Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

आई.एन.एस. खंदेरी नौसेना में शामिल

INS Khanderi joins Navy
  • आई.एन.एस. खंदेरी
  • खंदेरी (Khanderi) भारतीय नौसेना हेतु ‘निर्माणाधीन’ कलवरी श्रेणी (Kalvari Class) की 6 पनडुब्बियों की शृंखला की दूसरी पनडुब्बी है।
  • यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक स्टील्थ पनडुब्बी है, जो राडार से बचकर निकल सकती है।
  • पनडुब्बी खंदेरी का नाम हिंद महासागर में पाई जाने वाली एक खतरनाक शिकारी मछली के नाम पर रखा गया है।
  • उल्लेखनीय है कि इसी नाम की एक पनडुब्बी भारतीय नौसेना में वर्ष 1968 से 1989 के मध्य तैनात थी जो तत्कालीन सोवियत संघ की ‘फॉक्सट्रोट (Foxtrot) श्रेणी की पनडुब्बियों पर आधारित थी।
  • चर्चा में क्यों
  • सितंबर, 2019 में मुंबई स्थित नौसैनिक पोतगाह पर आयोजित समारोह में ‘आई.एन.एस. खंदेरी’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
  • ध्यातव्य है कि जनवरी, 2017 में ‘खंदेरी’ का जलावतरण किया गया था।
  • प्रोजेक्ट-75
  • मुंबई स्थित माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स द्वारा कांस की मेसर्स नेवल ग्रुप (Naval Group) के सहयोग से प्रोजेक्ट-75 के तहत कलवरी श्रेणी की 6 पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।
  • स्कॉर्पीन श्रेणी (Scorpene Class) पर आधारित ये पनडुब्बियां हैं- कलवरी, खंदेरी, करंज, वेला, वागीर ओर वागशीर।
  • स्कॉर्पीन श्रेणी की इन पनडुब्बियों के निर्माण के लिए अक्टूबर, 2005 में भारत और फ्रांस के मध्य 3-5 बिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी ‘आईएनएस कलवरी’ है, जिसे दिसंबर, 2017 में नौसेना में शामिल किया गया था।
  • इस श्रेणी की तृतीय पनडुब्बी करंज (Karanj) का जलावतरण जनवरी, 2018 में किया गया था।
  • इस श्रेणी की चतुर्थ पनडुब्बी आईएनएस वेला (INS Vela) का जलावतरण मई, 2019 में किया गया।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्ष 1999 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा नौसेना के 30 वर्षीय पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान की गई थी।
  • इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2029 तक 24 पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना है।
  • परियोजना-75 (Project-75) इस कार्यक्रम का पहला चरण है, जिसके तहत 6 पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।

सं.  पवन कुमार तिवारी