Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा

Prime Minister Modi's visit to Bhutan
  • वर्तमान परिदृश्य
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेरिंग के निमंत्रण पर 17-18 अगस्त, 2019 के मध्य भूटान की राजकीय यात्रा पर रहे।
  • मई, 2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली द्विपक्षीय भूटान यात्रा थी।
  • पारो हवाई अड्डे आगमन पर प्रधानमंत्री डॉ. शेरिंग, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने उनका औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से मुलाकात की।
  • प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भूटान नरेश और महारानी को अपनी सुविधानुसार शीघ्र ही भारत की यात्रा पर आने का निमंत्रण दिया।
  • यात्रा विवरण
  • प्रधानमंत्री श्री मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. शेरिंग ने तय मुद्दों के साथ-साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ताओं में भाग लिया। डॉ. शेरिंग ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में राजकीय भोज का भी आयोजन किया।
  • भूटान राष्ट्रीय असेंबली में नेता प्रतिपक्ष डॉ. पेमा जियामात्शो ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
  • निर्मित/उद्घाटित परियोजनाएं
  • दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने अभी हाल में निर्मित 720 मेगावॉट मांगदेद्दू पनबिजली संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन किया।
  • मांगदेछू पनबिजली संयंत्र मांगदेछू नदी पर ट्रोंग्सा (Trongsa), (भूटान) में स्थित है।
  • इस परियोजना के पूरा हो जाने से भूटान में बिजली की उत्पादन क्षमता 2000 मेगावॉट से अधिक हो गई है।
  • साथ में पुनातसांगछू-1, पुनातसांगछू-2 और खोलोंगछू जैसी अन्य परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का मंतव्य व्यक्त किया गया।
  • दोनों प्रधानमंत्रियों ने भूटान में औपचारिक रूप से भारतीय रुपे कार्ड की शुरुआत की, जिससे दोनों देश के यात्रियों को अधिक फायदा होगा और नकदी लेन-देन में कमी आएगी।
  • इसके साथ ही भूटान के बैंकों द्वारा भी रुपे कार्ड जारी करने पर सहमति बनी।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के समर्थन से निर्मित थिम्पू में स्थित दक्षिण-एशियाई उपग्रह के लिए ग्राउंड अर्थ स्टेशन का उद्घाटन भी दोनों प्रधानमंत्रियों ने किया।
  • इससे कम खर्च में भूटान प्रसारण सेवा को सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
  • साथ ही आपदा प्रबंधन सेवाओं में सहायता मिलेगी। भूटान के लिए एक छोटा उपग्रह संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति बनी, जिससे भूटान के लिए एक जियो पोर्टल या भू-पोर्टल विकसित किया जा सकेगा।
  • प्रमुख समझौते
  • यात्रा के दौरान निम्नलिखित सहमति-पत्रों/समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

1. दक्षिण-एशियाई उपग्रह के उपयोग के लिए सैटकॉम नेटवर्क की स्थापना पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और आरजीओबी के टेलीकॉम तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के बीच एमओयू।

2. राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) और भूटान के ड्रक रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क (DrukREN) के बीच समकक्ष व्यवस्था के लिए एमओयू।

विमान हादसों की जांच के लिए भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और भूटान की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIU) के बीच समझौता सहमति।

4. रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान और कानपुर, दिल्ली एवं मुंबई आईआईटी तथा एनआईटी सिलचर के बीच स्टेम सहयोग और शैक्षणिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए चार सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

5. कानूनी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बंगलुरू और जिग्मे-सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ थिम्पू के बीच सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

6. न्यायिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और आपसी आदान-प्रदान के लिए भूटान राष्ट्रीय विधि संस्थान और राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के बीच सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

7. पीटीसी इंडिया लिमिटेड और ड्रक ग्रीन पॉवर कॉर्पोरेशन भूटान के मांगदेद्दू पनबिजली परियोजना के लिए विद्युत खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

  • अन्य उल्लेखनीय तथ्य
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान को दी जाने वाली सस्ती एलपीजी की मौजूदा मात्रा 700 एमटी से बढ़ाकर 1000 एमटी करने की भी घोषणा की।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले भूटानी छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्तियों की संख्या 2 से बढ़ाकर 5 करने की भी घोषणा की।
  • निष्कर्ष
  • निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री की भूटान यात्रा से दोनों देशों के न केवल द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ होंगे, अपितु वैश्विक स्तर पर विभिन्न मंचों पर संबंध मजबूत होंगे, साथ ही रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृषि इत्यादि क्षेत्रों में सहयोग में वृद्धि होगी।

संअनिल दूबे