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वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017

Global Gender Gap Index
  • सूचकांक (Index)
  • ‘वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक’ (Global Gender Gap Index) लैंगिक समानता को मापने के लिए बनाया गया सूचकांक है, जो विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum : WEF) द्वारा वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष जारी किया जा रहा है। इस सूचकांक का नवीनतम संस्करण 2 नवंबर, 2017 को जारी किया गया।
  • सूचकांक जारी करने का आधार
  • यह सूचकांक चार क्षेत्रों में विभिन्न देशों द्वारा लैंगिक समानता की दिशा में की गई प्रगति के आधार पर जारी किया जाता है। ये चार क्षेत्र निम्न हैं-
  • (1) आर्थिक भागीदारी एवं अवसर, (2) शैक्षणिक उपलब्धियां, (3) स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता तथा (4) राजनीतिक सशक्तिकरण।
  • यह सूचकांक 0 (शून्य) से 1 के स्कोर के मध्य विस्तारित है जिसमें 0 (शून्य) का अर्थ ‘पूर्ण लैंगिक असमानता’ तथा 1 का अर्थ ‘पूर्ण लैंगिक समानता’ है।
  • वैश्विक व्याप्ति (Global Coverage)
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में भी विगत वर्ष की भांति कुल 144 देशों को शामिल किया गया है।
  • परिणाम एवं विश्लेषण
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में शीर्ष 5 देश
रैंक 2017देशस्कोर
1आइसलैंड0.878
2नॉर्वे0.83
3फिनलैंड0.823
4रवांडा0.822
5स्वीडन0.816
  • इस सूची में शीर्ष 3 स्थानों पर नॉर्डिक (Nordic) देश हैं। जहां आइसलैंड लगातार 9 वर्षों से इस सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
     वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में अंतिम 5 देश-
रैंक 2017देशस्कोर
144वांयमन0.516
143वांपाकिस्तान0.546
142वांसीरिया0.568
141वांचाड0.575
140वांईरान0.583
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में ब्रिक्स (BRICS) देशों की स्थिति-
रैंक 2017देशस्कोर
19वांदक्षिण अफ्रीका0.756
71वांरूसी संघ0.696
90वांब्राजील0.684
100वांचीन0.674
108वांभारत0.669
  • ब्रिक्स (BRICS) देशों में सबसे अधिक गिरावट (21 स्थानों की) भारत की रैंकिंग में हुई है, जिससे वह ब्रिक्स देशों में सबसे निचले स्थान पर है, जबकि विगत वर्ष भारत की रैंकिंग में सबसे अधिक सुधार (21 स्थानों का) हुआ था।
  • भारत की स्थिति
  • कुल 144 देशों के इस सूचकांक में वर्ष 2017 में भारत का स्थान 108वां था, जबकि वर्ष 2016 की सूची में इसका स्थान 87वां था।
  • भारत एक बार पुनः वर्ष 2015 की रैंकिंग पर पहुंच गया है, क्योंकि वर्ष 2015 के वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक में भारत की रैंकिंग 108वीं थी। सूचकांक के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियां इस प्रकार रहीं-
क्रमवर्गभारत की रैंक
1आर्थिक भागीदारी एवं अवसर139वां
2शैक्षणिक उपलब्धियां112वां
3स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता141वां
4राजनीतिक सशक्तीकरण15वां
  • भारत की रैंकिंग में यह कमी मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था में महिलाओं की कम भागीदारी और कम मजदूरी के कारण हुई है।
  • सूचकांक के अनुसार, भारत में कामकाजी महिलाओं में 65.6 प्रतिशत महिलाएं अवैतनिक कार्य करती हैं, जो पुरुषों की तुलना में काफी अधिक है। पुरुषों में यह आंकड़ा 11.7 प्रतिशत है।

लेखक-शिव शंकर कुमार तिवारी