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कैगा-1 ने रचा विश्व कीर्तिमान

Kaiga -1 has created world record

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 10 दिसंबर, 2018 को कर्नाटक स्थित परमाणु रिएक्टर ‘कैगा उत्पादन केंद्र-1’ (Kaiga Generating Station-1) ने 941 दिनों तक निर्बाध रूप से लगातार विद्युत उत्पादन करके विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।
  • यह विश्व में किसी भी प्रकार के नाभिकीय संयंत्र की तुलना में सर्वाधिक अवधि तक निर्बाध रूप से संचालित रहने का विश्व रिकॉर्ड है।
  • गौरतलब है कि कर्नाटक के कारवाड़ जिले से 56 किलोमीटर दूर स्थित कैगा-1, 13 मई, 2016 से लगातार विद्युत का उत्पादन कर रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व यह विश्व कीर्तिमान यूनाइटेड किंगडम के हेशाम नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र-2 की इकाई-8 (Heysham-2 Unit-8) के नाम था, जिसने लगातार 940 दिनों तक विद्युत का उत्पादन किया था।
  • हालांकि कैगा उत्पादन केंद्र-1 (KGS-1) एक दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) है, जबकि हेशाम-2 इकाई-8 एक उन्नत गैस कूल्ड रिएक्टर (AGR) है।

कैगा1

  • कैगा संयंत्र कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में काली नदी पर स्थित है।
  • कैगा-1, यूरेनियम से चलने वाला स्वदेश निर्मित रिएक्टर है। इसका वाणिज्यिक परिचालन 16 नवंबर, 2000 को प्रारंभ हुआ था।
  • कैगा उत्पादन केंद्र-1 की क्षमता 220 मेगावॉट है।
  • ध्यातव्य है कि जून, 2018 में कैगा-1 ने 766 दिनों तक निर्बाध संचालन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।
  • जबकि 25 अक्टूबर, 2018 को कैगा-1 ने दाबित भारी जल रिएक्टरों की श्रेणी में सर्वाधिक अवधि तक निर्बाध रूप से संचालित रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
  • इससे पूर्व यह रिकॉर्ड ओंटारियो (कनाडा) स्थित दाबित भारी जल रिएक्टर पिकरिंग-7 (Pickering-7) के नाम था, जो 894 दिनों तक निर्बाध रूप से संचालित रहा था।

न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड

  • भारत में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन का उत्तरदायित्व सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) पर है।
  • ध्यातव्य है कि न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्यरत है।
  • इस कंपनी को कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत सितंबर, 1987 में पंजीकृत किया गया था।
  • इसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत भारत सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अनुपालन करते हुए विद्युत उत्पादन के लिए परमाणु विद्युत संयंत्रों का प्रचालन एवं कार्यान्वयन करना है।
  • उल्लेखनीय है कि एनपीसीआईएल (NPCIL) वर्तमान में कुल 6780 मेगावॉट क्षमता के साथ 22 वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों का प्रचालन कर रहा है।
  • वर्तमान  में एनपीसी-आईएल के आठ रिएक्टर निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं, जिनकी कुल विद्युत उत्पादन  क्षमता   6200 मेगावॉट है।

भारत की प्रचालनरत एवं निर्माणाधीन परमाणु इकाइयां

  • प्रचालनरत इकाइयां निम्न हैं-

   • तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 160 मेगावॉट)

   •  तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 3 एवं 4 (2 × 540 मेगावॉट)

   •  राजस्थान परमाणु विद्युत केंद्र, कुल 6 इकाइयां

   •  मद्रास परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 220 मेगावॉट)

   •  नरौरा परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 220 मेगावॉट)

   •  काकरापार परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 220 मेगावॉट)

   •  कैगा विद्युत उत्पादन केंद्र, इकाइयां- 1 से 4 (4 × 220 मेगावॉट)

   •  कुडनकुलम नाभिकीय विद्युत परियोजना, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 1000 मेगावॉट)

       निर्माणाधीन इकाइयां निम्न हैं

    •  काकरापार परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 3 एवं 4 (2 × 700 मेगावॉट)

   •  राजस्थान परमाणु विद्युत केंद्र, इकाइयां- 7 एवं 8 (2 × 700 मेगावॉट)

   •  गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना, इकाइयां- 1 एवं 2 (2 × 700 मेगावॉट)

   •  कुडनकुलम नाभिकीय विद्युत परियोजना, इकाइयां- 3 एवं 4 (2 × 1000 मेगावॉट)