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उत्कर्ष, 2022

Utkarsh, 2022
  • 23 जुलाई, 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ‘उत्कर्ष, 2022’ (Utkarsh, 2022) का शुभारंभ किया।
  • उत्कर्ष, 2022’ भारतीय रिजर्व बैंक के जनादेशों के निष्पादन में उत्कृष्टता प्राप्त करने तथा अन्य संस्थानों के विश्वास को मजबूत करने हेतु विकसित हो रहे व्यापक आर्थिक वातावरण के अनुरूप ‘रिजर्व बैंक की मध्यम अवधि कार्य-नीतिगत रूपरेखा’ (Reserve Bank of India’s Medium Term Strategy Framwork) है।
  • उत्कर्ष, 2022 के निम्नलिखित ध्येय (Mission) हैं-
  • मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता
  • समग्र वित्तीय सेवाओं तक न्यायोचित पहुंच, एवं
  • एक सुदृढ़, गतिशील तथा संवेदी वित्तीय मध्यस्थता ढांचे के माध्यम से भारत के लोगों के आर्थिक और वित्तीय कल्याण को प्रसारित करना।
  • उत्कर्ष, 2022 का उद्देश्य धारणीय आर्थिक संवृद्धि के लिए अनुकूल मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना तथा एक प्रभावी एवं समावेशी वित्तीय प्रणाली का विकास सुनिश्चित करना है।
  • ये मूल उद्देश्य राष्ट्र के प्रति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो निम्न हैं-

1. रुपये के आंतरिक एवं बाह्य मूल्य में विश्वास को बढ़ावा देना एवं समष्टि-आर्थिक स्थिरता में योगदान देना।

   2.   वित्तीय प्रणाली में स्थिरता एवं उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु इसके कार्य क्षेत्र के अंतर्गत बाजारों एवं संस्थाओं को विनियमित करना।

   3.   वित्तीय एवं भुगतान प्रणाली की सत्यनिष्ठा, कार्यक्षमता, समावेशन एवं प्रतिस्पर्धात्मक गुणों को प्रोत्साहित करना।

   4.   मुद्रा प्रबंधन एवं सरकार तथा बैंकों हेतु बैंकिंग सेवाओं का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना।

   5.   राष्ट्र के संतुलित, निष्पक्ष एवं धारणीय आर्थिक विकास का समर्थन करना।

  • बैंक के मूल उद्देश्य की पूर्ति हेतु संगठनात्मक निर्णयों और स्टाफ सदस्यों के कार्यों का मार्गदर्शन करने वाले साझा मूल्यों  जो निम्नलिखित हैं; के प्रति भारतीय रिवर्ज बैंक प्रतिबद्ध है।
  • सार्वजनिक हित
  • भारतीय रिजर्व बैंक अपने कार्यों और नीतियों में जनहित और सर्वकल्याण को बढ़ावा देना चाहता है।
  • सत्यनिष्ठा और स्वतंत्रता
  • भारतीय रिजर्व बैंक स्पष्टता, विश्वास और जवाबदेही के माध्यम से सत्यनिष्ठा एवं स्वतंत्रता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना चाहता है।
  • अनुक्रियाशीलता और नवोन्मेषण
  • जनता की आवश्यकताओं के प्रति अनुक्रियाशीलता एवं नवोन्मेषण व अन्वेषण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य के साथ भारतीय रिजर्व बैंक एक गतिशील संगठन बनना चाहता है।
  • विविधता और समावेशन
  • भारतीय रिजर्व बैंक विविधता एवं समावेशन का संवर्धन व समर्थन करता है।
  • आत्म निरीक्षण एवं उत्कृष्टता का उद्देश्य
  • भारतीय रिजर्व बैंक आत्म-मूल्यांकन, आत्म-निरीक्षण और पेशेवर उत्कृष्टता हेतु प्रतिबद्ध है।
  • संदर्शन पत्रक
  • उत्कर्ष, 2022 में संदर्शन पत्रक के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक हेतु व्यापक लक्ष्य एवं कार्यनीतियां निर्धारित किए गए हैं, जो निम्न हैं-
  • संदर्शन 1 : सांविधिक एवं अन्य कार्यों के निष्पादन में उत्कृष्टता

A= मौद्रिक नीति ढांचा एवं संचालन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना,

  • सांविधिक प्रकाशनों को समृद्ध करना एवं
  • अत्याधुनिक डेटा आधारित गहन नीति अनुसंधान ढांचा हेतु प्रयास करना।

B=एक सुदृढ़ वित्तीय मध्यस्थक पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण, करना तथा

