Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

बच्चों में अधिक भार एवं मोटापा से निपटने हेतु दिशा-निर्देश

Guidelines for overloading and obesity in children

बच्चों एवं किशोरों की मोटापे की वैश्विक महामारी अल्पपोषण वाले देशों समेत सभी विश्व क्षेत्रों को प्रभावित करती है। वर्ष 2016 में 155 मिलियन बच्चे बौने (Stunting) से प्रभावित थे और 52 मिलियन बच्चे कमजोर (Wasted) थे, जबकि 41 मिलियन बच्चे अधिक भार (Over Weight) वाले थे। लगभग 20 प्रतिशत बाल मृत्यु अभी भी कुपोषण से संबंधित है। अधिक भार या मोटापे का बच्चे या किशोर के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बच्चों में अधिक भार एवं मोटापा (Obesity) से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए।

  • 4 अक्टूबर, 2017 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा ‘कुपोषण के दोहरे मार के संदर्भ में अधिक भार एवं मोटापा (Over Weight and Obesity) रोकने हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर बच्चों का मूल्यांकन एवं प्रबंधन’ दिशा-निर्देश जारी किया गया।
  • दिशा-निर्देश का उद्देश्य प्राथमिक देखभाल केंद्रों पर शिशुओं एवं बच्चों के समुचित मूल्यांकन एवं प्रबंधन पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है ताकि बच्चों में अधिक भार एवं मोटापा का जोखिम कम किया जा सके।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर आने वाले 5 वर्ष से कम के शिशुओं एवं बच्चों का भार एवं लंबाई/ऊंचाई दोनों मापी जानी चाहिए जिससे कि ‘लंबाई/ऊंचाई-हेतु-भार’ (Weight-for Length/Height) निर्धारित की जा सके और ‘डब्लूएचओ बाल विकास मानकों’ के अनुरूप पोषण स्तर को वर्गीकृत किया जा सके।
  • 5 वर्ष से कम आयु के शिशुओं एवं बच्चों के परिपालकों (Caregivers) एवं परिवारों को सामान्य पोषण परामर्श दिया जाना चाहिए जिसमें 6 माह तक विशेष स्तनपान और 24 माह या इससे अधिक निरंतर स्तनपान हेतु समर्थन एवं प्रोत्साहन शामिल हो।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा 5 वर्ष से कम उम्र के अधिक भार वाले बच्चों के परिपालकों को पोषण परामर्श दिया जाना चाहिए।
  • स्वास्थ्य कर्मचारियों को 5 वर्ष से कम उम्र के अधिक भार वाले बच्चों के परिपालकों को शारीरिक गतिविधि पर परामर्श दिया जाना चाहिए।
  • प्राथमिक देखभाल केंद्रों पर मोटे बच्चे के रूप में चिह्नित 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का आकलन किया जाना चाहिए और उपयुक्त प्रबंधन योजना विकसित की जानी चाहिए।
  • यह कार्य पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर या सम्प्रेषण चिकित्सालय (Referral Clinic) या स्थानीय अस्पताल में किया जा सकता है।

लेखक-नीरज ओझा