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रूसी उपग्रह ग्लोनास-M का सफल प्रक्षेपण

June 27th, 2018
Successful launch of Russian satellite GLONASS-M
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 18 जून, 2018 को रूस द्वारा ‘प्लेस्टस्क स्पेस सेंटर’ (Plesetsk Space Center) से सोयज 2.1b रॉकेट द्वारा ग्लोनास-M का सफल प्रक्षेपण किया गया।
  • उद्देश्य
  • रूस द्वारा अपनी नेविगेशन प्रणाली को अधिक तार्किक और सटीक बनाना।
  • वैश्विक स्तर पर अपनी सॉफ्ट पॉवर के रूप में स्थिति मजबूत करना।
  • अंतरिक्ष में अपना विस्तार करना।
  • ग्लोनास-M
  • ग्लोनास-M, ग्लोनास रेडियो नेविगेशन प्रणाली का एक उपग्रह है।
  • यह द्वितीय पीढ़ी का एक उपग्रह है। इसका जीवनकाल 7 वर्ष तथा भार 1450 किग्रा. है।
  • इसका विकास वर्ष 1990 और 2003 के मध्य किया गया।
  • इनमें समय निर्धारण के लिए सीजियम परमाणु घड़ी का प्रयोग किया गया है।
  • तृतीय पीढ़ी का उपग्रह ग्लोनास-K, है जिसका विकास वर्ष  2011 से किया जा रहा है। इसका जीवनकाल 10 वर्ष तथा भार द्वितीय पीढ़ी के उपग्रह से कम है।
  • ग्लोनास नेविगेशन प्रणाली
  • ग्लोनास रूस की रेडियो नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है। इसके द्वारा वस्तु (Object) की स्थिति तथा गति का निर्धारण किया जाता है साथ ही संसाधनों, वनों का निर्धारण, ऊंचाई मापन आदि कार्य किए जाते हैं।
  • सार्वजनिक रूप से अर्थात आम लोगों को स्थिति (Position) की जानकारी 100 मीटर के परास में उपलब्ध है, जबकि सैन्य गतिविधियों के लिए यह परास 10-20 मीटर है।
  • इस प्रणाली के सभी उपग्रहों का निर्माण रेशेटनेव इन्फॉर्मेशन सैटेलाइट सिस्टम (ISS – Reshetnev) द्वारा किया जा रहा है।
  • ग्लोनास नेविगेशन प्रणाली का विकास क्रम
  • वर्ष 1976 में रूस सरकार द्वारा इस प्रणाली के विकास का निर्णय लिया गया।
  • वर्ष 1982 में प्रथम उपग्रह प्रक्षेपित किया गया और वर्ष 1995 तक पर्याप्त उपग्रह प्रक्षेपित किए जा चुके थे।
  • दुर्भाग्यवश वर्ष 1990-91 में रूस का विघटन हो गया और इसका नकारात्मक प्रभाव इस प्रोजेक्ट पर पड़ा।
  • वर्ष 2000 में पुनः राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में इस प्रणाली को आगे बढ़ाया गया और बजट में वृद्धि की गई तथा इस प्रोजेक्ट को रूसी अंतरिक्ष केंद्र का मुख्य उद्देश्य बनाया गया।
  • वर्ष 2010 तक इसने रूस के 100 प्रतिशत क्षेत्रों को कवर कर लिया था।
  • वर्तमान में यह प्रणाली अमेरिका के GPS के पूरक के रूप में उभर रही है।

लेखक-सचिन कुमार वर्मा

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