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तेलंगाना की ब्लॉकचेन नीति का मसौदा पेश

Telangana's blockchain policy draft
  • पृष्ठभूमि
  • तेलंगाना सरकार ने देश के पहले ‘ब्लॉकचेन जिले’ की परिकल्पना की है। जिसकी पृष्ठभूमि अगस्त, 2018 में ही तैयार हो गई थी, जब तेलंगाना सरकार ने भारत का पहला ब्लॉकचेन जिला लांच/स्थापित करने के लिए टेक महिंद्रा न्यूक्लियस विजन और इलेवन 01 फाउंडेशन के साथ समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इस करार के तहत ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के विकास के लिए पूरा इकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) प्रदान करने की बात कही गई थी। सरकार के साथ करार करने वाली कंपनियां ब्लॉकचेन जिले के प्रमुख संस्थापक साझेदार के रूप में काम करेंगी।
  • ब्लॉकचेन
  • ब्लॉकचेन एक ऐसी प्रौद्योगिकी है, जिसमें सूचनाएं कई छोटे-छोटे ब्लॉक में सुरक्षित रहती हैं। इस तरह के आंकड़ों को कॉपी, हैक या इससे छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता है। सिर्फ रिकॉर्ड में और जानकारियां जोड़ी जा सकती हैं।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • ब्लॉकचेन जिला स्थापित करने की दिशा में अगला कदम बढ़ाने के क्रम में राज्य सरकार ने मई, 2019 में ब्लॉकचेन नीति का मसौदा पेश किया था।
  • मसौदा (Draft)
  • मसौदे में स्टार्टअप कंपनियों को आकर्षित करने के लिए उन्हें सब्सिडी पर जमीन देने, शोध के लिए वित्तपोषण और नियामकीय एवं नीतिगत समर्थन देने जैसी चीजों को शामिल किया गया है। मसौदे के मुताबिक ‘तेलंगाना राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा निगम लिमिटेड’ (Telangana State Industrial Infrastructure Corporation Limited) ब्लॉकचेन कंपनियों को सब्सिडी पर जमीन आवंटित करेगी। 5 लाख रुपये तक के पट्टा किराए (Lease Rentals) पर परिचालन के पहले 3 वर्ष तक 25 प्रतिशत सब्सिडी का प्रस्ताव किया गया है। यह नीति तेलंगाना को देश में ‘ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी’ की राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद करेगी।
  • ब्लॉकचेन जिला
  • यह जगह भौतिक रूप से राजधानी हैदराबाद में होगी। ब्लॉकचेन जिला ब्लॉकचेन उत्कृष्टता का ऐसा केंद्र होगा, जो भारत के ब्लॉकचेन स्टार्टअप व कंपनियों के विकास को प्रोत्साहन प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को लेकर पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है। इस जगह पर सभी प्रमुख ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी कंपनियां और बड़े इन्क्यूबेटर तथा शोध, नवोन्मेष और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्व-स्तरीय सुविधाएं मौजूद होंगी।
  • भारत में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं (ITeS)
  • लगभग 75 प्रतिशत वैश्विक डिजिटल प्रतिभा की मौजूदगी के साथ भारत विश्व की डिजिटल क्षमता का हब बन गया है। भारत का आईटी और आईटीईएस उद्योग वर्ष 2018-19 में बढ़कर 181 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
  • वित्त वर्ष 2018 में भारतीय आईटी बाजार का क्षेत्रवार (Sector wise) विभाजन (बिलियन डॉलर में)
  • वित्तवर्ष2018मेंनिर्यातराजस्वकाक्षेत्रवारविभाजन (प्रतिशतमें)

नोट : E R&D का तात्पर्य है- Engineering, Research & Development (इंजीनियरिंग, अनुसंधान और विकास)।