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किलोग्राम की नई परिभाषा

New definition of kilogram
  • किसी भी चीज को अनंत शुद्धता से मापना संभव नहीं है। उदाहरण के लिए आपका 1 मीटर वाला स्केल 1.00 मीटर का जरूर होगा, मगर उस स्केल को और अच्छे यंत्र से मापें तो 1.0025 मीटर हो सकता है। उसे और भी अच्छे यंत्र से मापें तो हो सकता है वह 1.002523 मीटर निकले। जितनी ही शुद्धता से इसे नापा जाएगा उतनी ही बार कुछ न कुछ अशुद्धता हमेशा ही बनी रहेगी। इसी तरह मापने वाली आप किसी भी चीज को ले लें, जैसे समय या द्रव्यमान यह बात सबके लिए सत्य है।
  • वर्तमान में प्रचलित मापन इकाइयां किसी भौतिक वस्तु या अनियमित संदर्भ पर आधारित थे। इसलिए मापन इकाइयों के मूल्य निर्धारण के लिए कुछ ऐसा चाहिए था, जो विश्वव्यापी हो और समय के साथ कभी न बदले। ऐसा कुछ जो स्वयं में परिभाषित हो और प्रायोगिक तौर पर भी सर्वसुलभ हो।
  • वो है मूलभूत भौतिक स्थिरांक (Basic Physical Constants) – ये वो स्थिरांक हैं जिन्हें आप भले ही पूर्ण शुद्धता से माप न सकें लेकिन इनका मूल्य स्थिर होता है जो कभी नहीं बदलता। हर देश-काल में एक जैसा रहता है।
  • इसलिए अब SI पद्धति में सभी सात मूल इकाइयों को भौतिक स्थिरांकों के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • नई परिभाषाओं का उद्देश्य मौजूदा मापों के साथ निरंतरता सुनिश्चित करते हुए किसी भी इकाई के मूल्य में बदलाव के बिना SI पद्धति में सुधार करना है।
  • 20 मई, 2019 को चार मापक इकाइयों किलोग्राम, एम्पियर, केल्विन और मोल की नई परिभाषाएं पूरे विश्व में लागू हो गईं।
  • उल्लेखनीय है कि 20 मई, 1875 को विश्व के 17 देशों के प्रतिनिधियों ने माप-तौल की एक सर्वमान्य अंतरराष्ट्रीय इकाई तय करने के लिए पेरिस में मीटर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए थे।
  • इस तरह इन चार इकाइयों की पुनर्परिभाषा मीटर कन्वेंशन की 144वीं वर्षगांठ पर लागू हुई।
  • ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष 20 मई को विश्व माप विज्ञान दिवस (World Metrology Day) मनाया जाता है।
  • पृष्ठभूमि
  • दशकों तक प्रयोगशालाओं में किए गए गहन वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद आखिरकार 16 नवंबर, 2018 को दुनिया भर के 60 देशों के मेट्रोलॉजिस्ट और नीति निर्माताओं ने चार इकाइयों की माप की नई परिभाषा के लिए सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की।
  • अंतरराष्ट्रीय भार एवं माप ब्यूरो (BIPM) द्वारा फ्रांस के वर्साय (Versailles) में भार एवं माप की आम सभा (CGPM) की 26वीं बैठक में प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की इकाइयों (SI) को फिर से परिभाषित करने के लिए मतदान किया गया, जिसमें किलोग्राम, एम्पियर, केल्विन और मोल की परिभाषा बदल दी गई।
  • पुनर्परिभाषा में, SI आधारित इकाइयों में किलोग्राम, एम्पियर, केल्विन और मोल के लिए सटीक संख्यात्मक मान सेट करके उन्हें क्रमशः प्लांक नियतांक (h), मूल विद्युत आवेश (e), बोल्ट्जमैन स्थिरांक (k) और आवोगाद्रो स्थिरांक (Na) से परिभाषित किया गया।
  • सेकंड, मीटर और कैंडेला पहले से ही भौतिक स्थिरांकों द्वारा परिभाषित थे।
  • सबसे बड़ा परिवर्तन किलोग्राम के लिए होगा, जो अभी तक  प्लैटिनम-इरिडियम मिश्रधातु सिलेंडर द्वारा निर्धारित किया गया है, जिसे पेरिस में अंतरराष्ट्रीय भार और माप ब्यूरो में ‘ले ग्रैंड के’ (Le Grand K) कहा जाता है।
  • किलोग्राम
  • पुरानी परिभाषा – 1 किलोग्राम, पेरिस में रखे प्लैटिनम-इरिडियम के एक विशेष टुकड़े का द्रव्यमान माना गया है। व्यवहार में, 1 किलोग्राम 4oC के 1 लीटर जल का द्रव्यमान होता है।
  • नई परिभाषा – 20 मई, 2019 से भारत सहित विश्व के 101 देशों ने किलोग्राम की नई परिभाषा को अपना लिया है। अब 1 किलोग्राम को प्लांक नियतांक के आधार पर मापा जाएगा।
