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पूर्वावलेाकन-2 भारतीय इतिहास (संस्करण-2019),भूल सुधार

  • पूर्वावलेाकन-2 भारतीय इतिहास (संस्करण-2019) में पेज संख्या 356 पर प्रश्न संख्या 54 की व्याख्या की पहली पंक्ति में ‘1 जनवरी, 1986’ के स्थान पर ‘1 जनवरी, 1886 ई. पढ़ा जाए।
  • पूर्वावलोकन-2 भारतीय इतिहास (2019) में पेज संख्या 37 पर प्रश्न संख्या 10 का उत्तर (a) के स्थान पर उत्तर (*) पढ़ें।
  • पूर्वावलोकन-2 भारतीय इतिहास (2019) में पेज संख्या 36 पर प्रश्न संख्या 8 की व्याख्या में ‘कुल 1028 सूक्त या ऋचाएं’ के स्थान पर कुल 1028 सूक्त तथा 10552 ऋचाएं या मंत्र या श्लोक पढ़ें।
  • पूर्वावलोकन-2 भारतीय इतिहास (2019) में पेज संख्या 51 पर प्रश्न संख्या 11 का उत्तर (a) के स्थान पर (*) पढ़ें। संशोधित व्याख्या इस प्रकार है-बौद्ध धर्म में सांसारिक दुःखों से मुक्ति या दुःख निरोध को ही निर्वाण माना गया है। बुद्ध को सांसारिक दुःखों से मुक्ति यानि कि निर्वाण ज्ञान प्राप्ति के समय प्राप्त हुआ, जो कि बोधगया में प्राप्त हुआ था। चूंकि प्रश्न के विकल्पों में बोधगया न होने के कारण प्रश्न का उत्तर (*) पढ़ा जाए।