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वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट, 2019

Global Competitiveness Report
  • पृष्ठभूमि
  •  वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट, (Global Competitiveness Report) जेनेवा स्थित ‘विश्व आर्थिक मंच’ (World Economic Forum) द्वारा जारी की जाती है। इस वैश्विक रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धात्मकता को उन संस्थाओं, नीतियों और कारकों के समूह के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो किसी देश की उत्पादकता का निर्धारण करते हैं। वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धात्मकता के कुल 12 स्तंभों (12 Pillars) या पैमानों के भारित औसत के आधार पर देशों/अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग प्रदान करते हुए ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक’ (Global Competitiveness Index – GCI) भी जारी किया जाता है।
  • सूचकांक
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मता सूचकांक (GCI) उन कारकों (Factors) की माप करता है, जो विगत चार दशकों से लंबी अवधि के विकास और समृद्धि को आगे बढ़ा रहे हैं। यह सूचकांक (Index) नीति-निर्माताओं को चुनौतियों का सामना करने तथा आर्थिक विकास की रणनीति तैयार करने में सहायता प्रदान करता है, क्योंकि यह उन्हें वास्तविक स्थिति को समझने में सहायता प्रदान करती है।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 16 अक्टूबर, 2018 को ‘विश्व आर्थिक मंच’ (WEF) द्वारा ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट, 2018’ प्रकाशित की गई। इस रिपोर्ट के अंतर्गत प्रस्तुत ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक 4.0 में प्रतिस्पर्धात्मकता के कुल 12 स्तंभों या पैमानों के भारित औसत के आधार पर 140 देशों/अर्थव्यवस्थाओं को रैंकिंग प्रदान की गई है, जिसमें भारत को 58वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि सूचकांक में शीर्ष स्थान (सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था) संयुक्त राष्ट्र अमेरिका को प्राप्त हुआ है।
  • अन्य संबंधित तथ्य
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (Global Competitiveness Index) 12 स्तंभों पर आधारित है जिन्हें चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जो निम्न हैं-

   A – पर्यावरण अनुकूल (Enabling Environment)

   (1) संस्थान, (2) बुनियादी ढांचा, (3) तकनीकी तत्परता

   (4) समष्टि आर्थिक स्थिरता

   B – मानव पूंजी (Human Capital)

   (5) स्वास्थ्य (6) कौशल

   C – बाजार (Markets)

   (7)  उत्पाद बाजार

   (8)  श्रम बाजार

   (9)  वित्तीय प्रणाली

   (10) बाजार आकार

   D – अभिनव पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem)

   (11) व्यापार गतिशीलता

   (12) नवाचार क्षमता।

  • इस सूचकांक में 0-100 अंकों के मध्य स्कोर (Score) प्रदान किया जाता है, जिसमे 100 सर्वोत्तम प्रतिस्पर्धात्कता को, जबकि शून्य न्यूनतम प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रदर्शित करता है।
  • रिपोर्ट में प्रस्तुत ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक 4.0, 2018’ के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका को शीर्ष स्थान (स्कोर -85.6) प्राप्त हुआ है।
  • दूसरे स्थान पर सिंगापुर (स्कोर-83.5), तीसरे स्थान पर जर्मनी (स्कोर-82.8), चौथे स्थान पर स्विट्जरलैंड (स्कोर-82.6) तथा पांचवें स्थान पर जापान (स्कोर-82.5) है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक 4.0, 2018 में शीर्ष एवं निम्न 5 देशों की स्थिति निम्न हैं-

   शीर्ष 5 देश

रैंक 2018 देश स्कोर
1 संयुक्त राज्य अमेरिका 85.6
2 सिंगापुर 83.5
3 जर्मनी 82.8
4 स्विट्जरलैंड 82.6
5 जापान 82.5

निम्न 5 देश

रैंक 2018 देश स्कोर
140 चाड 35.5
139 यमन 36.4
138 हैती 36.5
137 अंगोला 37.1
136 बुरुंडी 37.5
  • रिपोर्ट में प्रस्तुत सूचकांक में भारत 58वें स्थान (स्कोर-62.0) पर है, जबकि गत वर्ष यह 137 देशों में 40वें स्थान पर था।
  • भारत के पड़ोसी देशों में श्रीलंका को 56वां, बांग्लादेश को 103वां, पाकिस्तान को 107वां तथा नेपाल को 109वां स्थान प्राप्त हुआ है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 के मुकाबले 5 अंकों का सुधार हुआ है। G-20 देशों की तुलना में भारत की स्थिति में सबसे ज्यादा सुधार हुआ है।
  • अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश के मामले में चीन औसत उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं से काफी आगे है, जबकि भारत भी इनसे ज्यादा पीछे नहीं है।
  • भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभों में ‘उसके बाजार का आकार’ नवोन्मेष आदि शामिल हैं। हालांकि भारत को अपने श्रम बाजार, उत्पाद बाजार और कौशल में सुधार करने की जरूरत है।
  • ब्रिक्स (BRICS) देशों में चीन 28वें, रूस 43वें, भारत 58वें, दक्षिण अफ्रीका 67वें तथा ब्राजील 72वें स्थान पर हैं।