Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

प्रमुख भारतीय बंदरगाहों पर संचालन

Operations on major Indian ports
  • पृष्ठभूमि
  • भारत की लगभग 7500 किमी. लंबी तट रेखा तथा इसकी भू-अवस्थिति इसे आर्थिक एवं सामरिक लाभ की स्थिति में ला देती है। भारतीय व्यापार की कुल मात्रा का 90 प्रतिशत, जबकि कुल मूल्य का 72 प्रतिशत बंदरगाहों के माध्यम से होता है। आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद भारतीय बंदरगाह आधार संरचना की दृष्टि से आज भी विकसित देशों की तुलना में पिछड़े हैं।
  • जीडीपी में रेलवे की लगभग 9 प्रतिशत तथा सड़कों की लगभग 6 प्रतिशत की हिस्सेदारी के मुकाबले बंदरगाहों का हिस्सा मात्र 1 प्रतिशत ही है।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 12 फरवरी, 2019 को जहाजरानी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने अप्रैल, 2018 से जनवरी, 2019 के दौरान 578.86 मिलियन टन कार्गो का संचालन किया है, जो विगत वर्ष की समान अवधि में संचालित 561.39 मिलियन टन कार्गो की तुलना में 3.11 प्रतिशत अधिक है।
  • अप्रैल, 2018 से जनवरी, 2019 के दौरान कोलकाता (हल्दिया सहित), पारादीप, विशाखापत्तनम, कामराजार, चेन्नई, कोचीन, न्यू मंगलोर, जेएनपीटी और दीन दयाल समेत नौ बंदरगाहों ने यातायात में धनात्मक वृद्धि दर्ज की है।
  • प्रमुख बंदरगाहों पर कार्गो संचालन
  • कार्गो यातायात के संचालन में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी कामराजार बंदरगाह (15.56%) द्वारा दर्ज की गई है।
  • इसके बाद क्रमशः हल्दिया सहित कोलकाता बंदरगाह (9.86%), कोचीन (8%), जेएनपीटी (7.46%) और पारादीप बंदरगाह (6.4%) का स्थान आता है।
  • कामराजार बंदरगाह के कार्गो संचालन में वृद्धि मुख्यतः कंटेनर यातायात में बढ़ोत्तरी (21.7%) की बदौलत आई है।
  • इसके बाद अन्य विविध कार्गो (41.23%), अन्य द्रव (11.63%), पेट्रोलियम, तेल एवं ल्यूब्रीकेंट यानी पीओएल (9.14%) और ताप एवं वाष्प कोयले (5.18%) का स्थान आता है।
  • कोलकाता बंदरगाह पर यातायात में 9.86 प्रतिशत की समग्र वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) ने 4.68 प्रतिशत की यातायात वृद्धि दर्शाई है, जबकि हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) ने 12.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
  • अप्रैल 2018 से जनवरी, 2019 के दौरान दीन दयाल (कांडला) बंदरगाह ने मात्रा (Volume) की दृष्टि से सर्वाधिक यातायात अर्थात 94.55 मिलियन टन (16.33% हिस्सेदारी) का संचालन किया।
  • इसके बाद 89.98 मिलियन टन (15.54% हिस्सेदारी) के साथ पारादीप बंदरगाह, 58.6 मिलियन टन (10.12% हिस्सेदारी) के साथ जेएनपीटी, 54.73 मिलियन टन (9.45% हिस्सेदारी) के साथ विशाखापत्तनम और 52.18 मिलियन टन (9.01% हिस्सेदारी) के साथ कोलकाता बंदरगाह (हल्दिया सहित) का स्थान आता है।
  • इन बंदरगाहों ने कुल मिलाकर प्रमुख बंदरगाह यातायात के लगभग 60 प्रतिशत का संचालन किया है।
  • पीओएल की जिंस-वार प्रतिशत हिस्सेदारी सर्वाधिक अर्थात 33.35 प्रतिशत रही।
  • इसके बाद क्रमशः कंटेनर (20.8%), ताप एवं वाष्प कोयला (14.95%), अन्य विविध कार्गो (10.51 प्रतिशत), कोकिंग एवं अन्य कोयला (8.26%), लौह अयस्क एवं छर्रे (5.71%) और अन्य द्रव (4.20%), तैयार उर्वरक (1.21%) और विशिष्ट स्वाद या खुशबू वाले कच्चे माल यानी एफआरएम (1.01%) का स्थान आता है।