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‘सौभाग्य’ के अंतर्गत पुरस्कार योजना लांच

Launch of Award Scheme under 'Good Luck'
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 15 अक्टूबर, 2018 को विद्युत तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा नई दिल्ली में ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ (सौभाग्य) के अंतर्गत पुरस्कार योजना लांच की गई।
  • यह पुरस्कार बिजली वितरण कंपनियों ‘डिस्कॉम’/राज्यों के विद्युत विभागों के स्तर पर 100 प्रतिशत घरों में विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद देने के लिए दिए जाएंगे
  • सौभाग्य योजना
  • भारत सरकार ने सितंबर, 2017 में ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ (सौभाग्य) लांच किया था।
  • इसका उद्देश्य 31 मार्च, 2019 तक देश में संपूर्ण रूप से घरों के विद्युतीकरण लक्ष्य को हासिल करना था।
  • इस योजना के लांच होने के बाद से राज्य के विद्युत विभागों तथा विद्युत वितरण कंपनियों के सहयोग से 1.65 करोड़ घरों में विद्युतीकरण हुआ है।
  • पुरस्कार
  • ‘सौभाग्य’ लांच होने के पहले आठ राज्यों (आंध्र प्रदेश, गुजरात, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब और तमिलनाडु) ने 99 प्रतिशत से अधिक घरों के विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है और यह राज्य पुरस्कार योजना में शामिल होने योग्य बन गए हैं।
  • पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाएंगे-

   (1) डिस्कॉम/ विशेष दर्जा वाले राज्यों (सात-पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड) के विद्युत विभाग (2) डिस्कॉम/विशेष दर्जा के अलावा अन्य राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम-बंगाल) जिनमें विद्युतीकरण से वंचित 5 लाख से अधिक घर हैं तथा (3) डिस्कॉम/विशेष दर्जा वाले राज्यों के अलावा अन्य राज्य जहां पांच लाख से कम घर विद्युतीकृत नहीं है।

  • प्रत्येक तीन श्रेणियों में दो तरह के पुरस्कार होंगे-

   (1) 30 नवंबर, 2018 तक 100 प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करने वाले प्रथम डिस्कॉम/विद्युत विभाग को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार राशि डिस्कॉम/विद्युत विभाग के कर्मचारियों में बांटने का तौर-तरीका राज्य के प्रधान सचिव (ऊर्जा/विद्युत) तय करेंगे। (नोट : डिस्कॉम से तात्पर्य डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों से है)

इसमें से 20 लाख रुपये अधिक संख्या में घरों में विद्युतीकरण करने वाले डिस्कॉम/विद्युत विभाग के प्रभाग को दिए जाएंगे। राज्य के प्रधान सचिव (ऊर्जा/विद्युत) द्वारा नामित डिस्कॉम/विद्युत विभाग के पांच कर्मचारियों को प्रशस्ति-प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, ये कर्मचारी प्रबंध निदेशक से लेकर नीचे के लाइनमैन तक हो सकते हैं।

 (2) दूसरी श्रेणी के पुरस्कार में 100 करोड़ रुपये संबंधित डिस्कॉम/विद्युत विभाग को वितरण अवसंरचना विकास में अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। राज्य के प्रधान सचिव (ऊर्जा/विद्युत) इस राशि से किए जाने वाले कार्य के बारे में निर्णय लेंगे।

  • भारतीय-विद्युत परिदृश्य (महत्वपूर्ण तथ्य)
  • कुल संस्थापित क्षमता 346 गीगावॉट पर पहुंच गई है, जिसके उत्पादन मिश्रण में तापीय (64.1%), पनबिजली (13.1%) अक्षय ऊर्जा (20.8%) और न्यूक्लियर ऊर्जा (2.0%) का योगदान है।
  • भारत सरकार ने अक्षय ऊर्जा क्षमता लक्ष्य वर्ष 2022 तक 175 गीगावॉट तक बढ़ा दिया है, जिसमें सौर से 100 गीगावॉट, पवन से 60 गीगावॉट, बायो ऊर्जा से 10 गीगावॉट और लघु पनबिजली से 5 गीगावॉट प्राप्त करना शामिल है।
  • अगस्त, 2018 तक की स्थिति के अनुसार, भारत विद्युत का विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं चौथा सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
  • वर्ष 2022 तक भारत में बिजली की मांग 1,894.4 TWh हो जाने का अनुमान है।