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दो तीव्र गश्ती पोतों का जलावतरण

Two fast patrol vessels
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 22 नवंबर, 2018 को भारतीय पोत निर्माता कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड’ (GRSE) द्वारा कोलकाता स्थित हुगली नदी में दो तीव्र गश्ती पोतों (FPVs : Fast Patrol Vessels) का जलावतरण किया गया।
  • ये दो तीव्र गश्ती पोत हैं- ICGS अमृत कौर एवं ICGS कमला देवी।
  • पोतों का विवरण
  • इन दोनों पोतों का नामकरण भारत की दो प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर किया गया है।
  • ये दोनों पोत GRSE द्वारा भारतीय तटरक्षक बल हेतु निर्मित किए जा रहे पांच तीव्र गश्ती पोतों की शृंखला के क्रमशः तीसरे एवं चौथे पोत हैं।
  • उल्लेखनीय है कि इस शृंखला का पहला एवं दूसरा पोत क्रमशः ICGS प्रियदर्शिनी एवं ICGS एनी बेसेंट है।
  • इन सभी तीव्र गश्ती पोतों की लंबाई 50 मीटर, चौड़ाई 7.5 मीटर एवं विस्थापन क्षमता लगभग 308 टन है।
  • ये पोत 34 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम हैं।

ICGS वाराह

•    2 नवंबर, 2018 को लार्सन एंड टूब्रो के चेन्नई के निकट स्थित कटुपल्ली शिपयार्ड में ICGS वाराह का जलावतरण संपन्न हुआ।

•    यह भारतीय तटरक्षक बल हेतु निर्मित किया जा रहा एक अपतटीय गश्ती पोत (OPV) है।

•  इस 98 मीटर लंबे पोत को लार्सन एंड टूब्रो द्वारा डिजाइन एवं निर्मित किया गया है।

•  उल्लेखनीय है कि मार्च, 2015 में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय एवं एलएंडटी शिपबिल्डिंग के मध्य 7 अपतटीय गश्ती पोतों के निर्माण हेतु एक समझौता हुआ था।

•      समझौते के तहत निर्मित प्रथम एवं द्वितीय पोत ICGS विक्रम एवं ICGS विजया हैं, जिनकी तैनाती भारतीय तटरक्षक बल में हो चुकी है।