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तटरक्षक पोत वीर

Coast guard ship icgs
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 15 अप्रैल, 2019 को ‘ICGS वीर’ को विशाखापत्तनम में भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल कर लिया गया।
  • यह पोत तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) के कमांडर के प्रशासनिक एवं परिचालन नियंत्रण में विशाखापत्तनम में तैनात किया जाएगा।
  • ओपीवी
  • ज्ञातव्य है कि ICGS वीर अगली पीढ़ी का ‘अपतटीय गश्ती पोत’ (OPV : Offshore Patrol Vessel) है।
  • वास्तव में, OPV लंबी दूरी के सतही पोत होते हैं।
  • ये पोत तटीय एवं अपतटीय गश्ती समुद्री क्षेत्रों की निगरानी तथा तस्करी एवं समुद्री डकैती रोधी अभियानों में तैनात किए जा सकते हैं।
  • हालांकि युद्धकालीन परिस्थितियों में इनकी भूमिका सीमित होती है।
  • इन पोतों से हेलीकॉप्टर का संचालन किया जा सकता है।
  • एलएंडटी – भारत सरकार करार
  • मार्च, 2015 में भारत सरकार एवं एलएंडटी शिपबिल्डिंग के मध्य 1432 करोड़ रुपये के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • इस समझौते के तहत एलएंडटी शिपबिल्डिंग के चेन्नई स्थित कटुपल्ली शिपयार्ड पर भारतीय तटरक्षक बल हेतु सात अपतटीय गश्ती पोतों का निर्माण किया जाना था।
  • इस समझौते के तहत निर्मित प्रथम पोत ICGS विक्रम है जिसे अप्रैल, 2018 में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया जा चुका है।
  • भारत सरकार, एलएंडटी समझौते के तहत निर्मित द्वितीय पोत ICGS विजय है जिसे सितंबर, 2018 में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया था।
  • इस करार के तहत निर्मित तीसरा पोत ICGS वीर है।
  • विशेषताएं
  • ICGS वीर की लंबाई 98 मीटर, चौड़ाई 15 मीटर तथा वजन 2140 टन है।
  • यह पोत 26 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम है।
  • यह पोत 30 mm की एक तोप एवं 12.7 mm की दो तोपों से लैस है।
  • साथ ही यह पोत एक द्वि-इंजन वाले हेलीकॉप्टर तथा उच्च गति की चार नौकाओं को भी वहन कर सकता है।
  • यह पोत 9100 kW के दो डीजल इंजनों द्वारा चालित है।
  • ICGS वीर एलएंडटी शिपबिल्डिंग द्वारा निर्मित 50वां पोत है।

स. सौरभ मेहरोत्रा