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एशियाई शेर (सिंह) संरक्षण परियोजना

Asiatic Lions Protection Project
  • वर्तमान संदर्भ
  • 20 दिसंबर, 2018 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एशियाई शेरों की सुरक्षा एवं संरक्षण के उद्देश्य से ‘एशियाई शेर संरक्षण परियोजना’ (Asiatic Lion Conservation Project) की शुरुआत की।
  • परियोजना की आवश्यकता क्यों?
  • कभी ईरान (फारस) से लेकर पूर्वी भारत के पलामू तक पाए जाने वाले एशियाई शेर, अंधाधुंध शिकार एवं वनों के विनाश के कारण लगभग विलुप्ति की कगार पर पहुंच गए थे।
  • 1890 के दशक के अंत में गिर वनों में इनकी संख्या 50 से भी कम रह गई थी।
  • परंतु बाद के वर्षों में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा कड़ी सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किए जाने के कारण एशियाई शेरों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई।
  • वर्ष 2015 में की गई शेरों की गणना के अनुसार, 1648.79 वर्ग किलोमीटर के गिर संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में एशियाई शेरों की संख्या 523 थी।
  • इस पूरे नेटवर्क क्षेत्र में गिर राष्ट्रीय पार्क, गिर अभयारण्य, पानिया अभयारण्य, मितियाला अभयारण्य के आस-पास का आरक्षित वन, संरक्षित वन और अवर्गीकृत वन शामिल हैं।
  • परियोजना से संबंधित तथ्य
  • एशियाई शेर संरक्षण परियोजना, अत्याधुनिक तकनीकों/उपकरणों, नियमित वैज्ञानिक अनुसंधान अध्ययनों, रोग प्रबंधन, आधुनिक निगरानी/गश्त तकनीकों की सहायता से एशियाई शेरों के संरक्षण और उनकी आबादी बढ़ाने के प्रयासों को मजबूत बनाएगी।
  • तीन वित्त वर्षों (2018-19, 2019-20 तथा 2020-21) के लिए इस परियोजना का कुल बजट लगभग 9784 लाख रुपये है, जिसका वित्तपोषण ‘केंद्रीय प्रायोजित योजना – वन्य जीवन आवास का विकास’ (Centrally sponsored Scheme – Development of Wildlife Habitat : CSS – DWH) से किया जाएगा।
  • इसमें केंद्र और राज्यों का योगदान क्रमशः 60 एवं 40 के अनुपात में होगा।
  • परियोजना के अंतर्गत शेरों की संख्या में वृद्धि हेतु आवास सुधार, वैज्ञानिक हस्तक्षेप, रोग नियंत्रण एवं पशु चिकित्सा देखभाल और पर्याप्त पारिस्थितिकी विकास कार्यों को शामिल किया गया है।
  • संरक्षण हेतु किए गए उपाय
  • इस परियोजना के प्रारंभ होने से पूर्व पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गुजरात में एशियाई शेरों के संरक्षण हेतु एशियाई शेरों को 21 गंभीर रूप से संकटापन्न प्रजातियों (Critically Endangered Species) की सूची में शामिल किया था।
  • एशियाई शेर को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-1) के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है, ताकि उन्हें उच्चतम स्तर का संरक्षण प्रदान किया जा सके।
  • यह ‘IUCN’ की ‘रेड लिस्ट’ में संकटापन्न (Endangered) प्राणी के रूप में सूचीबद्ध है।
  • एशियाई शेर
  • एशियाई शेर का वैज्ञानिक नाम पैंथरा लियो पर्शिका (Panthera Leo Persica) है।
  • एशियाई शेर, अफ्रीकी शेर की तुलना में कुछ छोटा होता है।
  • एक वयस्क नर शेर का वजन 160 से 190 किग्रा. तक, जबकि मादा शेर का वजन 110 से 120 किग्रा. होता है।
  • एक वयस्क नर शेर की पूंछ सहित अधिकतम लंबाई 2.92 मीटर (115 इंच) होती है।
  • सितंबर, 2018 में गिर राष्ट्रीय पार्क एशियाई शेरों की मृत्यु के कारण चर्चा में था, जिनमें से कुछ शेरों की मृत्यु ‘कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस’ (Canine Distemper Virus-CDV) के कारण हुई थी।