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आकाश मार्क-1S मिसाइल का सफल परीक्षण

Successful test of the Sky Mark-1 missile
  • आकाश मिसाइल
  • आकाश मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
  • विमान-भेदी प्रक्षेपास्त्र ‘आकाश’, राजेंद्र रडार व सचल यंत्रों की सहायता से समानांतर रूप से अनेक लक्ष्यों को निशाना बना सकती है।
  • आकाश मिसाइल प्रणाली में राजेंद्र रडार और 12 मिसाइलों के साथ चार स्वचालित लांचर शामिल हैं, ये सभी आपस में जुड़े होते हैं।
  • संपूर्ण मिसाइल प्रणाली एक साथ 12 लक्ष्यों पर हमला कर सकती है।
  • 2.5 मैक की सुपरसोनिक गति से उड़ान भरने वाले आकाश प्रक्षेपास्त्र की मारक दूरी 25-30 किमी. तक है।
  • आकाश मिसाइल का प्रथम उड़ान परीक्षण वर्ष 1990 में संपन्न हुआ था।
  • उल्लेखनीय है कि आकाश मिसाइल को भारतीय थल सेना एवं वायु सेना में शामिल किया जा चुका है।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 25 एवं 27 मई, 2019 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से DRDO द्वारा आकाश मार्क -1S मिसाइल का परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • आकाश मार्क -1S, आकाश मिसाइल का नव संस्करण है।
  • विशेषताएं
  • वास्तव में, आकाश मार्क -1S मिसाइल, आकाश मिसाइल का ही उन्नत संस्करण है।
  • आकाश मार्क -1S मिसाइल स्वदेशी सीकर (Indigenous Seeker) से लैस है।
  • उल्लेखनीय है सीकर प्रौद्योगिकी किसी मिसाइल की परिशुद्धता (Accuracy) को निर्धारित करती है।
  • यह प्रौद्योगिकी लक्ष्य का पता लगाकर मिसाइल को वहां पहुंचने में मदद करती है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्तमान में भारत अपनी वायु रक्षा क्षमताओं में वृद्धि हेतु प्रयासरत है।
  • इसके तहत भारत ने इस्राइल के सहयोग से सतह से हवा में मार करने वाली बराक -8 (Barak-8) मिसाइल का विकास किया है।
  • इसके अतिरिक्त अक्टूबर, 2018 में भारत ने रूस से S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद हेतु लगभग 40,000 करोड़ रुपये मूल्य के समझौते को अंतिम रूप दिया है।