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मानव विकास सूचकांक, 2018

Human Development Report,2018
    • चर्चा में क्यों?
    • 14 सितंबर, 2018 को जारी ‘मानव विकास सूचकांक (Human Development Report), 2018’ में भारत ने पिछले वर्ष की रिपोर्ट की तुलना में एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए 130वां स्थान प्राप्त किया है। इसका स्कोर भी दक्षिण एशियाई औसत से अधिक है।
    • मानव विकास पर बल क्यों?
    • वर्तमान भूमंडलीकृत विश्व  में बहुआयामी विकास की दौड़ हेतु सारी ऊर्जा ‘मानव संसाधन’ की परिधि से ही अभिसरित होती है।




    • संपोषणीय विकास हेतु आज प्रत्येक राष्ट्र अपने विकास में आर्थिक मानदंडों के साथ अन्य पहलुओं के विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रमुखतः मानव संसाधन का विकास है।
    • यहां उल्लेखनीय है कि भारत जनांकिकी लाभांश वाला देश है और यहां आठवीं पंचवर्षीय योजना से ही मानव संसाधन के सृजन व विकास के प्रयास प्रारंभ हैं।
    • मानव विकास सूचकांक 
    • मानव विकास के बहुआयामी पहलुओं पर विश्व का ध्यान आकृष्ट करने तथा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा निर्धारित मानकों के सापेक्ष किए गए प्रयासों एवं प्राप्तियों का एक वैश्विक विश्लेषण प्रस्तुत करने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा वर्ष 1990 से प्रतिवर्ष मानव विकास रिपोर्ट (Human Development Report-HDR) का प्रकाशन किया जा रहा है।
    • इसमें मानव विकास के तीन बुनियादी आयामों (लंबा एवं स्वस्थ जीवन, ज्ञान तक पहुंच तथा जीवन-यापन का एक सभ्य स्तर) द्वारा प्रगति का वैश्विक धरातल पर आकलन किया जाता है।




    • इसका विकास भारतवंशी अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के सहयोग से पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक द्वारा किया गया है।
    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)
    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme-UNDP) समाज के सभी स्तरों पर जनभागीदारी सुनिश्चित करता है, जिससे राष्ट्रों को उनके निर्माण में मदद मिल सके और वे समस्या समाधान में सक्षम बन कर ऐसी वृद्धि हासिल करें जिससे सबके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके और उसे कायम रख सकें।
    • यह 170 से अधिक राष्ट्रों को वैश्विक दृष्टिकोण के साथ स्थानीय जानकारियां उपलब्ध करा कर गरीबी कम करने, आधारभूत ढांचे का विकास तथा प्रजातांत्रिक प्रशासन को प्रोत्साहित करने हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ का एक वैश्विक नेटवर्क है।
    • इसकी स्थापना वर्ष 1964 में न्यूयॉर्क (मुख्यालय) में हुई थी।
    • HDR, 2018 के महत्वपूर्ण तथ्य
    • जन कल्याण की स्थिति में व्यापक असमानताएं मानव विकास की सतत प्रगति पर विपरीत असर डालती हैं।
    • मानव विकास निम्नतम देशों के निवासियों की तुलना में उच्चतम स्तर वाले देशों के निवासी 19 वर्ष अधिक जीते हैं और स्कूल में 7 वर्ष अधिक व्यतीत करते हैं।
    • वर्ष 2017 के आंकड़ों पर आधारित ‘मानव विकास रिपोर्ट, 2018’ 14 सितंबर, 2018 को जारी की गई।
    • HDR, 2018 में 189 देशों को शामिल किया गया है।
    • HDR, 2018 में 0.953 HDI मूल्य के साथ नॉर्वे प्रथम स्थान पर है।
    • नॉर्वे के पश्चात स्विट्जरलैंड (0.944), ऑस्ट्रेलिया (0.939), आयरलैंड (0.938) तथा जर्मनी (0.936) सर्वोच्च पायदान वाले 5 राष्ट्र हैं।
    • HDR, 2018 में अंतिम पायदान (189वां स्थान) पर 0.354 HDI मूल्य के साथ अफ्रीकी देश नाइजर है।
    • नाइजर से बेहतर क्रमिक रूप में मध्य अफ्रीकी गणराज्य (0.367), दक्षिण सूडान (0.388), चाड (0.404) तथा बुरुंडी (0.417) निम्नतम पांच पायदान पर हैं।
    • भारत का HDI मूल्य 0.640 है तथा यह 130वें पायदान पर है।
    • भारत को मध्यम मानव विकास की श्रेणी में रखा गया है।




