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भारत-पश्चिमी अफ्रीका क्षेत्रीय सम्मेलन

Indo-Western Africa Regional Conference
    • वर्तमान परिदृश्य
    • 8 – 9 अक्टूबर, 2018 के मध्य अबूजा, नाइजीरिया में भारत और पश्चिमी अफ्रीकी देशों के संगठन इकोवॉस (ECOWAS) के मध्य परियोजना साझेदारी पर सम्मेलन आयोजित हुआ।
    • गौरतलब है कि इकोवॉस, इकोनॉमिक कम्युनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स का संक्षिप्त रूप है।
    • इकोवॉस के 15 पश्चिम अफ्रीकी सदस्य देश यथा- बेनिन, बुर्किना फासो, कोटे डी वोर, केप वर्दे, घाना, गुयाना, गुयना-बिसाउ, लाइबेरिया, माली, नाइजर, नाइजीरिया, सेनेगल, सियरा लियोन, द गाम्बिया और टोगो हैं।
    • सम्मेलन के आयोजनकर्ता
    • इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय आयात-निर्यात बैंक (Exim Bank) और इकोवॉस कमीशन के सहयोग से किया।





    • सम्मेलन के प्रतिभागी
    • भारतीय उद्योग परिसंघ की ओर से 70 से अधिक प्रतिनिधियों ने इयॉन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा के नेतृत्व में इस सम्मेलन में शिरकत की।
    • इस सम्मेलन में 300 से अधिक भारतीय और अफ्रीकी उद्योग के नेताओं और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया।
    • भारत सरकार की ओर से वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सी.आर. चौधरी, विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर सम्मेलन में शामिल हुए।
    • इनके अतिरिक्त इकोवॉस कमीशन के अध्यक्ष जीन-क्लाउड कासी ब्रोयू, नाइजीरिया के उद्योग, व्यापार एवं निवेश मंत्री डॉ. ओके चुकु एनालामा ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
    • इकोवॉस के सदस्य देशों की ओर से माली, लाइबेरिया, नाइजर, केप वर्दे, सियरा लियोन और घाना के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रियों ने सम्मेलन में शिरकत की।




    • सम्मेलन के कार्यक्रम एवं समझौताज्ञापन
    • सम्मेलन के दौरान भारतीय उद्योग परिसंघ एवं इकोवॉस कमीशन के मध्य समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
    • नाइजीरिया में भारतीय निवेश बढ़ाने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ और नाइजीरिया के निवेश संवर्धन आयोग (Investment Promotion Commission) के मध्य समझौता-ज्ञापन हस्ताक्षरित हुए।
    • इसके साथ ही फेडरेशन ऑफ वेस्ट अफ्रीका चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय उद्योग परिसंघ के मध्य भी समझौता-ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।
    • इस दौरान 500 के करीब परियोजनाओं पर सहयोग वार्ता की गई।
    • सम्मेलन में भारतीय और पश्चिम अफ्रीकी देशों के मंत्रियों एवं उद्योग क्षेत्रों के नेताओं ने भविष्य के व्यापार एवं निवेश के क्षेत्रों यथा- खनन, विनिर्माण, विद्युत, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा के क्षेत्र जैसे हाइड्रोकार्बन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, यातायात एवं निर्माण की पहचान की।
    • गौरतलब है भारत ने पश्चिम अफ्रीकी देशों को भारत में निर्यात बढ़ाने हेतु ड्यूटी-फ्री टैरिफ प्रिफरेंस (डीएफटीपी) योजना का शुभारंभ किया है।
    • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • गौरतलब है कि पश्चिम अफ्रीकी देशों की आबादी 370 मिलियन है। यह क्षेत्र गरीबी और भुखमरी से जूझ रहा है।




  • भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीका के साथ मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए मांग अनुसार (Demand-Driven) और विकास साझेदारी (Development Partnership) पर आधारित 10 सूत्री सिद्धांतों पर जोर दिया है।
  • उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रधानमंत्री ने जुलाई, 2018 में अफ्रीकी महाद्वीप के तीन देशों की यात्रा के दौरान पश्चिम अफ्रीका सहित पूरे अफ्रीका में 18 निवासी मिशनों (Resident Missions) को स्थापित करने की घोषणा की थी।
  • वर्तमान में भारत और पश्चिमी अफ्रीकी देशों का द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) लगभग 22 बिलियन डॉलर है, जिसके आगामी  3 से 4 वर्षों में दोगुना होने की संभावना है।
  • ध्यातव्य है कि भारत सरकार ने पश्चिम अफ्रीकी देशों (ECOWAS Region) को 10 मिलियन डॉलर राशि की मदद का आश्वासन दिया है, जिसमें से 2 बिलियन डॉलर की राशि अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन की ओर से सौर परियोजनाओं (Solar Projects) के लिए निर्धारित है।

लेखक-धीरेंद्र त्रिपाठी