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आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) पर छठा वैश्विक सम्मेलन “6th Session of the Global Platform for Disaster Risk Reduction”

Global Platform for Disaster Risk Reduction
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 13 – 17 मई, 2019 के मध्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण के छठे वैश्विक मंच (Global Platform for Disaster Risk Reduction) का आयोजन स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में किया गया।
  • ध्यातव्य है कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन का आयोजन वर्ष 2007 से किया जा रहा है, जो प्रत्येक दो वर्ष पर मनाया जाता है।
  • छठे सत्र के महत्वपूर्ण तथ्य
  • सम्मेलन में राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण संबंधी रणनीतियों, बहु-खतरा प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Multi-hazard early warning systems- MHEWS) तथा समावेशी जलवायु व आपदा लोच (Disaster resilience) प्राप्त करने में शहरों की भूमिका, जैसे विभिन्न आवश्यक मुद्दों पर चर्चा की गई।
  • उच्च स्तरीय संवाद प्रतिभागियों द्वारा डीआरआर (DRR) के लिए सेंदाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) जलवायु संबंधी पेरिस समझौता (Paris Agreement on Climate) और सतत विकास पर 2030 एजेंडा जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई कि इन लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जाए।
  • सत्र के अंतिम दिन 2019 के रिस्क अवॉर्ड विजेता की घोषणा की गई। यह अवॉर्ड स्कॉटलैंड स्थित डंडी विश्वविद्यालय (University of Dundee) के नंदन मुखर्जी को प्रदान किया गया। यह द्विवार्षिक अवॉर्ड उसे प्रदान किया जाता है जिसने आपदा जोखिम में कमी करने व आपदा प्रबंधन संबंधी उत्कृष्ट परियोजनाओं में अपना योगदान दिया हो। नंदन मुखर्जी ने बांग्लादेश में अस्थायी घरों को विकसित करने में अपना योगदान दिया है। जिसके लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।
  • सेंदाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework)
  • सेंदाई फ्रेमवर्क एक स्वैच्छिक गैर-बाध्यकारी 15 वर्षीय एक समझौता है जो आपदा जोखिम कम करने में देश/राज्य (State) की प्राथमिक भूमिका मानता है, लेकिन उस उत्तरदायित्व को स्थानीय सरकार, निजी क्षेत्र व अन्य हितधारकों में साझा किया जाना चाहिए।
  • जापान के सेंदाई शहर में आयोजित आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर संयुक्त राष्ट्र के तीसरे सम्मेलन में 18 मार्च, 2015 को सेंदाई फ्रेमवर्क को अपनाया गया था।
  • इसमें सात वैश्विक लक्ष्यों (Seven Global Targets) और कार्रवाई हेतु चार प्राथमिकताओं (The Four Prioritics for Action) को निर्धारित किया गया है।
  • सेंदई फ्रेमवर्क को ह्योगो फ्रेमवर्क (2005-2018) के स्थान पर लाया गया है, क्योंकि ह्योगो फ्रेमवर्क की अवधि वर्ष 2015 में समाप्त हो गई है।
  • पेरिस समझौता (Paris Agreement on Climate)
  • वर्ष 2015 में फ्रांस के पेरिस शहर में आयोजित यूएनएफसीसी (UNFCCC) के 21वें सम्मेलन (COP-21 – Conference of Parties) के दौरान जलवायु संबंधी पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • पेरिस समझौते का मुख्य लक्ष्य विभिन्न उपायों के माध्यम से वैश्विक तापमान वृद्धि को, पूर्व औद्योगिक स्तर से 2°C (1.5°C तक प्रयास) वृद्धि तक सीमित करना है।
  • सतत विकास पर 2030 एजेंडा
  • सतत विकास लक्ष्य एक मूल योजना (Blue print) है, जिसका उद्देश्य सभी के लिए बेहतर व अधिक सतत भविष्य का निर्माण करना है।
  • विश्व की वर्तमान व भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए कुल 17 सतत विकास लक्ष्यों को निर्धारित किया गया है, जिन्हें वर्ष 2030 तक प्राप्त करना है। इन सतत विकास लक्ष्यों को सितंबर, 2015 में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में निर्धारित किया गया है।
  • इन सतत विकास लक्ष्यों (Sustainble Development Goods) में गरीबी, असमानता (Inequality), जलवायु, पर्यावरणीय गिरावट (Environmental Degradation), समृद्धि (Prosperity) और शांति व न्याय जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

संसचिन कुमार वर्मा