  • वर्ष 1990 से 2017 के मध्य भारत के HDI मान में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • वर्ष 1990 से 2017 के मध्य भारत में जीवन प्रत्याशा लगभग 11 वर्ष बढ़ी है।
  • वर्ष 1990 से 2017 के मध्य भारत की सकल राष्ट्रीय आय (GNI) प्रति व्यक्ति 266.6 प्रतिशत बढ़ी है।
  • भारत का HDI मान (0.640) दक्षिण एशियाई औसत (0.638) से अधिक है।
  • असमानताओं के कारण भारत के HDI मान में 26.8 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है, जो दक्षिण एशियाई क्षेत्र के औसत कमी (26.1 प्रतिशत) के संदर्भ में अधिक है।
  • रिपोर्ट में असमानता को भारत के लिए प्रमुख चुनौती माना गया है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार तथा राज्य सरकारों ने अपने सामाजिक नीतिगत व योजनागत उपायों से आर्थिक विकास के लाभ को साझा करने के प्रयास सुनिश्चित किए हैं।
  • इस रिपोर्ट में जेंडर इनइक्वेलिटी इंडेक्स में भारत को 160 देशों में 127वां स्थान प्राप्त हुआ है।
  • भारत के पड़ोसी देशों में श्रीलंका (76वां), चीन (86वां) व मालदीव (101वां स्थान) की स्थिति भारत से बेहतर है।
  • जबकि भूटान (134वां), बांग्लादेश (136वां), नेपाल (149वां) तथा पाकिस्तान (150वां स्थान) की स्थिति भारत से बदतर है।
  • एशियाई देशों में सर्वोच्च रैंक हांगकांग (7वां) को प्राप्त हुई है, उसके पश्चात सिंगापुर (9वां) का स्थान है।
  • मार्शल आइलैंड को पहली बार शामिल किया गया है।
  • भारत में जीवन प्रत्याशा – 68.8 वर्ष
  • भारत में विद्यालय जाने के अनुमानित वर्ष – 12.3 वर्ष
  • भारत में प्रतिव्यक्ति आय (2011 पीपीपी) – 6353 डॉलर
  • भारत में लैंगिक विकास सूचकांक – 0.841
  • भारत में गरीबी – 42.9 प्रतिशत
  • HDR, 2018 और दक्षिण एशिया
  • विकासशील क्षेत्रों में दक्षिण एशिया में मानव विकास सूचकांक की वृद्धि सर्वाधिक रही है। वर्ष 1990 से यहां 45.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • इसी अवधि में जीवन प्रत्याशा में 10.8 वर्ष की वृद्धि हुई है।
  • स्कूल अवधि में 21 वर्षों की वृद्धि दर्ज हुई है।
  • परंतु असमानताओं के कारण मानव विकास में 26 प्रतिशत की क्षति भी हुई है। पुरुष व महिलाओं के मध्य मानव विकास सूचकांक में 16.3 प्रतिशत का सर्वाधिक व्यापक अंतर भी यहीी है।
  • भारत द्वारा सुधार
  • विगत वर्ष की तुलना में एक पायदान का उत्कर्ष एवं वर्ष 1990 से 2017 के मध्य मानव विकास में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि लाखों लोगों को गरीबी के दलदल से निकालने की भारत की उल्लेखनीय उपलब्धि का संकेतक है।
  • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) इंडिया के कंट्री निदेशक फ्रांसिन पिकअप ने HDI में सुधार के पीछे केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मेक इन इंडिया आदि की चर्चा की है।
  • विभिन्न गरीबी उन्मूलन एवं मानव विकास योजनाओं के कारण भारत की स्थिति में सुधार दृष्टिगत है।

लेखक-सौरभ पाण्डेय