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पांचवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2018-19

Fifth Bi-Monthly Monetary Policy Statement, 2018-19
    • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
    • 5 दिसंबर, 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली ‘मौद्रिक नीति समिति’ (MPC) द्वारा ‘पांचवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2018-19’ (Fifth Bi-Monthly Monetary Policy Statement, 2018-19) जारी किया गया।
    • मौद्रिक नीति समिति (MPC) की इस 14वीं बैठक में नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन (वृद्धि या कमी) न करते हुए पूर्ववत की स्थिति में ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया।
    • मुख्य निर्णय
    • मौद्रिक नीति समिति द्वारा ‘चलनिधि समायोजन सुविधा’ (LAF) के अंतर्गत ‘रेपो दर’ में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करते हुए इसे पूर्व के 6.50 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।
    • परिणामस्वरूप ‘चलनिधि समायोजन सुविधा’ के तहत ‘रिवर्स रेपो दर’ भी पूर्व की स्थिति 6.25 प्रतिशत पर समायोजित रहा।

  • ‘सीमांत स्थायी सुविधा दर’ (MSF) और ‘बैंक दर’ में भी कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया गया। परिणामस्वरूप ये दोनों भी पूर्व की स्थिति 6.75 प्रतिशत पर ही बने हुए हैं।
  • आरक्षित अनुपात सीआरआर (CRR) तथा एसएलआर (SLR) में कोई परिवर्तन नहीं किया गया, जिससे ये वर्तमान स्तर (क्रमशः 4% एवं 19.5%) पर ही बने हुए हैं।

  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 के लिए जीडीपी (GDP) में वृद्धि दर भी  7.4 प्रतिशत तथा वर्ष 2019-20 की प्रथम छमाही के लिए 7.5 प्रतिशत अनुमानित है।
  • 30 नवंबर, 2018 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 393.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।