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बीबीआईएन मोटर वाहन समझौता

  • पृष्ठभूमि
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा नवंबर, 2014 में काठमांडू (नेपाल) में सार्क (SAARC : South Asian Association for Regional Co-operation) सम्मेलन (26-27 नवंबर, 2014) के दौरान सार्क मोटर वाहन समझौते पर हस्ताक्षर एवं अनुमोदन को स्वीकृति प्रदान की थी। किंतु, पाकिस्तान के विरोध के कारण सार्क सम्मेलन में समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया जा सका। उक्त सम्मेलन के दौरान सार्क घोषणा-पत्र में संपर्क को बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय संपर्क उपायों की शुरुआत के लिए सदस्य देशों को प्रोत्साहित किया गया था। तदनुसार, यह उपयुक्त समझा गया कि बांग्लादेश, भूटान, भारत एवं नेपाल (BBIN) के मध्य एक उपक्षेत्रीय मोटर वाहन समझौते को आगे बढ़ाया जा सकता है।
  • बीबीआईएन मोटर वाहन समझौता
  • 15 जून, 2015 को थिम्पू (भूटान) में संपन्न बांग्लादेश, भूटान, भारत एवं नेपाल के परिवहन मंत्रियों की बैठक में ‘बीबीआईएन मोटर वाहन समझौते’ पर हस्ताक्षर किया गया था।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 जून, 2015 को बीबीआईएन मोटर वाहन समझौते पर हस्ताक्षर को स्वीकृति दी थी।
  • समझौते के कार्यान्वयन पर आने वाले खर्च का वहन प्रत्येक पक्ष द्वारा स्वयं किया जाएगा।
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 10-11 जनवरी, 2017 के मध्य बंगलुरू में बांग्लादेश, भारत एवं नेपाल के उच्चस्तरीय अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई।
  • बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भूटान का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ।
  • बैठक में बांग्लादेश, भारत एवं नेपाल ने बीबीआईएन मोटर वाहन समझौते के तहत उप-क्षेत्र में यात्री वाहन आवागमन हेतु परिचालनगत प्रक्रियाओं के मूल विषय पर सहमति व्यक्त की।
  • इसके अलावा जल्द ही यात्री प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर के लिए आंतरिक मंजूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने पर सहमति व्यक्त की गई।
  • साथ ही इस समझौते के तहत कार्गो वाहनों के लिए और अधिक ट्रायल रन (Trial Runs) संचालित करने पर सहमति व्यक्त की गई।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • समझौते के तहत कार्गो वाहनों के लिए ट्रायल रन का परिचालन पहले ही ‘कोलकाता-ढाका-अगरतला’ और ‘दिल्ली-कोलकाता-ढाका’ मार्ग से किया गया था।
  • बांग्लादेश-भारत-नेपाल ने पहले ही समझौते की अभिपुष्टि कर दी है और तीनों हस्ताक्षरकर्ता देशों के मध्य समझौते के कार्यान्वयन पर सहमति व्यक्त की गई है।
  • भूटान इस समझौते की पुष्टि करने के बाद इसमें शामिल हुआ।
  • लाभ
  • समझौते से बांग्लादेश, भूटान, भारत एवं नेपाल उप-क्षेत्र में सड़क यातायात सुरक्षित, आर्थिक एवं पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल होगा।
  • साथ ही प्रत्येक देश क्षेत्रीय समन्वय को स्थापित करने की दिशा में एक संस्थागत प्रक्रिया का सृजन करने में सक्षम होगा।
  • यात्रियों एवं वस्तुओं की सीमा पार द्विपक्षीय आवागमन से इन देशों को लाभ प्राप्त होगा और इस क्षेत्र का संपूर्ण आर्थिक विकास हो सकेगा।
  • उक्त चारों देशों की सीमाओं में यात्रियों एवं वस्तुओं का अबाधित आवागमन का लाभ यहां के निवासियों को प्राप्त होगा।

लेखक -नीरज ओझा