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थोक मूल्य सूचकांक में संशोधन हेतु कार्यदल

Working group for amendment in Wholesale Price Index
  • वर्तमान संदर्भ
  • 27 जून, 2019 को भारत सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index-WPI) (आधार वर्ष 2011-12) की वर्तमान शृंखला में संशोधन हेतु एक कार्यदल गठित किया है।
  • कार्यदल की संरचना
  • इस कार्यदल में अध्यक्ष सहित कुल 18 सदस्य हैं तथा नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद को इस कार्यदल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • शेष 17 सदस्यों में से 12 सदस्य सरकारी विभाग से एवं 5 सदस्य गैर-सरकारी विभाग से हैं।
  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी प्रभाग के अपर महानिदेशक, फील्ड ऑपरेशन डिवीजन के अपर महानिदेशक, राष्ट्रीय लेखा प्रभाग के उप-महानिदेशक एवं औद्योगिक सांख्यिकी प्रकोष्ठ के उप-महानिदेशक सरकारी सदस्य हैं।
  • इसके अतिरिक्त वित्त मंत्रालय से आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक सलाहकार एवं कर नीति अनुसंधान इकाई के अपर आयुक्त, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार, उपभोक्ता मामलों के विभाग के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार एवं कृषि विभाग के आर्थिक एवं सांख्यिकी सलाहकार भी सरकारी सदस्य हैं।
  • भारतीय रिजर्व बैंक का प्रतिनिधि एवं एसबीआई समूह के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. सौम्यकांति घोष बैंकों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हैं।
  • पांच गैर-सरकारी सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं- डॉ. सुजीत भल्ला (अर्थशास्त्री), डॉ. शामिका रवि (प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य), डॉ. धर्मकृति जोशी (क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री), नीलेश शाह (कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट के एमडी) एवं इंद्रनील सेनगुप्ता (बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के सह-प्रमुख और अर्थशास्त्री)।
  • आर्थिक सलाहकार के कार्यालय का आर्थिक सलाहकार, सदस्य सचिव के रूप में शामिल है।
  • उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में आर्थिक सलाहकार का कार्यालय इस कार्यदल हेतु मुख्य कार्यालय होगा तथा इसी कार्यालय में कार्यदल की सिफारिशें/रिपोर्ट आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु तैयार की जाएंगी।
  • कार्यदल के विचारार्थ विषय
  • भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और निर्माता मूल्य सूचकांक (Producer Price Index-PPI) की नई आधिकारिक शृंखला तैयार करने हेतु सर्वाधिक उपयुक्त आधार वर्ष का चयन करना।
  • WPI की वर्तमान शृंखला के जिंस बॉस्केट की समीक्षा करना और वर्ष 2011-12 से ही अर्थव्यवस्था में देखे जा रहे ढांचागत बदलावों के मद्देनजर जिंसों को जोड़ने या हटाने के बारे में सुझाव देना।
  • विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र में मूल्य संग्रह की वर्तमान प्रणाली की समीक्षा करना और सुधार के लिए संशोधन करने के बारे में सुझाव देना।
  • मासिक WPI/PPI हेतु अपनाई जाने वाली अभिकलन पद्धति के बारे में निर्णय लेना।
  • क्या है थोक मूल्य सूचकांक?
  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) लेन-देन के प्रारंभिक चरण के स्तर पर थोक बिक्री के लिए वस्तुओं की कीमतों में औसत परिवर्तन को मापता है। WPI सूचकांक बॉस्केट में शामिल जिंसों को तीन मुख्य वर्गों में विभाजित किया जाता है- प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन और ऊर्जा तथा विनिर्मित उत्पाद/विनिर्मित उत्पाद के लिए पूर्व-फैक्ट्री मूल्य, कृषि जिंसों के लिए कृषि-बाजार (मंडी) मूल्य एवं खनिजों के लिए पूर्व-खान पूर्व पर कीमतें तय की जाती हैं। सेवाएं WPI में शामिल नहीं होती हैं।
  • महत्व
  • थोक मूल्य सूचकांक एक महत्वपूर्ण सांख्यिकीय संकेतक है, क्योंकि सरकार के अनेक नीतिगत निर्णय जैसे मुद्रास्फीति प्रबंधन, आवश्यक जिंसों के मूल्यों की निगरानी आदि इसी पर आधारित होते हैं।
  • भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति में परिवर्तन करने के लिए जिन प्रमुख चरों का प्रयोग करता है, यह उनमें से एक है। नीतिगत चर के रूप में इसके योगदान के अलावा विभिन्न विभाग इसका उपयोग विभिन्न अनुबंधों की बढ़ी लागत निर्धारित करने में करते हैं।
  • आधार वर्ष में परिवर्तन की आवश्यकता?
  • विभिन्न नीतिगत निर्णयों के लिए बतौर उपकरण WPI के महत्व को ध्यान में रखते हुए देश की वर्तमान आर्थिक दशा की हकीकत बताने वाली अधिकतम विस्तृत, विश्वसनीय और सटीक सूचना के प्रसार की आवश्यकता होती है।
  • इस कारण अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तनों को समझने हेतु WPI का आधार वर्ष अद्यतन रहना जरूरी है।
  • अब तक आधार वर्ष में 7 बार परिवर्तन- वर्ष 1952-53, 1961-62, 1970-71, 1981-82, 1993-94, 2004-05 तथा वर्ष  2011-12 हो चुके हैं।
  • ध्यातव्य है कि आधार वर्ष 2011-12 के साथ थोक मूल्य सूचकांक की वर्तमान शृंखला मई, 2007 में अपनाई गई थी।
  • वर्ष 2011-12 से ही अर्थव्यवस्था में व्यापक ढांचागत परिवर्तन दृष्टिगत हो रहे हैं। अतः जिंसों की कवरेज और थोक मूल्य सूचकांक की वर्तमान शृंखला से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देना अनिवार्य हो गया है।
  • तदनुसार, सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष 2011-12) की वर्तमान शृंखला में संशोधन के लिए कार्यदल गठित किया है।

संललिन्द्र कुमार