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पीसीबी : पेरियार नदी के जल की खराब गुणवत्ता

Pollution Control Board
  • वर्तमान परिदृश्य
  • एर्नाकुलम जिले की जीवन रेखा तथा कोच्चि शहर को पीने योग्य पानी को उपलब्ध कराने वाली पेरियार नदी का पानी फिर से काला हो गया है। पत्थलम नियामक सहपुल के पास भारी मात्रा में मृत मछलियां पाई गईं।
  • कारण
  • पीसीबी (Pollution Control Board : PCB) के अनुसार,  पेरियार नदी पिछले कई दिनों से काले, हरे और लाल रंग में बहती नजर आई, जो एलोर में नदी के दोनों ओर अवस्थित उद्योगों से रासायनिक अपशिष्ट छोड़ने का संकेत देती है।
  • मछलियों की भारी संख्या में मृत्यु और उनका पानी के ऊपरी सतह पर दिखना, नदी जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में कमी अर्थात सुपोषण की तरफ संकेत करती है।
  • पर्यावरणविदों के अनुसार सुपोषण के परिणामस्वरूप जल के रंग में बदलाव हुआ है। जब अत्यधिक पोषक तत्व वाटरबॉडी तक पहुंच जाते हैं, तो शैवालों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होती है और कुछ दिनों बाद मृत शैवालों से पानी में दुर्गंध और रंग में परिवर्तन दिखाई पड़ता है।
  • भारी मात्रा में और नियमित रूप से क़ूडा-कचरा और सीवेज नदी तंत्र में पहुंच कर जल को दूषित कर रहा है।
  • पेरियार नदी का एक बड़ा हिस्सा लगभग स्थिर हो गया है और प्रवाह बाधित, जो जल की खराब गुणवत्ता का एक और कारण है।
  • पूर्ववर्ती स्थिति
  • ग्रीन पीस रिपोर्ट (1999, 2003) ने एलोर औद्योगिक क्षेत्र को विश्व में सबसे खतरनाक औद्योगिक रूप से प्रदूषित ‘हॉट स्पॉट’ के रूप में वर्णित किया था।
  • पर्यावरण कार्यकर्ता नदी-प्रदूषण के खिलाफ ‘फ्रेंड्स ऑफ लाया’ नामक संगठन के अंतर्गत ‘पुझकल ओझुकनम’ (Puzhakal Ozhukanam) अभियान चला रहे हैं।
  • पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) पर मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
  • क्या किया जा सकता है?
  • औद्योगिक इकाइयों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए, जिससे हानिकारक रसायन और अशोधित जल नदी तंत्र में न पहुंच सके।
  • नदी के प्रवाह तंत्र को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
  • कस्बों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा तथा सीवेज जल को नदी तंत्र से दूर कर उचित निपटान किया जाना चाहिए।
  • नदी तंत्र में वृक्षों की कटाई पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए।
  • नदी तंत्र में अवैध खनन पर रोक लगनी चाहिए।
  • एक सक्षम निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
  • पेरियार नदी
  • पेरियार नदी केरल राज्य की सबसे लंबी नदी है। इसकी कुल लंबाई लगभग 300 किमी. (केरल में 244 किमी.) है।
  • पेरियार नदी की उत्पत्ति तमिलनाडु के सुंदरमाला की शिवगिरि चोटियों से हुई है, जो पश्चिमी घाट में अवस्थित है। यह नदी पश्चिम में प्रवाहित होती हुई अरब सागर में गिरती है।
  • इसकी प्रमुख सहायक नदियां, मुथिरापूझा, पेरीन्जन कुट्टी, इडममलयर, मंगलपूझा हैं।

संअमर सिंह