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धनुष तोप भारतीय थल सेना में शामिल

Dhanush gun included in Indian Army
  • पृष्ठभूमि
  • वर्ष 1986-1991 के मध्य भारत ने स्वीडन की शस्त्र निर्माता कंपनी बोफोर्स (Bofors AB) से 1.4 बिलियन डॉलर के सौदे के तहत 410 FH-77B तोपें प्राप्त की थीं। उच्च परिशुद्धता के साथ लक्ष्य भेदने में सक्षम इन तोपों ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी उपयोगिता को साबित किया था। हालांकि बोफोर्स कंपनी के साथ भारत का यह रक्षा सौदा अत्यधिक विवादित रहा था। हाल ही में बोफोर्स कंपनी की इन तोपों के उन्नत एवं स्वदेशी संस्करण ‘धनुष’ को भारतीय थल सेना में शामिल किया गया है।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 8 अप्रैल, 2019 को ‘ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड’ (OFB : Ordnance Factory Board) ने 6 धनुष तोपों की पहली खेप (First Batch) की आपूर्ति भारतीय थल सेना को कर दी।
  • इन तोपों को बोफोर्स तोपों के स्वदेशी संस्करण की संज्ञा दी गई है।
  • विशेषताएं
  • धनुष 155 mm × 45 कैलिबर की तोप है।
  • यह भारत में निर्मित लंबी दूरी तक मार करने वाली पहली तोप है।
  • यह तोप लगभग 81 प्रतिशत तक स्वदेशी पुर्जों से निर्मित है।
  • उल्लेखनीय है कि धनुष तोप, बोफोर्स कंपनी की FH-77B तोपों की तकनीक के आधार पर ही विकसित की गई है, लेकिन यह बोफोर्स तोपों की तुलना में अधिक उन्नत है।
  • ज्ञातव्य है कि FH-77B   155 mm × 39 कैलिबर की तोप है।
  • धनुष तोप की नली (Barrel) बोफोर्स तोपों की तुलना में अधिक लंबी है, जिसके कारण यह बोफोर्स तोपों की तुलना में अधिक दूर (38 km.) तक मार कर सकती है।
  • जबकि बोफोर्स तोपों की मारक दूरी 27 km. तक ही है।
  • धनुष तोप का भार 12.7 टन है और इसे पहाड़ी क्षेत्रों एवं सुदूरवर्ती इलाकों में आसानी से ले जाया जा सकता है।
  • इस तोप में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के दुर्गापुर स्थित ‘मिश्र इस्पात कारखाने’ (Alloy Steels Plant) द्वारा उत्पादित स्टील का प्रयोग किया गया है।
  • ज्ञातव्य है कि धनुष तोप को जबलपुर स्थित ‘गन कैरिज फैक्ट्री’ (Gun Carriage Factory) द्वारा स्वदेश में ही डिजाइन एवं विकसित किया गया है।
  • गन कैरिज फैक्ट्री रक्षा मंत्रालय के अधीन ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की एक इकाई है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • 18 फरवरी, 2019 को रक्षा मंत्रालय द्वारा धनुष तोपों के बड़े पैमाने पर उत्पादन हेतु ‘ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड’ को स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी।
  • ज्ञातव्य है कि भारतीय थल सेना ने OFB को कुल 114 धनुष तोपों के निर्माण हेतु ऑर्डर दिया है, जिनकी कुल लागत लगभग 1700 करोड़ रुपये (प्रत्येक तोप की लागत 15 करोड़ रुपये) होगी।