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भोपाल मेट्रो रेल परियोजना

Bhopal Metro Rail Project
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 3 अक्टूबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भोपाल मेट्रो रेल परियोजना’ को मंजूरी प्रदान की। इस परियोजना के अंतर्गत दो रेल गलियारों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 27.87 किमी. होगी।
  • पृष्ठभूमि
  • किसी देश की तरक्की में यातायात व्यवस्था का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। दिन-ब-दिन बढ़ती आबादी एवं उसी अनुपात में बढ़ती मोटर गाड़ियां आम जन-जीवन के लिए दानवाकार रूप धारण करती जा रही हैं, जो न केवल मानव बल्कि पर्यावरण को भी अत्यधिक क्षति पहुंचा रही हैं। अतः यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना वर्तमान समय की एक प्रमुख मांग है। इस कड़ी में मेट्रो रेल का संचालन यातायात व्यवस्था हेतु एक अहम प्रणाली साबित होगी।
  • संबंधित तथ्य
  • परियोजना के तहत पहली मेट्रो रेल लाइन करोंद सर्कल से एम्स (भोपाल) के बीच मेट्रो लाइन बनाया जाएगा, जिसका ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) होगा। इस रेलमार्ग की लंबाई 14.99 किमी. होगी। इस मार्ग पर 16 स्टेशन (14 जमीन से ऊपर तथा 2 भूमिगत) होंगे।
  • परियोजना के तहत दूसरी मेट्रो रेल लाइन भदभदा चौराहे से रत्नागिरि तिराहे के बीच बनाया जाएगा, जिसका सभी हिस्सा जमीन से ऊपर होगा। इस रेलमार्ग की कुल लंबाई 12.88 किमी. होगी।
  • पहली रेल लाइन जहां शहर के मध्य भाग से गुजरेगी तथा घनी आबादी वाले इलाकों को बस अड्डे, रेलवे स्टेशनों तथा एम्स से जोड़ेगी, वहीं दूसरी रेल लाइन भोपाल के पास निर्माणाधीन स्मार्ट शहर के इलाकों को बीएफआईईएल और उसके आस-पास के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगी।
  • इस परियोजना पर अनुमानतः 6941.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
  • इस परियोजना चार वर्ष में पूरी होगी।
  • परियोजना को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के नाम से एक अलग कंपनी का गठन किया गया है।
  • भोपाल मेट्रो के लिए वित्त पोषण केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से समान आधार पर किया जाएगा।
  • परियोजना के लिए मैसर्स डीबी इंजीनियरिंग एंड कन्सटिंग जीएनबीएच तथा मैसर्स लुइस बरजर एसएएस मैसर्स जियो डेटा इंजीनियरिंग कंपनियों के समूह को सलाहकार कंपनी बनाया गया है।
  • इस मेट्रो रेल परियोजना से भोपाल की 23 लाख की घनी आबादी वाला क्षेत्र प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित होगा। आस-पास के इलाकों को भी इस परियोजना से काफी लाभ होगा।
  • यह मेट्रो रेल परियोजना पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगी।
  • उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भोपाल मेट्रो परियोजना के साथ-साथ इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को भी मंजूरी प्रदान की है।
  • अन्य तथ्य
  • विश्व की पहली मेट्रो रेल 10 मई, 1963 को लंदन में चली थी।
  • भारत में सबसे पहले मेट्रो रेल की शुरुआत वर्ष 1984 में कलकत्ता से हुई थी।
  • वर्तमान में भारत में दिल्ली, कोलकाता, गुरुग्राम, मुंबई, चेन्नई, बंगलुरू, जयपुर, लखनऊ और हैदराबाद में मेट्रो रेल चल रही है, जबकि कोच्ची, नवीं मुंबई, नागपुर, लखनऊ (विस्तार किया जा रहा है), अहमदाबाद, गांधीनगर और नोएडा में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • भविष्य में कानपुर, मेरठ, पटना, विजयवाड़ा, तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी और चंडीगढ़ आदि शहरों में मेट्रो रेल चलाने का उद्देश्य रखा गया है।
  • भारत में मेट्रो रेल की शुरुआत और इसका विकास ‘मेट्रो मैन’ के नाम से विख्यात ‘ई. श्रीधरन’ ने किया।

लेखक-प्रकाश सी. पाण्डेय