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आरबीआई : द्वितीयक बाजार टास्क फोर्स

RBI: Secondary Market Task Force
  • पृष्ठभूमि
  • द्वितीयक बाजार को स्टॉक एक्सचेंज या शेयर बाजार के नाम से भी जाना जाता है। यह विद्यमान प्रतिभूतियों के क्रय एवं विक्रय का बाजार है, जो विद्यमान निवेशकों को विनिवेश तथा नए निवेशकों को प्रवेश करने में सहायता करता है।
  • वित्तीय बाजारों के मामले में द्वितीयक बाजार का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि द्वितीयक बाजार में बॉण्ड, डिबेंचर्स, वायदा और लिस्टेड कंपनियों के विकल्प जैसे वित्तीय साधनों को शेयर बाजार में रुचि रखने वाले लोगों द्वारा खरीदा और बेचा जाता है। अतः द्वितीयक बाजार व्यापारिक प्रतिभूतियों के लिए एक संगठित स्थान है।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 29 मई, 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कॉर्पोरेट ऋणों के लिए द्वितीयक बाजार के विकास पर एक कार्यबल का गठन किया।
  • भारत में द्वितीयक ऋण बाजार बड़े पैमाने पर परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों को बिक्री और बैंकों सहित अन्य उधारदाताओं को तदर्थ बिक्री तक सीमित है और बाजार को मजबूत करने के लिए कोई औपचारिक तंत्र विकसित नहीं किया गया है।
  • ऋण के लिए एक व्यावसायिक, मजबूत और तरल द्वितीयक बाजार सामान्य रूप से ऋण बाजार की क्षमता बढ़ाने में और विशेष रूप से दबावग्रस्त परिसंपित्तयों के समाधान में सहायता करेगा।
  • ऋण के लिए एक अच्छी तरह से विकसित द्वितीयक बाजार व्यापार के निहित जोखिम की पारदर्शी कीमत खोजने में मदद करेगा।
  • इस तरह की कीमत की खोज प्रतिभूतिकरण बाजार में नवाचारों के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्रेडिट डिफाल्ट स्वैप (सीडीएस) जैसे निष्क्रिय बाजारों को बढ़ावा देगी।
  • बदले में बैंकों द्वारा दिए जा रहे ऋण के जोखिम के बारे में प्रारंभिक चेतावनी के संकेत प्रदान किए जाएंगे, जो हामीदारी और उत्पत्ति मानकों में सुधार को प्रोत्साहित करेंगे।
  • कार्यबल की संरचना

कार्यबल की संरचना निम्न प्रकार है-

1. श्री टी.एन. मनोहरन, अध्यक्ष, केनरा बैंक अध्यक्ष
2. श्री वी.जी. कण्णन, मुख्य कार्यपालक, भारतीय बैंक संघ सदस्य
3. श्री बहराम वकिल,़संस्थापक भागीदार, एजेडबी और भागीदार सदस्य
4. डॉ. आनंद श्रीनिवासन, अवर निदेशक (अनुसंधान) कैफरल सदस्य
5. डॉ. साजिद जेड. चिनॉय मुख्य अर्थशास्त्री, भारत, जेपी मॉर्गन सदस्य
6. श्री अबीजेर दीवानजी, प्रमुख, रीस्ट्रक्चरिंग एंड टर्नअराउंड सर्विसेज,ईवाई इंडिया सदस्य
  • कार्यक्षेत्र
  • कार्यबल का कार्यक्षेत्र भारत में ऋण बिक्री/अंतरण के लिए बाजार की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ ऋण व्यापार में अंतरराष्ट्रीय अनुभव की समीक्षा करना है।
  • कार्यबल कॉर्पोरेट ऋणों में द्वितीयक बाजार के विकास के लिए आवश्यक नीति और विनियामक हस्तक्षेपों का सुझाव देगा, जिसमें दबावग्रस्त परिसंपित्तयों के लिए ऋण लेन-देन मंच भी शामिल होगा।
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं संबंधित ट्रेडिंग तथा लेन-देन रिपोर्टिंग, बुनियादी ढांचे सहित ऋण बिक्री/नीलामी के लिए बाजार की संरचना को डिजाइन करेगा और थर्ड पार्टी मध्यस्थों, जैसे कि अधिकारियों, अरेंजर्स, बाजार निर्माताओं की आवश्यकता और भूमिका के बारे में सुझाव देगा। साथ ही यह भी सुझाव देगा कि बाजार में भागीदारी कैसे बढ़ाई जा सकती है।
  • कार्यबल को खरीददारों और विक्रेताओं, इसकी स्वामित्व संरचना और ऋण प्रोटोकॉल के मानकीकरण, स्वतंत्र सत्यापन और डेटा पहुंच जैसे संबंधित प्रोटोकॉल के बीच सूचना विषमता को दूर करने के लिए एक ऋण अनुबंध रजिस्ट्री के निर्माण के लिए सिफारिशें करने के लिए भी कहा गया है।

सं. राजेश कुमार सिंह