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भारत-जर्मनी के बीच पर्यावरण अनुकूल शहरी गतिशीलता समझौता

Environment friendly urban mobility agreement between India and Germany

भारत और जर्मनी के संबंध मजबूत और मित्रतापूर्ण है। ये मुख्यतः व्यापार, तकनीकी शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित हैं। यूरोप में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। पिछले वर्ष भारत और जर्मनी  के बीच 17.42 अरब यूरो का व्यापार हुआ। जर्मनी और भारत वर्ष 2000 से रणनीतिक भागीदार हैं। भारत में जर्मनी की 1600 कंपनियां कार्यरत हैं। जर्मनी-भारत के मेक-इन इंडिया, स्किल इंडिया सहित कई परियोजनाओं पर सहयोग कर रहा है।

  • 9 दिसंबर, 2017 को भारत-जर्मनी के बीच पर्यावरण अनुकूल शहरी गतिशीलता III परियोजना हेतु 200 मिलियन यूरो की राशि ऋण के रूप में वित्तीय सहायता के लिए तथा चार अन्य परियोजनाओं के लिए अनुदान के रूप में 11 मिलियन यूरो देने हेतु समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • इस समझौते पर भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. मार्टिन नेय और भारत के वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव एस. सेल्वाकुमार ने हस्ताक्षर किए।
  • समझौते का भाग- 1 मई, 2017 में हस्तांतरित किया जा चुका है।
  • इसके अतिरिक्त भारत-जर्मनी द्विपक्षीय विकास सहयोग के अंतर्गत निम्नलिखित ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • समुदाय आधारित सतत वन प्रबंधन घटक-1 मणिपुर के लिए 15 मिलियन यूरो ऋण समझौते पर हस्ताक्षर।
  • इसके अंतर्गत परियोजना का विस्तृत उद्देश्य जलग्रहण वाले ऊपरी क्षेत्रों में नष्ट हो चुके जंगलों को पुनर्स्थापित करना, छोड़े गए  कृषि क्षेत्रों में भूमि सुधार, जैवविविधता संरक्षण, जल संसाधन संरक्षण और परियोजना वाले क्षेत्रों में वनों आश्रित ग्रामीण जनजातीय लोगों की आजीविका में सुधार करना है।
  • मध्य प्रदेश शहरी स्वच्छता और पर्यावरण कार्यक्रम परियोजना हेतु कम ब्याज दर पर 50 मिलियन यूरो ऋण और 2.5 मिलियन यूरो के अनुदान हेतु समझौता।
  • इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश में चयनित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति, स्वच्छता और सीवरेज शोधन संयंत्र की सुविधा में सुधार, बाढ़ के पानी को कम करने हेतु जमीनी निकासी प्रणाली में सुधार करना है।
  • ‘निरंतर शहरी बुनियादी ढांचा विकास ओडिशा चरण II’ परियोजना हेतु कम ब्याज दर पर 55 मिलियन यूरो के ऋण और 2 मिलियन यूरो के अनुदान हेतु समझौता।
  • परियोजना का मूल उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर उसमें सुधार करना है।
  • ओडिशा राज्य में शहरी बुनियादी ढ़ाचे में सुधार करना तथा लोगों को बेहतर जीवन-प्रदान करना है।
  • ‘महाराष्ट्र में हरित ऊर्जा गलियारा-अंतर्राज्यीय पारेषण प्रणाली’ परियोजना हेतु कम ब्याज दर पर 12 मिलियन यूरो के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर।
  • उद्देश्य-नवीकरणीय ऊर्जा ले जाने के लिए पारेषण प्रणाली स्थापित करना है।