  • प्लांक नियतांक h = 6.62607015 × 10-34 Js
  • एम्पियर
  • पुरानी परिभाषा – 1 एम्पियर वैद्युत धारा वह धारा है, जो निर्वात में 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो सीधे, अनंत लंबाई के समांतर तारों में प्रवाहित होने पर, प्रत्येक तार की प्रति मीटर लंबाई पर तारों के बीच 2 × 10-7 न्यूटन बल उत्पन्न करती है।
  • नई परिभाषा – 20 मई, 2019 से अंगीकृत नई परिभाषा के तहत, एम्पियर ‘मूल विद्युत आवेश’ (Elementry Electric Charge) के आधार पर परिभाषित किया जाएगा।
  • मूल विद्युत आवेश e = 1.602176634 × 10-19 C
  • केल्विन
  • पुरानी परिभाषा – 1 केल्विन जल के त्रिक बिंदु (Triple Point) के ऊष्मागतिक ताप का 1/273.16वां भाग है।
  • नई परिभाषा – 20 मई, 2019 से अंगीकृत नई परिभाषा के तहत केल्विन को बोल्ट्जमैन नियतांक (Boltzmann Constant) द्वारा परिभाषित किया जाएगा।
  • बोल्ट्जमैन नियतांक k = 1.380649 × 10-23 J/K
  • मोल
  • पुरानी परिभाषा – 1 मोल किसी पदार्थ की वह मात्रा है, जिसमें उस पदार्थ के अवयवों की संख्या C-12 के 0.012 किग्रा. में परमाणुओं की संख्या के बराबर है।
  • नई परिभाषा – 20 मई, 2019 से अंगीकृत नई परिभाषा के तहत मोल को आवोगाद्रो नियतांक द्वारा परिभाषित किया जाएगा।
  • आवोगाद्रो नियतांक (NA) = 6.02214076 × 1023 mol-1
  • अन्य तीन मात्रक इकाइयां
  • मीटर – 1983 में स्वीकृत संशोधित परिभाषा के तहत मीटर वह दूरी है, जो निर्वात में प्रकाश की किरण सेकंड के 1/299792458वें हिस्से में तय करती है।
  • सेकंड – 1 सेकंड वह समयांतराल है, जिसमें परमाणुक घड़ी में सीजियम-133 परमाणु 9,192,631,770 Hz कंपन करता है।
  • कैंडेला – किसी निश्चित दिशा में किसी प्रकाश स्रोत की ज्योति तीव्रता 1 कैंडेला तब कही जाती है, जब यह स्रोत उस दिशा में 540 × 1012 Hz आवृत्ति तथा 1/683 वॉट/स्टेरेडियन तीव्रता का एकवर्णीय प्रकाश उत्सर्जित करता हो।
  • 20 मई, 2019 से लागू नई परिभाषाओं का आम जन-जीवन में कुछ खास असर नहीं देखा जाएगा, परंतु इस बदलाव के सूक्ष्मतम स्तर पर व्यापक परिणाम होंगे।
  • SI की परिभाषा में परिवर्तन के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय व्यापार, उच्च तकनीक निर्माण, मानव स्वास्थ्य और सुरक्षा, पर्यावरण की सुरक्षा, वैश्विक जलवायु अध्ययन और बुनियादी विज्ञान के क्षेत्रों में सुलभता आएगी।
  • मूलभूत भौतिक स्थिरांक के आधार पर किलोग्राम को परिभाषित किए जाने से उसकी दीर्घावधिक स्थिरता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी, जो पहले संदेह के घेरे में थी।
  • इसी प्रकार एम्पियर एवं केल्विन की नई परिभाषाओं की मदद से विद्युत एवं रेडियोमेट्रिक तापमान संबंधी मापन और अधिक शुद्धता के साथ किए जा सकेंगे।
  • वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) अंतरराष्ट्रीय माप-तौल इकाइयों को नए सिरे से परिभाषित किए जाने को व्याख्यानों और अन्य कई कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
  • CSIR और NPL ने नए सिरे से कई दस्तावेज तैयार किए हैं, जिनमें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन और राष्ट्रीय तकनीकी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में नई परिभाषा को समाहित करने के लिए प्रस्तावित बदलाव के सुझाव से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
  • 20 मई, 2019 को विश्व माप विज्ञान दिवस के अवसर पर CSIR और NPL ने लगभग 100 पृष्ठों की एक पुस्तक भी प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक ‘अंतरराष्ट्रीय माप इकाइयों की नई परिभाषा और माप विज्ञान से जुड़ी एनपीएल की गतिविधियां’ (Redefined SI Units and Glimpses of NPL Metrological Activities) था।

सं. बृजेश कुमार रावत