Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

जीसैट-11 : भारत का सबसे वजनी संचार उपग्रह

GSAT-11: India's Largest Communications Satellite
  • एरियनस्पेस
  • विश्व की पहली व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपण सेवा प्रदाता कंपनी के रूप में एरियनस्पेस (Arianespace) की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी।
  • इसका मुख्यालय फ्रांस में पेरिस के निकट एवरी (Evry) में स्थित है।
  • एरियनस्पेस द्वारा वर्ष 1980 से अब तक फ्रेंच गुयाना (दक्षिण अमेरिका) तथा बैकानूर (कजाख्स्तान) स्थित प्रक्षेपण स्थलों से एरियन, सोयुज एवं वेगा शृंखला के रॉकेटों द्वारा लगभग 590 उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जा चुका है।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भी विगत 37 वर्षों से अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए एरियनस्पेस की सेवों ले रहा है।
  • प्रायोगिक उपग्रह ‘एप्पल’ (APPLE) इसरो का पहला उपग्रह था, जिसे एरियनस्पेस ने एरियन-1 रॉकेट के जरिए वर्ष 1981 में प्रक्षेपित किया था।
  • जीसैट-11 मिशन
  • जीसैट-11 भारत का नवीनतम संचार उपग्रह है, जिसका प्रक्षेपण एरियनस्पेस ने किया है।
  • उल्लेखनीय है कि जीसैट-11 इसरो द्वारा निर्मित सबसे बड़ा एवं सबसे वजनी (Heaviest) उपग्रह है।
  • 5 दिसंबर, 2018 को भारतीय समयानुसार, 2: 07 am पर एरियन-5 रॉकेट (उड़ान संख्या VA 246) ने फ्रेंच गुयाना स्थित कौरू प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी और भारत के जीसैट-11 एवं दक्षिण कोरिया के जियो-कॉम्पसैट-2 ए (GEO-KOMPSAT-2A) उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित कर दिया।
  • एरियन-5 ने 33 मिनट के इस मिशन के दौरान सर्वप्रथम भारतीय उपग्रह जीसैट-11 को दीर्घवृत्ताकार ‘भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा’ (GTO) में स्थापित किया।
  • इसके बाद चार चरणों में कक्षोन्नयन (Orbit raising) की प्रक्रियाओं द्वारा जीसैट-11 को भूमध्य रेखा से 36000 किमी. की ऊंचाई पर स्थित भूस्थिर कक्षा (Geostationary Orbit) में स्थापित कर दिया गया।
  • जीसैट-11 भूस्थिर कक्षा में 74o पूर्व देशांतर (74-degree east longitude) में स्थापित है।
  • जीसैट-11 : विशेषताएं
  • जीसैट-11 भारत का अगली पीढ़ी का अत्याधुनिक संचार उपग्रह है।
  • ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (ISRO) का यह 6 टन श्रेणी (6 ton class) का पहला उपग्रह है।
  • साथ ही यह इसरो द्वारा निर्मित 34वां संचार उपग्रह भी है।
  • इस उपग्रह का प्रमोचन भार (Launch mass) 5854 किग्रा. तथा मिशन कालावधि 15 वर्ष है।
  • जीसैट-11 इसरो का 22वां उपग्रह है, जिसे एरियनस्पेस ने प्रक्षेपित किया है।
  • जीसैट-11 : अनुप्रयोग
  • जीसैट-11 अपने साथ 40 ट्रांसपोंडरों (32 ट्रांसपोंडर Ku बैंड में तथा 8 ट्रांसपोंडर Ka बैंड में) को लेकर गया है, जिनके माध्यम से यह भारतीय मुख्यभूमि तथा द्वीपीय क्षेत्र में प्रयोक्ताओं को उच्च गति की डाटा कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
  • साथ ही इस उपग्रह के माध्यम से भारतनेट परियोजना के अंतर्गत आने वाले देश के ग्रामीण क्षेत्रों तथा अगम्य ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुलभ हो सकेगी।
  • जियो-कॉम्पसैट-2ए
  • उल्लेखनीय है कि सद्यः मिशन के तहत एरियन-5 ने जीसैट-11 के अतिरिक्त दक्षिण कोरियाई उपग्रह जियो-कॉम्पसैट-2ए को भी अंतरिक्ष में स्थापित किया।
  • इस उपग्रह का निर्माण, ‘कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (KARI : Korea Aerospace Research Institute) द्वारा किया गया है।
  • इस उपग्रह का प्रमोचन भार 3507.2 किग्रा. तथा मिशन कालावधि लगभग 10 वर्ष है।
  • जियो-कॉम्पसैट-2 ए दक्षिण कोरिया का 7वां उपग्रह है, जिसका प्रक्षेपण एरियनस्पेस ने किया है।
  • यह उपग्रह मौसम विज्ञान तथा अंतरिक्षीय मौसम की निगरानी संबंधी मिशनों को संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • निष्कर्ष

   सद्यः प्रक्षेपित जीसैट-11 उपग्रह देश में ब्रॉडबैंड सेवों उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह नई पीढ़ी के अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करने का मंच भी प्रदान करेगा। ज्ञातव्य है कि जीसैट-11 इसरो की नई पीढ़ी के ‘उच्च थ्रूपुट संचार उपग्रह’ (HTS : High-throughput communication satellite) बेड़े का एक अंग है। इस बेड़े के दो सदस्य यथा जीसैट-29 तथा जीसैट-19 पहले ही अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए जा चुके हैं। साथ ही निकट भविष्य में इस बेड़े के एक अन्य उपग्रह जीसैट-20 का प्रक्षेपण भी प्रस्तावित है। संचार उपग्रहों का यह बेड़ा मुख्य रूप से देश के सुदूरवर्ती एवं पहाड़ी उत्तर-पूर्वी राज्यों और जम्मू एवं कश्मीर के उपभोक्ताओं को उच्च गति की इंटरनेट सेवों प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो अभी तक इससे अछूते रहे हैं। इसरो की योजना अपने उच्च थ्रूपुट संचार उपग्रहों के बेड़े के माध्यम से भारतीय प्रयोक्ताओं को 100 Gbps की दर से ब्रॉडबैंड सेवों प्रदान करने की है।

लेखक-सौरभ  मेहरोत्रा