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ग्रामीण स्वच्छता रणनीति, 2019-29

Swach Bharat Mission-Gramin
  • भूमिका
  • स्वस्थ शरीर में ही स्वच्छ मन का विकास होता है जो उन्नति, प्रगति एवं विकास का मार्ग प्रतिस्थापित करता है। मन, विचार एवं कर्म को स्वच्छ बनाने के लिए शुद्ध पर्यावरण की आवश्यकता होती है। इसी स्वच्छ पर्यावरण को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (Swach Bharat Mission-Gramin-SBM-G) की शुरुआत की गई। इस मिशन द्वारा देश ने 5 वर्षों में अभूतपूर्व और अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त (Open Defecation Free- ODF) घोषित कर महात्मा गांधी को 150वीं जयंती (2 अक्टूबर, 2019) के शुभ अवसर पर गौरवपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 27 सितंबर, 2019 को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (Department of Drinking Water and Sanitation-DDWS) द्वारा 10 वर्षीय ग्रामीण स्वच्छता रणनीति (2019-2029) का राष्ट्रीय उद्घाटन किया गया।
  • इस रणनीति का ध्येय स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन (एसबीएम-जी) के द्वारा 5 वर्षों में प्राप्त स्वच्छता को स्थायित्व प्रदान कर सभी तक ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की पहुंच सुनिश्चित करना है।
  • 10 वर्षीय ग्रामीण स्वच्छता रणनीति (2019-2029) का उद्देश्य ओडीएफ प्लस के लिए योजना बनाने तथा उसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रदान करना है।
  • प्रमुख तथ्य
  • यह रणनीति जल शक्ति मंत्रालय और स्वच्छता विभाग द्वारा राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों की सलाह पर तैयार की गई है।
  • यह रणनीति स्थानीय सरकारों, नीति-निर्माताओं, क्रियान्वयन एजेंसियों और विभिन्न हितधारकों को ओडीएफ प्लस हेतु योजना बनाने के लिए बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
  • ध्यातव्य है कि ओडीएफ प्लस ऐसी श्रेणी है, जहां हर कोई शौचालय का प्रयोग करता है तथा प्रत्येक गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था होती है।
  • इस रणनीति के सफल क्रियान्वयन एवं नवीन आदर्श (Innovative Models) स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
  • ध्यातव्य है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 10 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है, जो स्वच्छता के विस्तार में सहायक हुआ है।
  • 10 वर्षीय रणनीति राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा क्षमता सुदृढ़ीकरण, सूचना शिक्षा एवं संचार (आईईसी), जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रे जल प्रबंधन तथा काले पानी के प्रबंधन द्वारा इस मिशन के लाभ को सतत बनाए रखने की आवश्यकता पर केंद्रित है।
  • इस रणनीति में राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि कोई भी पीछे न रहे और अगर किसी घर में शौचालय नहीं है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर शौचालय की सुविधा प्रदान की जाए।
  • यह रणनीति विकास सहयोगियों, नागरिक समाज और अंतर-सरकारी भागीदारी के साथ संभावित सहयोग के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करती है।
  • निष्कर्ष
  • स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के 5 वर्ष पूर्ण होने पर भारत स्वच्छता के मामलों में अन्य देशों के लिए एक प्रेरणास्रोत बना गया है। यदि यही दिशा एवं प्रगति रही, तो 10 वर्षीय ग्रामीण स्वच्छता रणनीति के पूर्ण होने तक भारत के विश्व के अग्रणी स्वच्छ देशों की श्रेणी में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

संसुनीत कुमार द्विवेदी