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यौन अपराध राष्ट्रीय रजिस्टर

NCRB
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 20 सितंबर, 2018 से भारत में यौन अपराध के दोषियों की निजी जानकारी को डेटा के रूप में रखने के लिए ‘नेशनल रजिस्ट्री ऑफ सेक्सुअल ऑफेंर्ड्स’ अर्थात् ‘यौन अपराधियों का राष्ट्रीय रजिस्टर’ शुरू किया गया।
  • पृष्ठभूमि
  • वर्ष 2012 में नई दिल्ली में घटित निर्भया कांड के बाद इस तरह की रजिस्ट्री शुरू करने का प्रस्ताव पेश किया गया।
  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2016 में 12 प्रतिशत अधिक रेप के मामले प्रकाश में आए।




  • प्रारंभ में इस रजिस्ट्री में देश भर में यौन अपराध के दोषी ठहराए गए लगभग 4.4 लाख लोगों के नाम और उनका विवरण शामिल किया गया है।
  • राष्ट्रीय रजिस्टर में संग्रहित तथ्य
  • संग्रहित डाटाबेस में वर्ष 2005 के बाद यौन अपराध के दोषी पाए गए लोगों से संबंधित जानकारी होगी।
  • डाटाबेस में दोषी का नाम, पता, फोटोग्राफ, फिंगर पि्रंट, डीएनए सैंपल, पैन और आधार नंबर जैसे विवरण शामिल किए गए हैं।
  • डाटाबेस में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, छेड़खानी और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दोषी अपराधियों को शामिल किया गया है।
  • डाटाबेस निगरानी तंत्र
  • डाटाबेस की निगरानी गृह मंत्रालय के अधीन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा की जाएगी।
  • राज्य पुलिस दोषियों के रिकॉर्ड को अपडेट कर रही है या नहीं, इसकी निगरानी (NCRB) करेगी।




  • NCRB द्वारा संग्रहित डेटा की अवधि
  • रजिस्ट्री में ‘कम खतरे’ (Low danger) के रूप में वर्गीकृत लोगों के मामले में 15 वर्ष तक डेटा संग्रहित किया जाएगा।
  • मध्यम खतरे (Moderate danger) के रूप में वर्गीकृत लोगों के मामले में 25 वर्ष तक डेटा संग्रहित किया जाएगा।
  • गंभीर अपराध (हिंसक अपराध, गैंगरेप, कस्टोडियल रेप) करने वालों का डेटा जीवन भर के लिए संग्रहित किया जाएगा।
  • विश्व में भारत की स्थिति
  • भारत यौन उत्पीड़न पर राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने वाला विश्व का 9वां देश बन गया है।
  • यौन उत्पीड़न पर डाटाबेस रखने वाले अन्य देश-अमेरिका, यू.के. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, द. अफ्रीका, त्रिनिदाद और टोबैगो हैं।




  • अमेरिका में इस प्रकार का डाटाबेस आम जनता के लिए उपलब्ध है, जबकि भारत सहित अन्य देशों में यह डाटाबेस ‘जांच और निगरानी’ के उद्देश्य से केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सुलभ है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • ‘‘यौन अपराधियों के राष्ट्रीय रजिस्टर’’, के साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ”Cybercrime.gov.in” नामक पोर्टल लॉन्च किया। जिसके माध्यम से यौन अपराध से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं।