Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

विश्व रोजगार और सामाजिक दृष्टिकोण प्रवृत्ति, 2018

  • संदर्भ
  • 22 जनवरी, 2018 को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा ‘विश्व रोजगार और सामाजिक दृष्टिकोण-प्रवृत्ति, 2018’ (World Employment and Social Outlook – Trends, 2018) को जारी किया गया।
  • उद्देश्य
  • विश्व रोजगार और सामाजिक दृष्टिकोण-प्रवृत्ति, 2018 द्वारा श्रम बाजार की वर्तमान स्थिति, सर्वाधिक नवीन घटनाओं का आकलन और बेरोजगारी की वैश्विक एवं क्षेत्रीय तथ्य निर्माण, असुरक्षित रोजगार और कामकाजी गरीबी का परीक्षण किया गया है।
  • प्रमुख बिंदु
  • वर्ष 2017 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि बढ़कर 3.6 प्रतिशत हो गया, जो कि वर्ष 2016 में 6 वर्षों के निम्नतम स्तर (3.2%) पर पहुंच गया था।
  • भविष्य में वैश्विक आर्थिक वृद्धि के 4 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है।
  • बेहतर डेटा संग्रह और तरीकों पर आधारित, आईएलओ के नवीन आकलन के अनुसार, वर्ष 2018 में बेरोजगारी दर में 5.5 प्रतिशत की गिरावट (वर्ष 2017 में 5.6%) की उम्मीद है।
  • रोजगार के इच्छुक लोगों की श्रम बाजार में बढ़ती संख्या के कारण वर्ष 2018 में बेरोजगारों की कुल संख्या 192 मिलियन से ऊपर रहने की उम्मीद है।
  • वर्ष 2019 में वैश्विक बेरोजगारी दर के अनिवार्य रूप से अपरिवर्तित रहने की अपेक्षा है, जबकि बेरोजगारों की संख्या में 1.3 मिलियन तक वृद्धि का अनुमान है।
  • वैश्विक स्तर पर अतीत में असुरक्षित रोजगार को कम करने में प्राप्त महत्वपूर्ण सफलता के बाद वर्ष 2012 से यह अनिवार्य रूप से अवरुद्ध है।
  •  वर्ष 2017 में वैश्विक स्तर पर अनुमानित लगभग 42 प्रतिशत श्रमिक (1.4 बिलियन) असुरक्षित रोजगार (Vulnerable employment) में हैं।
  •  इन श्रमिकों (असुरक्षित रोजगार से संबंधित) में विकासशील देशों की 76 प्रतिशत से ऊपर तथा उभरते हुए देशों की 46 प्रतिशत से ऊपर की भागीदारी है।
  • वर्ष 2018 और 2019 में अनुमानतः असुरक्षित रोजगार में 17 मिलियन लोगों की वृद्धि की संभावना है।
  • वर्ष 2017 में उभरते एवं विकासशील देशों में 300 मिलियन से अधिक श्रमिकों [जिनकी प्रति व्यक्ति घरेलू आय या खपत 1.90 अमेरिकी डॉलर (PPP) प्रतिदिन से कम है ़के साथ कामकाजी गरीबी व्यापक रूप से विस्तृत है।
  • विकासशील देशों में बढ़ते श्रमिक बल के साथ कामकाजी गरीबी को कम करने की गति अत्यधिक धीमी है। विकासशील देशों में वर्ष 2018 में कामकाजी गरीबी में 114 मिलियन या कुल रोजगार प्राप्त लोगों के 40 प्रतिशत लोगों की बढ़ोत्तरी की संभावना है।
  • उभरते हुए देशों (Emerging Countries) ने चरम कामकाजी गरीबी को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है, जिससे वर्ष 2017 में 8 प्रतिशत से कम (लगभग 190 मिलियन) श्रमिकों के प्रभावित होने की उम्मीद है।
  • वर्ष 2018 और 2019 में चरम कामकाजी गरीबों की संख्याओं में 10 मिलियन प्रतिवर्ष की कमी की संभावना है।
  • वर्ष 2017 में मध्यम कामकाजी गरीबी (जिसमें श्रमिक 1.90 अमेरिकी डॉलर से 3.10 अमेरिकी डॉलर के बीच की आय पर जीवन-यापन करते हैं) से उभरते और विकासशील देशों के 430 मिलियन श्रमिकों के प्रभावित होते हैं।
  • विकसित देशों में लगातार छठें वर्ष बेरोजगारी में कमी की उम्मीद है, वर्ष 2018 में इसके 2007 से सबसे कम दर, 5.5 प्रतिशत पर रहने की अपेक्षा है।
  • विकासशील देशों में बेरोजगारी दर लगभग 5.3 प्रतिशत के साथ वर्ष 2018 और 2019 में बेरोजगारी 0.5 मिलियन प्रतिवर्ष बढ़ने की अपेक्षा है।
  • औसतन श्रम बाजार में लिंग असमानता चिंता का विषय है।
  • श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी में वैश्विक लैंगिक अंतराल 26 प्रतिशत से अधिक है। यह अंतराल उत्तरी अफ्रीका और अरब राज्यों में अधिक है।
  • वर्ष 2017 में विकासशील देशों में असुरक्षित रोजगार में पुरुषों के 72 प्रतिशत भागीदारी की तुलना में महिलाओं की भागीदारी 82 प्रतिशत है।
  • युवाओं (25 वर्ष से कम उम्र के युवा) के लिए रोजगार के अवसरों में कमी प्रमुख वैश्विक चुनौती है। युवाओं में बेरोजगारी दर 13 प्रतिशत है, जबकि वयस्कों में 4.3 प्रतिशत है।
  • यह चुनौती उत्तरी अफ्रीका में विशेष रूप से तीव्र है, जहां लगभग 30 प्रतिशत युवा श्रम बाजार में बिना नौकरी के हैं।
  • वैश्विक रूप से श्रम बल की औसत आयु वर्ष 2017 के लगभग 40 वर्ष से बढ़कर वर्ष 2030 तक 41 होने की उम्मीद है।

लेखक-काली शंकर तिवारी