  • इसके सुदृढ़ और मजबूत संपोषण हेतु विनियामक, पर्यवेक्षी और वित्तीय समावेशन ढांचे को परिष्कृत करना।

C= डिजिटल भुगतान को अधिक बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ-साथ वित्तीय बाजार के बुनियादी ढांचे की समुत्थान शक्ति, सत्यनिष्ठा एवं दक्षता को सुदृढ़ करना।

D= सरकार का बैंकर’ संबंधी कार्य की दक्षता एवं स्वचालन को बढ़ाना।

E = ऋण बाजारों का विस्तार व संवर्धन एवं आरक्षित निधि संबंधी कार्य का सुदृढ़ निष्पादन

F=मुद्रा नोटों एवं सिक्कों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए खरीद व वितरण में उन्नत दक्षता के माध्यम से मुद्रा प्रबंधन प्रणाली का पुनरुत्थान करना।

  • संदर्शन-2 :– नागरिकों एवं अन्य संस्थाओं का भारतीय रिजर्व बैंक में सुदृढ़ विश्वास

    (A) भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिकाओं एवं कार्यों को संप्रेषित करने हेतु बाह्य संचार ढांचे को सुदृढ़ करना

    (B)  उपभोक्ता अनुकूल वित्तीय सेवा प्रदाताओं को विकसित करने हेतु उपयुक्त वातावरण का निर्माण करना

    (C) भारतीय रिजर्व बैंक की सुदृढ़ एवं व्यापक आंतरिक व बाह्य नीतियों को सुनिश्चित करना

    (D) नियामक प्रवर्तन में नागरिकों के विश्वास को मजबूत करना

    (E) बाहरी हितधारकों हेतु न्यूनतम कागजी प्रयोग एवं आभासी कार्यप्रवाह अपनाना।

  • संदर्शन-3 :– राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भूमिकाओं में प्रासंगिकता एवं महत्व

    (A) घरेलू वित्तीय ढांचों में सुधार हेतु राष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति बढ़ाना

    (B)  अन्य क्षेत्राधिकारों में भारतीय रिजर्व बैंक की ब्रांड इक्विटी को बढ़ाना

    (C) विशिष्ट भारतीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए प्रमुख वैश्विक आर्थिक और विनियामक मुद्दों पर भारतीय रिजर्व बैंक के उद्देश्यों एवं विचारों को स्पष्ट करके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय   वचनबद्धता को बढ़ाना।

    (D) वैश्विक नीति निर्माण में प्रभावी योगदान द्वारा अधिराष्ट्रीय संस्थाओं में मौजूदा स्थिति को सुदृढ़ करना।

  • संदर्शन-4 :– पारदर्शी जवाबदेह एवं आचारनीति संचालित आंतरिक अभिशासन

    (A) आंतरिक अभिशासन एवं आचार संहिता को सृदृढ़ करना,

    (B)  अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर सुदृढ़ जोखिम प्रबंधन, बजट, लेखापरीक्षा एवं अनुपालन संबंधी कार्यों के माध्यम से आंतरिक नियंत्रणों का उन्नयन

    (C) न्यूनतम कागजी प्रयोग एवं आभासी आंतरिक कार्यप्रवाह  अपनाना

  • संदर्शन-5 :– सर्वोत्कृष्ट व पर्यावरण अनुकूल डिजिटल एवं भौतिक अवसंरचना

    (A) प्रक्रियाओं को स्वचालित करना

      सूचनाओं का एकीकरण करना तथा

   सर्वोत्तम पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं के आधार पर एक मजबूत सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली के माध्यम से साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना

    (B)  स्वच्छता व भौतिक सुरक्षा के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के परिसर में ग्रीन रेटिंग के साथ-साथ वास्तु शिल्प उत्कृष्टता एवं सौंदर्य बोध को एकीकृत करना

  • संदर्शन-6 :– नवोन्मेषी, गतिशील एवं कुशल मानव संसाधन

    (A) सभी कार्यनीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा एवं पुनर्गठन

    (B)  वर्तमान एवं आगामी चुनौतियों हेतु मानव संसाधनों का कौशलवर्धन एवं एक उपयुक्त प्रशिक्षण ढांचे का निर्माण

    (C) एक कुशल मानव संसाधन प्रबंधन के लिए प्रयोजन आधारित निष्पादन मूल्यांकन प्रणाली की स्थापना

    (D) कार्यबल द्वारा अनुसंधान-आधारित निर्णय लेने को बढ़ावा देने में प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का प्रयोग।

सं. शिवशंकर कुमार तिवारी