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वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017

January 31st, 2018
Global Gender Gap Index
  • सूचकांक (Index)
  • ‘वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक’ (Global Gender Gap Index) लैंगिक समानता को मापने के लिए बनाया गया सूचकांक है, जो विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum : WEF) द्वारा वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष जारी किया जा रहा है। इस सूचकांक का नवीनतम संस्करण 2 नवंबर, 2017 को जारी किया गया।
  • सूचकांक जारी करने का आधार
  • यह सूचकांक चार क्षेत्रों में विभिन्न देशों द्वारा लैंगिक समानता की दिशा में की गई प्रगति के आधार पर जारी किया जाता है। ये चार क्षेत्र निम्न हैं-
  • (1) आर्थिक भागीदारी एवं अवसर, (2) शैक्षणिक उपलब्धियां, (3) स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता तथा (4) राजनीतिक सशक्तिकरण।
  • यह सूचकांक 0 (शून्य) से 1 के स्कोर के मध्य विस्तारित है जिसमें 0 (शून्य) का अर्थ ‘पूर्ण लैंगिक असमानता’ तथा 1 का अर्थ ‘पूर्ण लैंगिक समानता’ है।
  • वैश्विक व्याप्ति (Global Coverage)
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में भी विगत वर्ष की भांति कुल 144 देशों को शामिल किया गया है।
  • परिणाम एवं विश्लेषण
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में शीर्ष 5 देश
रैंक 2017 देश स्कोर
1 आइसलैंड 0.878
2 नॉर्वे 0.83
3 फिनलैंड 0.823
4 रवांडा 0.822
5 स्वीडन 0.816
  • इस सूची में शीर्ष 3 स्थानों पर नॉर्डिक (Nordic) देश हैं। जहां आइसलैंड लगातार 9 वर्षों से इस सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
     वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में अंतिम 5 देश-
रैंक 2017 देश स्कोर
144वां यमन 0.516
143वां पाकिस्तान 0.546
142वां सीरिया 0.568
141वां चाड 0.575
140वां ईरान 0.583
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2017 में ब्रिक्स (BRICS) देशों की स्थिति-
रैंक 2017 देश स्कोर
19वां दक्षिण अफ्रीका 0.756
71वां रूसी संघ 0.696
90वां ब्राजील 0.684
100वां चीन 0.674
108वां भारत 0.669
  • ब्रिक्स (BRICS) देशों में सबसे अधिक गिरावट (21 स्थानों की) भारत की रैंकिंग में हुई है, जिससे वह ब्रिक्स देशों में सबसे निचले स्थान पर है, जबकि विगत वर्ष भारत की रैंकिंग में सबसे अधिक सुधार (21 स्थानों का) हुआ था।
  • भारत की स्थिति
  • कुल 144 देशों के इस सूचकांक में वर्ष 2017 में भारत का स्थान 108वां था, जबकि वर्ष 2016 की सूची में इसका स्थान 87वां था।
  • भारत एक बार पुनः वर्ष 2015 की रैंकिंग पर पहुंच गया है, क्योंकि वर्ष 2015 के वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक में भारत की रैंकिंग 108वीं थी। सूचकांक के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियां इस प्रकार रहीं-
क्रम वर्ग भारत की रैंक
1 आर्थिक भागीदारी एवं अवसर 139वां
2 शैक्षणिक उपलब्धियां 112वां
3 स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता 141वां
4 राजनीतिक सशक्तीकरण 15वां
  • भारत की रैंकिंग में यह कमी मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था में महिलाओं की कम भागीदारी और कम मजदूरी के कारण हुई है।
  • सूचकांक के अनुसार, भारत में कामकाजी महिलाओं में 65.6 प्रतिशत महिलाएं अवैतनिक कार्य करती हैं, जो पुरुषों की तुलना में काफी अधिक है। पुरुषों में यह आंकड़ा 11.7 प्रतिशत है।

लेखक-शिव शंकर कुमार तिवारी

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