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कृषि में सहयोग पर चांगशा घोषणा

Changsha declaration on cooperation in agriculture
  • वर्तमान संदर्भ
  • आज भी गरीबी और भुखमरी विकासशील देशों के लिए एक चुनौती बनी हुई है। विभिन्न वैश्विक संस्थाओं एवं देशों द्वारा इसे समाप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
  • इसी दिशा में हाल ही में हुनान प्रांत (Hunan Province) के चांगशा (चीन) में ‘कृषि में वैश्विक दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर मंत्रिस्तरीय फोरम’  (MFASSC : Ministerial Forum on Global South-South Cooperation in Agriculture) का आयोजन किया गया।
  • इस फोरम का आयोजन चीन के ग्रामीण एवं कृषि मामलों के मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा किया गया।
  • इस फोरम का केंद्रीय विषय ‘2030 सतत विकास लक्ष्य : कृषि में वैश्विक दक्षिण-दक्षिण सहयोग हेतु नए अवसर, (2030 Sustainable Development Goals : New Opportunities for Global South-South Cooperation in Agriculture) था।
  • चांगशा घोषणा
  • इस फोरम के दौरान विश्व के 26 देशों एवं 11 अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा ‘कृषि में वैश्विक दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर चांगशा घोषणा’ (Changsa Declaration on Global South-South Cooperation in Agriculture) अंगीकृत की गई।
  • इस घोषणा के माध्यम से दक्षिण-दक्षिण सहयोग सिद्धांतों को राष्ट्रीय नीतियों एवं कार्यक्रमों में शामिल करने की योजना निर्धारित की गई है।
  • चांगशा घोषणा का उद्देश्य देशों के मध्य संसाधनों के आदान-प्रदान, आपसी साझाकरण तथा अभ्यास के द्वारा भूख और कुपोषण (Hunger and Malnutrition) को खत्म करना है।
  • एशिया में भूख एवं कुपोषण
  • ज्ञातव्य है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की चार एजेंसियों यथा FAO, यूनिसेफ, विश्व खाद्य कार्यक्रम तथा WHO ने एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं कुपोषण पर एक रिपोर्ट जारी की थी।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में लगभग 486 मिलियन लोग अल्पपोषित हैं।
  • इन चार एजेंसियों द्वारा यह चेतावनी दी गई है कि अगर इस क्षेत्र के देशों द्वारा वर्ष 2030 तक शून्य भुखमरी की स्थिति प्राप्त करने तथा कुपोषण के सभी रूपों को समाप्त करने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की गई, तो इस क्षेत्र में विशाल मानव हानि का खतरा रहेगा।
  • सद्यः फोरम के दौरान खाद्य एवं कृषि संगठन के महानिदेशक जोस ग्रैजियानो दा सिल्वा ने कृषि नवाचार एवं निवेश संवर्धन के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने हेतु बीजिंग, चीन में कृषि नवाचार एवं ग्रामीण विकास हेतु एक अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
  • दक्षिण-दक्षिण सहयोग
  • दक्षिण-दक्षिण सहयोग शब्द का प्रयोग विकासशील देशों (जिन्हें वैश्विक दक्षिण के देश भी कहा जाता है) के मध्य संसाधनों, प्रौद्योगिकी एवं ज्ञान के आदान-प्रदान का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
  • प्रतिवर्ष 12 सितंबर को ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग हेतु अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ (International Day for South-South Cooperation) के रूप में मनाया जाता है।