टन है, जो वर्ष 2017-18 की तुलना में 0.95 प्रतिशत अधिक है तथा विगत 5 वर्षों के औसत उत्पादन की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।
  • मौजूदा वर्ष में लगभग 23.62 मिलियन टन प्याज के उत्पादन का अनुमान है, जो वर्ष 2017-18 के दौरान 23.26 मिलियन टन उत्पादन की तुलना में 1.5 प्रतिशत अधिक है।
  • मौजूदा वर्ष में 52.58 मिलियन टन आलू के उत्पादन का अनुमान है, जो वर्ष 2017-18 के दौरान 51.31 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।
  • मौजूदा वर्ष में लगभग 20.51 मिलियन टन टमाटर के उत्पादन का अनुमान है, जो वर्ष 2017-18 के दौरान 19.76 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है।
GEP के अनुसार जीडीपी वृद्धि दर (प्रतिशत में)
उपक्षेत्र/देश वर्ष 2017 वर्ष 2018(e) वर्ष 2019(f) वर्ष 2020(f) वर्ष 2021(f)
विश्व 3.1 3.0 2.9 2.8 2.8
विकसित अर्थव्यवस्थाएं 2.3 2.2 2.2 1.6 1.5
संयुक्त राज्य अमेरिका 2.2 2.9 2.5 1.7 1.6
यूरो क्षेत्र 2.4 1.9 1.6 1.5 1.3
जापान 1.9 0.8 0.9 0.7 0.6
उदीयमान बाजार एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाएं 4.3 4.2 4.2 4.5 4.6
पूर्वी एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र 6.6 6.3 6.0 6.0 5.8
चीन 6.9 6.5 6.2 6.2 6.0
यूरोप एवं मध्य एशिया 4.0 3.1 2.3 2.7 2.9
रूस 1.5 1.6 1.5 1.8 1.8
लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन 0.8 0.6 1.7 2.4 2.5
ब्राजील 1.1 1.2 2.2 2.4 2.4
मध्य-पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका 1.2 1.7 1.9 2.7 2.7
दक्षिण एशिया 6.2 6.9 7.1 7.1 7.1
भारत 6.7 7.3 7.5 7.5 7.5
पाकिस्तान 5.4 5.8 3.7 4.2 4.8
बांग्लादेश 7.3 7.9 7.0 6.8 6.8
उप-सहारा अफ्रीका 2.6 2.7 3.4 3.6 3.7
दक्षिण अफ्रीका 1.3 0.9 1.3 1.7 1.8
उच्च आय वाले देश 2.3 2.2 2.0 1.7 1.6
विकासशील देश 4.6 4.4 4.4 4.7 4.7
निम्न आय वाले देश 5.5 5.6 5.9 6.2 6.3
ब्रिक्स (BRICS) 5.2 5.3 5.2 5.3 5.3
e = अनुमानित (estimated), f – पूर्वानुमान (forecast)