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वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट, 2017/8

January 31st, 2018
Global Education Monitoring Report, 2017/8

वैश्विक शिक्षा निगरानी (GEM) रिपोर्ट का प्रकाशन यूनेस्को (UNESCO) द्वारा किया जाता है। पहले यह रिपोर्ट ‘वैश्विक निगरानी रिपोर्ट सभी के लिए शिक्षा’ (Education for all Global Monitoring Report) के रूप में जानी जाती थी। वर्ष 2016 में वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट की शुरुआत की गई। इस रिपोर्ट का केंद्रीय विषय (Theme) ‘लोग एवं ग्रह हेतु शिक्षा’ (Education for People and Planet) था। हाल ही में यूनेस्को द्वारा द्वितीय ‘वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट, 2017/8’ जारी की गई।

  • अक्टूबर, 2017 में यूनेस्को द्वारा ‘वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट, 2017/8’ (Global Education Monitoring Report, 2017/8) जारी की गई।
  • रिपोर्ट का मुख्य विषय (Theme) ‘शिक्षा में उत्तरदायित्व : हमारी प्रतिबद्धताओं की प्राप्ति’ (Accountability in Education : Meeting Our Commitments) था।
  • रिपोर्ट में सतत विकास लक्ष्य-4 (SDG-4) ‘सभी के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना आजीवन शिक्षा को बढ़ावा देना’ की प्रगति का आकलन प्रस्तुत किया गया है।
  • रिपोर्ट में सतत विकास लक्ष्य-4 की निगरानी से संबंधित प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं-
  • वर्ष 2015 में प्राथमिक एवं माध्यमिक आयु के 264 मिलियन बच्चे तथा युवा विद्यालय से वंचित थे।
  • वर्ष 2010-15 में पूर्णता दर प्राथमिक की 83 प्रतिशत, निम्न माध्यमिक की 69 प्रतिशत और उच्च माध्यमिक शिक्षा की 45 प्रतिशत थी।
  • प्राथमिक विद्यालय आयु के लभभग 387 मिलियन (56%) बच्चों ने पढ़ाई में न्यूनतम दक्षता स्तर को नहीं प्राप्त किया।
  • वर्ष 2015 में आधिकारिक प्राथमिक प्रवेश आयु के एक वर्ष पहले 69 प्रतिशत बच्चे पूर्व प्राथमिक या प्राथमिक स्तर पर संगठित अध्ययन में शामिल हुए।
  • मात्र 17 प्रतिशत देशों ने वैधानिक रूप से एक वर्ष की निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की व्यवस्था की है।
  • पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं तृतीयक (Tertiary) शिक्षा में स्नातक होती हैं किंतु पुरुषों की तुलना में बहुत कम महिलाएं विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी एवं गणितीय उपाधियां प्राप्त करती हैं।
  • धनाढ्य एवं निर्धन छात्रों के मध्य निम्न एवं मध्यम आय देशों में तृतीयक शिक्षा अवसरों में अत्यधिक विषमता है।
  • निम्न एवं मध्यम आय देशों में अधिकांश युवाओं के पास मूलभूत कंप्यूटर कौशल नहीं है।
  • तृतीयक के अतिरिक्त सभी शिक्षा स्तरों पर भागीदारी में लैंगिक समता है।
  • देशों के प्राथमिक शिक्षा में 66 प्रतिशत निम्न माध्यमिक में 45 प्रतिशत और उच्च माध्यमिक में 25 प्रतिशत में लैंगिक समता है।
  • 86 देशों में से 42 देशों में संविधानों, कानूनों एवं नीतियों में समावेशी शिक्षा का स्पष्ट उल्लेख है।
  • विश्वभर में वर्ष 2000 से वर्ष 2015 के मध्य वयस्क साक्षरता दर 81.5 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गई।
  • निम्न आय देशों में वयस्क साक्षरता दर 60 प्रतिशत से नीचे है।
  • वर्ष 2000 के बाद बिना साक्षरता कौशल वाले युवाओं की संख्या 27 प्रतिशत कम हुई है। किंतु अभी भी 100 मिलियन से अधिक लोग पढ़ नहीं सकते।
  • वर्ष 2009-2012 में केवल 7 प्रतिशत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रमों द्वारा सतत विकास के लिए शिक्षा का आच्छादन किया गया।
  • उप-सहारा अफ्रीका में केवल 22 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालयों में बिजली है।
  • छात्रवृत्तियों पर सहायता व्यय वर्ष 2010 से वर्ष 2015 में 4 प्रतिशत कम होकर 1.15 बिलियन डॉलर हो गई।
  • वैश्विक स्तर पर प्राथमिक विद्यालय स्तर पर 86 प्रतिशत अध्यापक प्रशिक्षित हैं।
  • वर्ष 2013 में स्वास्थ्य कर्मियों की वैश्विक कमी 17.4 मिलियन थी जिसमें 2.6 मिलियन डॉक्टर एवं 9 मिलियन नर्स तथा मिडवाइव शामिल थीं।
  • वर्ष 2015 में सार्वजनिक शिक्षा व्यय जीडीपी का 4.7 प्रतिशत था और सकल सार्वजनिक खर्च का 14.1 प्रतिशत था।
  • सकल सहायता में शिक्षा का भाग लगातार छठें वर्ष गिरकर वर्ष 2009 में 10 प्रतिशत से वर्ष 2015 में 6.9 प्रतिशत हो गया।
  • परिवारों द्वारा शिक्षा व्यय उच्च आय देशों 18 प्रतिशत, मध्यम आय देशों में 25 प्रतिशत और निम्न आय देशों में 33 प्रतिशत वहन किया जाता है।
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