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जयपुर : विश्व धरोहर स्थल घोषित

Jaipur: World Heritage Site declared
  • विश्व धरोहर समिति की 43वीं बैठक
  • यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति (World Heritage Committee) की 43वीं वार्षिक बैठक 30 जून से 10 जुलाई, 2019 के मध्य अजरबैजान की राजधानी बाकू में संपन्न हुई।
  • इस बैठक के दौरान समिति द्वारा विश्वभर के कुल 29 नए स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।
  • इन 29 स्थलों में से 24 सांस्कृतिक स्थल, 4 प्राकृतिक तथा 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं।
  • नए स्थलों को शामिल किए जाने के बाद अब विश्व के 167 देशों में विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 1121 हो गई है, जिनमें से 869 सांस्कृतिक स्थल, 213 प्राकृतिक स्थल तथा 39 मिश्रित स्थल के रूप में शामिल हैं।
  • जयपुर को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा
  • विश्व धरोहर समिति की 43वीं बैठक के दौरान 6 जुलाई, 2019 को भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्य, राजस्थान में स्थित जयपुर शहर को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की गई।
  • यह विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का 38वां स्थल है।
  • ज्ञातव्य है कि जयपुर शहर सांस्कृतिक स्थल के रूप में विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला दूसरा भारतीय शहर है।
  • इससे पूर्व 8 जुलाई, 2017 को गुजरात के ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
  • उल्लेखनीय है कि ‘अहमदाबाद ‘विश्व धरोहर सूची में स्थान पाने वाला पहला भारतीय शहर है।
  • विश्व धरोहर सूची में शामिल भारत के 38 स्थलों में से 30 को सांस्कृतिक श्रेणी, 7 को प्राकृतिक श्रेणी तथा 1 स्थल को मिश्रित श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है।
  • जयपुर को विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित करने हेतु भारत के नामांकन (Nomination) का समर्थन करने वाले देश/क्षेत्र  इस प्रकार हैं- ब्राजील, बहरीन, क्यूबा, इंडोनेशिया, अजरबैजान, कुवैत, किर्गिजस्तान, जिम्बाब्वे, चीन, ग्वाटेमाला, युगांडा, ट्यूनीशिया, बुर्किना फासो, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, अंगोला सेंट किट्स एवं नेविस।
  • ऑस्ट्रेलिया एवं नॉर्वे भी विचार-विमर्श के बाद जयपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर सहमत हुए।
  • जयपुर : ऐतिहासिक शहर
  • जयपुर के किलेबंद शहर की स्थापना 1727 ई. में सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी।
  • जयपुर शहर तीन ओर से अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है इस शहर की पहचान यहां की समृद्ध भवन निर्माण परंपरा तथा सांस्कृतिक उत्कृष्टता है।
  • 1876 ई. में जयपुर के तत्कालीन महाराज सवाई रामसिंह ने इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ तथा युवराज अल्बर्ट प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत में पूरे शहर को गुलाबी रंग से सजवाया था।
  • तभी से जयपुर को ‘गुलाबी शहर’ के नाम से जाना जाता है।
  • ज्ञातव्य है कि जयपुर से पूर्व, वर्ष 2013 में राजस्थान के 6 पहाड़ी किलों (चित्तौड़गढ़ किला, कुंभलगढ़ किला, रणथम्भौर किला, जैसलमेर किला, अजमेर किला तथा गागरोन किला), वर्ष 2010 में जंतर मंतर (जयपुर) तथा वर्ष 1985 में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जा चुका है।
  • जयपुर भारत के टूरिस्ट सर्किट गोल्डेन ट्रायंगल का हिस्सा है।
  • इस गोल्डेन ट्रायंगल में दिल्ली, आगरा और जयपुर आते हैं।
  • स्मरणीय है कि विश्व धरोहर समिति की 42वीं बैठक के दौरान जून, 2018 में मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको शैली के भवनों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
  • विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल प्रमुख विदेशी स्थल
  • विश्व धरोहर समिति की 43वीं बैठक के दौरान भारत के अतिरिक्त जिन विदेशी स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया उनमें प्रमुख हैं-
  • सांस्कृतिक

1. बुर्किना फासो की प्राचीन लौह धातुएं

   2.   लिआंगझू शहर (चीन) के पुरातात्विक खंडहर

   3.   दिलमुन समाधी के टीले (बहरीन)

   4.   खान के महल के साथ शंकी का ऐतिहासिक केंद्र (अजरबैजान)

   5.   फ्रैंक लायड राइट की 20वीं शताब्दी की वास्तुकला (संयुक्त राज्य अमेरिका)

   6.   जल प्रबंधन प्रणाली ऑग्सबर्ग (जर्मनी)।      

प्राकृतिक

1. फ्रेंच ऑस्ट्रल भूमि और समुद्र फ्रांस

   2.   हिरकानियन वन (ईरान का इस्लामी गणराज्य)

मिश्रित

1. पैराटी और इलाहा ग्रांडे-सांस्कृतिक और जैव विविधता (ब्राजील)

  • संकटग्रस्त विश्व धरोहर स्थल
  • विश्व धरोहर समिति की 43वीं बैठक के दौरान ही मेक्सिको के कैलिफोर्निया की खाड़ी के द्वीप समूह और संरक्षित क्षेत्र को ‘विश्व की संकटग्रस्त’ धरोहरों की सूची में शामिल किया गया।
  • 42वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक, 2018 में तुर्काना झील राष्ट्रीय उद्यान (केन्या) को विश्व की संकटग्रस्त धरोहरों की सूची में शामिल किया गया था।
  • इस प्रकार वर्तमान में विश्व की संकटग्रस्त धरोहरों की सूची  में कुल 53 स्थल शामिल हैं।
  • विश्व की संकटग्रस्त धरोहरों की सूची में भारत का कोई भी स्थल शामिल नहीं है।