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डोनाल्ड ट्रम्प की उत्तर कोरिया यात्रा

Donald Trump's North Korea Tour
  • 30 जून, 2019 को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उत्तर कोरिया की यात्रा करने वाले पहले पदासीन राष्ट्रपति बने।
  • ध्यातव्य है कि जिमी कार्टर और बिल क्लिंटन जैसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों ने उत्तर कोरिया की यात्रा की थी, पर वे उस समय राष्ट्रपति के पद पर नहीं थे।
  • गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रम्प की यह उत्तर कोरियाई यात्रा कोई आधिकारिक नहीं थी, क्योंकि दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से मुलाकात करने का संदेश भेजा, जिसे उत्तर कोरियाई शासक ने मंजूर कर लिया।
  • हालांकि यह मुलाकात महज कुछ घंटों की थी, जो उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के सीमावर्ती असैन्यीकृत क्षेत्र (Demilitarised Zone) में संपन्न हुई।
  • डोनाल्ड ट्रम्प की नई उत्तर कोरियाई नीति
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी नई उत्तर कोरियाई विदेश नीति के तहत, इस देश के साथ बेहतर संबंधों के निर्माण को प्रमुखता दी है।
  • इसी नीति के परिणामस्वरूप दोनों देशों के शीर्ष नेता (ट्रम्प और किम जोंग उन) पिछले एक वर्ष में तीन बार द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं।
  • ध्यातव्य है कि पहली वार्ता जून, 2018 में सिंगापुर और दूसरी फरवरी, 2019 में वियतनाम की राजधानी हनोई में संपन्न हो चुकी है।
  • गौरतलब है कि द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रयास है कि उत्तर कोरिया अपने विध्वंसक नाभिकीय हथियारों और बैलेस्टिक मिसाइलों के विकास कार्यक्रम को रोक दे।
  • जबकि उत्तर कोरिया अपने ऊपर लगे कठोर आर्थिक प्रतिबंधों में ढील चाहता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों यथा-विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पर अमेरिकी प्रभुत्व होने के कारण उसके लिए अमेरिकी डॉलर की प्राप्ति कठिन हो गई है।
  • इसके अतिरिक्त विगत वर्षों में अमेरिका के विरोधी रहे वियतनाम जैसे देशों ने इस महाशक्ति (अमेरिका) से अपने संबंध सुधार कर आज आर्थिक प्रगति की राह में काफी आगे बढ़ चुके हैं। इस कारण से भी उत्तर कोरिया, अमेरिका से बेहतर संबंध बनाना चाहता है।
  • दोनों देशों के मध्य तनाव द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुए घटनाक्रम के समय ही उत्पन्न हो गए थे।
  • गौरतलब है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों के मध्य हुए समझौते के अनुसार, सोवियत संघ को कोरियाई प्रायद्वीप के उत्तरी हिस्से की, जबकि अमेरिका को दक्षिणी हिस्से की निगरानी का दायित्व मिला।
  • 25 जून, 1950 को सोवियत संघ और साम्यवादी चीन का समर्थन पाकर उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आक्रमण कर दिया।
  • इस आक्रमण के प्रतिक्रिया स्वरूप अमेरिका एवं उसके सहयोगी देशों की सेनाओं ने उत्तर कोरिया पर आक्रमण कर जानमाल को भारी क्षति पहुंचाई।
  • 27 जुलाई, 1953 को दोनों पक्षों के बीच युद्ध संधि होने से शांति स्थापित हुई, किंतु उत्तर और दक्षिण कोरिया के मध्य आपसी तनाव जारी रहा।
  • गौरतलब है द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान एवं दक्षिण कोरिया की सुरक्षा का उत्तरदायित्व अपने ऊपर ले रखा है।
  • इस संदर्भ में उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नाभिकीय हथियारों और लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइलों के विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में 20 से 30 विध्वंसक परमाणु हथियारों का जखीरा है। इसके साथ ही 30 से 60 अतिरिक्त परमाणु हथियारों के निर्माण हेतु पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है।
  • इसके अतिरिक्त उत्तर कोरिया के पास पर्याप्त मात्रा में रासायनिक एवं जैविक हथियारों का भंडार होने का भी अनुमान है।
  • गौरतलब है कि वर्ष 2003 में उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि एनपीटी (Non-Proliferation Treaty) से स्वयं को अलग कर लिया था।
  • इसके बाद वर्ष 2006 से उत्तर कोरिया ने क्रमशः बढ़ती हुई क्षमता वाले 6 परमाणु परीक्षण सफलतापूर्वक किए, जिसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र संघ के कठोर प्रतिबंधों के दायरे में आ गया।